पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही,मृतकों की संख्या 188 पहुँचीं (तस्वीर क्रेडिट@bbcnasrpskom)

पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही,मृतकों की संख्या 188 पहुँचीं; 1,677 घायल

बोगोटा,12 अगस्त (युआईटीवी)- पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। भूकंप के बाद लगातार सामने आ रही जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 188 हो गई है,जबकि 1,677 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान काली शहर और पेरेइरा में हुआ है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से मलबे में फँसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुँचाने का अभियान जारी है।

कोलंबियाई राजधानी शहरों के संघ के अनुसार,कुल मृतकों में से 95 लोगों की मौत काली शहर में हुई है,जबकि यहाँ 997 लोग घायल हुए हैं। वहीं पेरेइरा में 79 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 278 लोग घायल बताए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप से प्रभावित अन्य इलाकों से भी लगातार नुकसान और हताहतों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे में मृतकों और घायलों की संख्या में आगे भी बदलाव होने की आशंका बनी हुई है।

भूकंप के कारण बड़ी संख्या में मकानों और अन्य बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है। कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने इससे पहले बताया था कि देश में 1,575 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई स्थानों पर इमारतों में दरारें आने और ढाँचे के कमजोर होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा छह हवाई अड्डों का बुनियादी ढाँचा भी भूकंप से प्रभावित हुआ है। सुरक्षा कारणों से इन हवाई अड्डों से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने और लोगों की आवाजाही की चुनौती भी बढ़ गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोलंबियाई सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय आपदा की घोषणा कर दी थी। इसके बाद विभिन्न सरकारी एजेंसियों,स्थानीय प्रशासन और राहत दलों को बचाव कार्य में लगाया गया। प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने, घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और जरूरतमंद लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से भी सतर्क रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की गई है।

कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक,भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर आया था। इसका केंद्र चोको विभाग के सैन जोस देल पाल्मार के पास बताया गया है। भूकंप की गहराई करीब 96 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के तेज झटकों का असर पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में महसूस किया गया। झटकों के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग खुले स्थानों की ओर भागते नजर आए।

भूकंप के बाद कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्विस प्रभावित विभागों की राजधानियों के प्रशासन के लगातार संपर्क में है। स्थानीय मेयरों और उनकी टीमों से स्थिति की जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य नुकसान का विस्तृत आकलन करने के साथ-साथ उन इलाकों की पहचान करना है,जहाँ राहत और चिकित्सा सहायता की सबसे ज्यादा जरूरत है। बचाव एजेंसियाँ उन स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही हैं,जहाँ लोगों के मलबे में फँसे होने की आशंका है।

भूकंप के कारण कई परिवारों के सामने रहने और जरूरी सुविधाओं का संकट भी खड़ा हो गया है। क्षतिग्रस्त मकानों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की जरूरत पड़ रही है। प्रशासन राहत शिविरों और आवश्यक सेवाओं को व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है। अस्पतालों में भी घायलों के उपचार के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस प्राकृतिक आपदा पर दुनिया के कई देशों ने कोलंबिया के साथ एकजुटता जताई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में फ्रांस कोलंबिया की जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने बचाव और राहत कार्यों में जुटे दलों के साहस की भी सराहना की। उनका कहना था कि इस कठिन समय में कोलंबिया फ्रांस की दोस्ती और समर्थन पर भरोसा कर सकता है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी कोलंबिया के लोगों के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने भूकंप से प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता जताते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसी भी इंसान की जान जाना बेहद दुखद है और इस कठिन समय में कोलंबिया के लोगों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा होना चाहिए।

कोलंबिया में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फँसे लोगों तक पहुँचने और घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की है। अधिकारियों की टीमें लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं और प्रभावित इलाकों से नई जानकारी जुटाई जा रही है। भूकंप की भयावहता को देखते हुए आने वाले घंटों में राहत अभियान और तेज किए जाने की संभावना है। मृतकों और घायलों की संख्या के ताजा आँकड़े सामने आने के साथ आपदा के वास्तविक प्रभाव की तस्वीर भी धीरे-धीरे स्पष्ट होगी।