नई दिल्ली/मॉस्को,9 जुलाई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 08 जुलाई,सोमवार को अपने दो दिवसीय यात्रा पर मॉस्को पहुँचे। प्रधानमंत्री मोदी के वनुकोवो-II हवाई अड्डे पर पहुँचने पर रूसी संघ के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने उनकी अगवानी की और उन्होंने उनका औपचारिक स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस आगमन के दौरान ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी का रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने व्यक्तिगत तौर पर स्वागत किया तथा हवाई अड्डे से होटल तक एक ही कार में गए। होटल तक उसी कार में ले जाने का प्रोटोकॉल स्पष्ट और मजबूत संकेत देता है कि भारत के साथ रूस अपने संबंधों को कितना महत्व देता है।
A memorable welcome in Moscow! I thank the Indian community for their affection. pic.twitter.com/acTHlLQ3Rs
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2024
हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस की यात्रा पर गए थे,जहाँ उनका स्वागत रूसी उप प्रधानमंत्री ने किया था। पहले उप प्रधानमंत्री के साथ वरिष्ठता के क्रम में ये दूसरे स्थान पर हैं। ऐसा पहला अवसर है,जब देश के हवाई अड्डे पर किसी विदेशी शासनाध्यक्ष के अगवानी के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री को भेजा हो।
भारत ने शीत युद्ध के बाद से ही रूस के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखे हैं और एक समय ऐसा था,जब भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता रूस था। लेकिन हाल के सालों में यूक्रेन-रूस के बीच के संघर्ष के वजह से सैन्य संसाधनों पर दबाव बढ़ने के कारण भारत को रूस के ओर से की जाने वाली हथियारों के निर्यात में काफी गिरावट आई है। इसके साथ ही भारत रियायती रूसी तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है। ऊर्जा साझेदारी को भारत-रूस के बीच के इस संबंध ने नया रूप दिया है। इससे मास्को को काफी राजस्व मिलता है और रूस के युद्ध कोष को भी बढ़ावा मिला है,तो वहीं इससे भारत ने अरबों डॉलर की बचत की है।
PM @narendramodi arrived to a ceremonial welcome in Moscow, Russia. He would be meeting President Putin and taking part in other programmes. pic.twitter.com/ulERkE36vS
— PMO India (@PMOIndia) July 8, 2024
2019 के बाद पीएम मोदी की यह पहली रूस यात्रा है। भारत रूस के इस यात्रा से मॉस्को के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधो को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिमी शक्तियों के साथ बढ़ते सुरक्षा सहयोग के साथ संतुलन बनाना चाहेगा। वहीं रूस की सरकार द्वारा भारत के प्रधानमंत्री का ऐसे उच्च-स्तरीय स्वागत करना वैश्विक परिदृश्य में बदलाव को दर्शाने के साथ ही भारत के एक भागीदार के रूप में लगातार बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान 22वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे,जहाँ वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात करेंगे। इसके साथ ही राजधानी मॉस्को में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत भी करेंगे।
