नागांव,9 जुलाई (युआईटीवी)- असम में आई भीषण बाढ़ के वजह से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 6 गैंडों समेत 137 जंगली जानवरों की मौत हो गई है,जिसकी जानकारी सरकारी अधिकारियों द्वारा साझा की गई। इस बीच दो गैंडे के बच्चों और दो हाथी के बच्चों समेत 99 जानवरों को पार्क के अधिकारियों ने बचा लिया है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की फील्ड डायरेक्टर सोनाली घोष ने कहा कि 6 गैंडे,104 हॉग डियर,2 सांभर की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हो गई,जबकि वाहन की चपेट में आ जाने से 2 हॉग डियर की मौत हो गई,किसी अन्य कारणों से एक ऊदबिलाव (शिशु) की मौत हो गई और देखभाल के दौरान 22 जानवरों की मौत हो गई।
सोनाली घोष ने बताया कि हमने अभी तक दो हाथी,दो गैंडे,2 सांभर,3 स्वैम्प डियर,84 हॉग डियर समेत 99 जानवरों को बचाने में कामयाबी हासिल की है। असम में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है,जिसके कारण पार्क के 233 शिविरों में से 70 वन शिविर अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। असम भीषण बाढ़ आपदा में सोमवार को छह और लोगों की मौत हो गई,जिससे 8 जुलाई, 2024 तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 तक पहुँच गई है।
राज्य में बाढ़ से 28 जिलों के 27.74 लाख से भी अधिक लाख लोग प्रभावित हुए हैं।नागांव,डिब्रूगढ़,ग्वालपाड़ा,कामरूप,नलबाड़ी,सोनितपुर,मोरीगांव,जोरहाट,दक्षिण सलमारा,लखीमपुर,करीमगंज,धुबरी, होजई,चराईदेव,बारपेटा,गोलाघाट,बोंगाईगांव,दरांग,हैलाकांडी,धेमाजी,कामरूप (एम),कार्बी आंगलोंग,कछार,तिनसुकिया,बिस्वनाथ,कार्बी आंगलोंग पश्चिम,चिरांग,माजुली बाढ़ प्रभावित जिले हैं।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,स्थानीय प्रशासन,अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ,भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की बचाव टीमें बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। असम में कई लोगों ने पिछले एक महीने में भीषण बाढ़ के कारण अपनी जान गंवा दी है। असम में आई भीषण बाढ़ की वजह से फसलें नष्ट हो गईं,सड़कें बंद हो गईं,बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा,पशुधनकी हानि हुई,सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं।
