वाशिंगटन,29 जनवरी (युआईटीवी)- जॉर्डन में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ईरान समर्थित गुटों को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि हमले के पीछे ईरान समर्थित आतंकवादियों का हाथ है,जिसमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत जॉर्डन में हो गई। इस हमले में दर्जनों अन्य घायल भी हुए हैं। यह जानकारी मीडिया ने दी है।
रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी की रिपोर्ट के मुताबिक,बाइडेन ने कहा कि अमेरिकी बलों पर सीरियाई सीमा के पास पूर्वोत्तर जॉर्डन में ड्रोन हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और कई घायल हो गए।
एक बयान में उन्होंने कहा कि, ” इस हमले के तथ्य को हम अभी भी जुटा रहे हैं,हमें मालूम है कि इस हमले को ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों ने अंजाम दिया है,जो सीरिया और इराक में सक्रिय हैं।”
28 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि, “आतंकवाद से लड़ने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और इस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएँगे। किसी प्रकार का कोई भी शक इसमें नहीं है कि इसके लिए जो भी लोग जिम्मेदार हैं,हम उनको जवाबदेह मानेंगे।”
रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी की रिपोर्ट के मुताबिक,उन्होंने कहा कि 27 जनवरी की देर रात को हमला किया गया। इस हमले में जितने भी लोग घायल हुए हैं,उनकी संख्या के बारे में कोई भी जानकारी उन्होंने नहीं दी है। लेकिन बाद में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कम से कम 34 कर्मियों को चोट लगी है।
रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन,जो अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के मुखर आलोचक हैं, उन्होंने कहा कि, “इन हमलों का एकमात्र जवाब विनाशकारी सैन्य प्रतिशोध,ईरान की आतंकवादी ताकतों के खिलाफ होना चाहिए।”
एक सैन्य स्थल पर जॉर्डन ने “आतंकवादी हमले” की निंदा करते हुए कहा कि वह अमेरिका के साथ सहयोग से अपनी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
इससे पूर्व,एक सरकारी प्रवक्ता ने अम्मान में दावा किया था कि जॉर्डन की धरती पर यह हमला नहीं किया गया है,बल्कि हमला तो सीमा पार सीरिया में अमेरिकी अड्डे पर किया गया था।
गौरतलब है कि जॉर्डन मध्य पूर्व में अमेरिका का करीबी सहयोगी है। लगभग 3,000 सैनिकों को पेंटागन ने वहाँ तैनात किया है।
हाल के वर्षों में अमेरिकी सैनिक सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) चरमपंथी समूह और अन्य से लड़ने में सक्रिय रहे हैं।
