काठमांडू,16 सितंबर (युआईटीवी)- नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल “प्रचंड” 22 सितंबर को चीन की यात्रा पर जाएँगे । बताया जा रहा है,कि यह उनकी आधिकारिक यात्रा है। प्रधानमंत्री प्रचंड चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे और कई अन्य शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात करने की संभावना है।
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल “प्रचंड” ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78 वें सत्र में हिस्सा लेने के बाद वे हांगझाऊ शहर,चीन के लिए रवाना हो जाएँगे।
नेपाल और चीन के मध्य बहुत लंबे समय से अच्छे और नजदीकी संबंध रहे हैं और हाल के समय में यह संबंध और भी गहरे हो गए हैं। नेपाल के विकास में चीन ने काफी सहयोग किया है।
नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड प्रधानमंत्री के रूप में पहले भी चीन की यात्रा कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने 2008 और 2017 में भी प्रधानमंत्री के रूप में पड़ोसी देश चीन जा चुके हैं। यह उनकी तीसरी यात्रा होगी। प्रधानमंत्री प्रचंड ने इस यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि इस यात्रा से नेपाल और चीन के बीच संबंध और भी ज्यादा मजबूत और गहरे होंगे।

चीन के हांगझाऊ शहर में नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। साथ ही साथ 23 सितंबर 2023 से 8 अक्टूबर 2023 तक चलने वाले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री प्रचंड चीनी समकक्ष ली कियांग से बीजिंग में 25 सितंबर को मुलाकात करेंगे और वहाँ दोनों नेता वार्ता करेंगे। इस वार्ता के दौरान कुछ समझौते पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
बीजिंग में प्रधानमंत्री प्रचंड का सारा कार्यक्रम खत्म हो जाने के बाद वे चोंगकिंग शहर के दौरे पर निकलेंगे। जहाँ वे चोंगकिंग कृषि विज्ञान अकादमी और कई अन्य संस्थानों का दौरा भी करेंगे। प्रचंड ने कहा कि चोंगकिंग में पूरी यात्रा खत्म करने के बाद वे तिब्बत के लिए निकलेंगे। तिब्बत में चीनी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर वार्ता के पश्चात वह पुनः काठमांडू लौट जाएँगे।
प्रधानमंत्री प्रचंड ने संसद में अपने संबोधन में यह भी कहा कि नेपाल के बुनियादी ढाँचे के विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा,कृषि इत्यादि जैसे क्षेत्रों में चीन के सहायता और सहयोग की माँग पर भी चर्चा किए जाएँगे।कोविड-19 महामारी के समय जो नेपाल -चीन सीमा बंद कर दिए थे,उसे भी खोलने की माँग किए जाएँगे। नेपाल और चीन के बीच कई सीमा को 2015 के भीषण भूकंप और महामारी के बाद बंद कर दिए गए थे।
प्रचंड ने कहा कि, “इस चीन यात्रा से नेपाल और चीन के बीच पारंपरिक,पारस्परिक मैत्रीपूर्ण संबंध और अधिक मजबूत और गहरे होंगे। साथ-ही-साथ हम द्विपक्षीय सहयोग के और भी रास्ते तलाशेंगे।”
