डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@Deva_Singhh)

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप का बड़ा प्रचार अभियान,पाँच राज्यों के मतदाताओं से फोन पर की वोट की अपील

वाशिंगटन,3 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका में मिडटर्म चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में व्यापक प्रचार अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में उन्होंने टेलीफोन के जरिए पाँच राज्यों के मतदाताओं को संबोधित किया और उनसे रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। ट्रंप ने जॉर्जिया, इंडियाना, दक्षिण कैरोलिना, अलास्का और न्यूयॉर्क के मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाया। उन्होंने इन चुनावों को न केवल रिपब्लिकन पार्टी के भविष्य, बल्कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल और सरकार की नीतियों के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।

अपने संबोधनों में ट्रंप ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि रिपब्लिकन उम्मीदवारों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला तो उनकी सरकार की ओर से लागू की गई कई नीतियों को बदला जा सकता है। ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर कर व्यवस्था, अवैध आव्रजन, सीमा सुरक्षा और हथियार रखने के अधिकार जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उनका कहना था कि रिपब्लिकन उम्मीदवारों की जीत से उनकी सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दक्षिण कैरोलिना के मतदाताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने विशेष अंदाज में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा, ”बाहर निकलकर वोट करें और ऐसे समझें जैसे मैं भी चुनाव मैदान में हूँ।” उन्होंने दावा किया कि जब उनका नाम चुनाव में शामिल होता है तो मतदान प्रतिशत बढ़ जाता है। हालांकि, अपने इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई आँकड़ा प्रस्तुत नहीं किया। ट्रंप के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल तैयार करना है,जहाँ चुनावी मुकाबला पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जॉर्जिया के मतदाताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने सीनेट चुनाव के लिए माइक कॉलिन्स और गवर्नर पद के लिए रिक जैक्सन का समर्थन किया। उन्होंने मतदाताओं से दोनों उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की। इस दौरान ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन उम्मीदवारों की जीत से उनकी सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ट्रंप ने अपने संबोधन में यह संदेश देने की कोशिश की कि मिडटर्म चुनाव केवल स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनने तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इनका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। उनके अनुसार, यदि कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति मजबूत रहती है तो सरकार को अपने प्रस्तावित कार्यक्रमों और नीतियों को लागू करने में आसानी होगी।

इंडियाना में ट्रंप ने पाँचवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार विक्टोरिया स्पार्ट्ज का समर्थन किया। उन्होंने उनकी कर नीतियों और सीमा सुरक्षा से जुड़े रुख की प्रशंसा की। ट्रंप ने दावा किया कि स्पार्ट्ज ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 20 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि उपलब्ध कराने में मदद की है।

इसके साथ ही उन्होंने स्पार्ट्ज के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जेडी फोर्ड पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कर व्यवस्था, आव्रजन और बंदूक रखने के अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उनके संबोधन में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं और सीमा सुरक्षा को प्रमुख मुद्दों के रूप में पेश किया गया।

दक्षिण कैरोलिना में ट्रंप ने सीनेट चुनाव के लिए डार्लिन ग्राहम और गवर्नर पद के लिए एलन विल्सन का समर्थन किया। उन्होंने एलन विल्सन के अटॉर्नी जनरल के रूप में किए गए काम की तारीफ की और दावा किया कि यदि वह राज्य के गवर्नर बनते हैं तो वहां आयकर समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

ट्रंप ने अपने संबोधन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों पर बंदूक रखने के संवैधानिक अधिकार को कमजोर करने और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को भी उठाया और अपने राजनीतिक विरोधियों की नीतियों की आलोचना की। इस तरह उन्होंने राज्य के चुनावी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चल रही राजनीतिक बहस से जोड़ने का प्रयास किया।

ट्रंप ने मतदाताओं को यह भी याद दिलाया कि चुनाव में उनकी पार्टी की स्थिति मजबूत रहना उनके प्रशासन के लिए जरूरी है। उन्होंने समर्थकों से मतदान के दिन घरों से बाहर निकलने और रिपब्लिकन उम्मीदवारों को समर्थन देने का आग्रह किया।

अलास्का के मतदाताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने सीनेटर डैन सुलिवन और कांग्रेस सदस्य निक बेगिच को दोबारा चुनने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने गवर्नर पद के लिए बर्नाडेट विल्सन का समर्थन किया। उन्होंने अलास्का में एक अन्य उम्मीदवार का जिक्र करते हुए मतदाताओं को सावधान किया कि समान नाम होने के कारण मतदान के दौरान भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

