मुंबई,2 जुलाई (युआईटीवी)- मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अडानी-हिंडनबर्ग मामले में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च को बड़ा झटका दिया है। अडानी ग्रुप के शेयरों पर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा दांव लगाने में कथित उल्लंघन को लेकर किए गए दावों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हिंडनबर्ग रिसर्च,नाथन एंडरसन और मॉरीशस के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) मार्क किंगडन को अडानी एंटरप्राइजेज की स्क्रिप में ट्रेडिंग के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग रिसर्च ने शेयरों के भाव में हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाया था और रिपोर्ट जारी की थी। एक्सचेंज को जानकारी देते हुए अमेरिकी कंपनी ने बताया कि उसे भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कारण बताओ नोटिस भेजा है।
बाजार नियामक की ओर से 46 पेज का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है,इसमें कहा गया है कि सेबी एक्ट,सेबी की धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार आचरण रोकथाम के नियम,तथा रिसर्च एनालिस्ट के लिए बनाई गई आचार संहिता का हिंडनबर्ग और एंडरसन ने उल्लंघन किया है।
एफपीआई किंगडन पर इस नोटिस में आरोप लगाया है कि उसने सेबी एक्ट,सेबी के धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार आचरण रोकथाम के नियम,और एफपीआई के लिए बनाए गए सेबी की आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
नियामक के तरफ से कहा गया कि भ्रामक डिस्कलेमर के जरिए हिंडनबर्ग और एफपीआई ने बताया कि यह रिपोर्ट भारत से बाहर ट्रेड की जाने वाली सिक्योरिटीज के लिए है,लेकिन ऐसा नहीं था। यह पूरी तरह से भारत में सूचीबद्ध कंपनियों को लेकर थी।
नोटिस में कहा गया कि भारतीय डेरिवेटिव मार्केट में अदाणी एंटरप्राइजेज के फ्यूचर्स में किंगडन ने साझेदारी के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से हिंडनबर्ग को ट्रेड करने में सहायता किया। उससे जितना भी लाभ मिला,उसे रिसर्च फर्म के साथ शेयर कर लिया।
जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को जारी किया गया था।