ट्रंप ने अलास्का में मतपत्र पर शामिल एक प्रस्ताव का भी समर्थन किया। उन्होंने इसे रैंक्ड-चॉइस वोटिंग व्यवस्था को समाप्त करने से जुड़ा प्रस्ताव बताया। इस व्यवस्था में मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में चुन सकते हैं। ट्रंप ने इसे बदलने के पक्ष में अपनी बात रखी और मतदाताओं से संबंधित प्रस्ताव पर समर्थन देने की अपील की।

इसके साथ ही उन्होंने डैन सुलिवन और निक बेगिच को राज्य में तेल,गैस तथा बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का श्रेय दिया। ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं अलास्का के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। उनके संबोधन में ऊर्जा उत्पादन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्रमुखता दी गई।

न्यूयॉर्क के मतदाताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने माइक लॉलर, माइक लिपेट्री और जीनिन ड्रिस्कॉल के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने इन तीनों उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात कही और विशेष रूप से माइक लॉलर के साथ अपने राजनीतिक सहयोग का उल्लेख किया।

ट्रंप ने राज्य और स्थानीय करों से जुड़ी संघीय कर कटौती के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। इस व्यवस्था को अमेरिका में एसएएलटी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान से न्यूयॉर्क के करदाताओं को लाभ मिल सकता है। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, ”बाहर निकलें और माइक लॉलर, माइक लिपेट्री तथा जीनिन ड्रिस्कॉल को वोट दें। ये शानदार लोग हैं।”

न्यूयॉर्क में करों का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा है। ट्रंप ने इसी मुद्दे के जरिए मतदाताओं को रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन के लिए प्रेरित करने की कोशिश की। उन्होंने संकेत दिया कि करों में राहत देने से जुड़े फैसले राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

न्यूयॉर्क के मतदाताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने घरेलू चुनावी मुद्दों के अलावा विदेश नीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। ट्रंप ने दावा किया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।

उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था। इसके साथ ही ट्रंप ने भविष्य में तेल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना भी जताई। हालाँकि,उन्होंने इस अनुमान के समर्थन में कोई स्वतंत्र आर्थिक आकलन या विस्तृत आँकड़ा पेश नहीं किया।

उनके इस बयान से स्पष्ट हुआ कि चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप घरेलू आर्थिक मुद्दों के साथ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मतदाताओं के सामने प्रमुखता से रख रहे हैं।

अमेरिका में राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच, यानी कार्यकाल के दूसरे वर्ष में होने वाले चुनावों को मिडटर्म चुनाव कहा जाता है। इन चुनावों में राष्ट्रपति का पद सीधे तौर पर मतपत्र पर नहीं होता,लेकिन इनके परिणाम राष्ट्रपति और उनकी पार्टी की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

मिडटर्म चुनाव के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान होता है, जबकि सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव कराए जाते हैं। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में गवर्नर,राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के कई पदों के लिए भी मतदान होता है।

इन चुनावों का सबसे बड़ा महत्व अमेरिकी कांग्रेस की राजनीतिक संरचना से जुड़ा होता है। यदि राष्ट्रपति की पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपना बहुमत बनाए रखने में सफल रहती है तो सरकार को कानून बनाने,बजट पारित कराने और अपने नीतिगत प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में अपेक्षाकृत आसानी हो सकती है। वहीं, यदि विपक्षी पार्टी इनमें से किसी सदन में बहुमत हासिल कर लेती है,तो राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे के सामने चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।

ऐसी स्थिति में बजट,कर नीतियों,आव्रजन सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर राजनीतिक मतभेद सामने आ सकते हैं। कांग्रेस में विपक्ष की मजबूत स्थिति होने पर सरकार के फैसलों की निगरानी और जाँच की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावशाली हो सकती है।

यही वजह है कि ट्रंप मिडटर्म चुनाव को अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की नीतियों से जोड़कर देख रहे हैं। पाँच राज्यों के मतदाताओं को फोन के जरिए संबोधित करना और अलग-अलग क्षेत्रों के उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाना इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने अपने संदेश में बार-बार यह संकेत दिया कि इन चुनावों के परिणाम उनकी सरकार की आगे की कार्ययोजना को प्रभावित कर सकते हैं।

कुल मिलाकर,ट्रंप का पाँच राज्यों में टेलीफोन के जरिए चलाया गया प्रचार अभियान रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश है। करों में राहत, सीमा सुरक्षा, आव्रजन, बंदूक रखने का अधिकार, ऊर्जा परियोजनाएँ और विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाकर उन्होंने मतदाताओं को अपने प्रशासन के एजेंडे से जोड़ने का प्रयास किया है। अब चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति कैसी रहती है और ट्रंप प्रशासन को अपने शेष कार्यकाल में नीतिगत फैसले लेने के लिए कितना राजनीतिक समर्थन मिलता है।