करतारपुर साहिब गुरुद्वारा

करतारपुर साहिब कॉरिडोर समझौते को भारत-पाकिस्तान ने और 5 साल के बढ़ाया,भारत के साथ साल 2019 में हुआ था समझौता

नई दिल्ली,23 अक्टूबर (युआईटीवी)- करतारपुर साहिब कॉरिडोर समझौते की अवधि को भारत और पाकिस्तान ने अगले पाँच सालों के लिए बढ़ा दिया है। भारतीय श्रद्धालु इस समझौते के पाँच बढ़ जाने से अब 2029 तक बिना किसी वीजा के पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर के दर्शन कर सकेंगे।दोनों देशों के मध्य कूटनीतिक वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया,जो धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को बनाए रखने की दिशा में उठाया गए एक महत्वपूर्ण कदम है।

24 अक्टूबर 2019 को पहली बार करतारपुर साहिब कॉरिडोर का यह समझौता लागू हुआ था,जिसकी वैधता पाँच साल थी। इस अवधि को अब पुनः पाँच साल के लिए बढ़ा दिया गया है,जिससे भारतीय श्रद्धालुओं को इस पवित्र स्थल के दर्शन की सुविधा बिना वीजा के मिलती रहेगी। यह गुरुद्वारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने अपने जीवन के अंतिम 18 साल यहाँ बिताए थे।

भारत की ओर से पाकिस्तान से फिर से अपील की गई है कि वह प्रत्येक तीर्थयात्री से लिए जाने वाले 20 अमेरिकी डॉलर के सेवा शुल्क को समाप्त करे,ताकि श्रद्धालुओं के लिए यात्रा और भी सुलभ हो सके। इससे सिख समुदाय के लोगों के लिए आर्थिक बाधाएँ कम होंगी और वे बड़ी संख्या में इस पवित्र स्थल के दर्शन कर सकेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस समझौते की अवधि बढ़ाने की जानकारी देते हुए लिखा,श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर समझौते को भारत और पाकिस्तान ने फिर से अगले 5 सालों के लिए बहाल किया है। हमारे सिख समुदाय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार उनके पवित्र स्थलों की यात्रा की सुविधा हमेशा प्रदान करती रहेगी।

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी से करतारपुर साहिब कॉरिडोर गहराई से जुड़ा हुआ है। ननकाना साहिब (वर्तमान पाकिस्तान) में गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था और करतारपुर में उन्होंने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए। 22 सितंबर 1539 को उनका निधन हुआ था। रावी नदी के किनारे स्थित करतारपुर गुरुद्वारा वह स्थान है,जहाँ गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम दिन तथा अपने अनुयायियों को उपदेश दिया।

सिख समुदाय के श्रद्धालु करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए बिना वीजा के 4 किलोमीटर की यात्रा कर गुरुद्वारे के दर्शन कर सकते हैं,इसलिए यह कॉरिडोर सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। करतारपुर साहिब कॉरिडोर भारत के पंजाब राज्य में स्थित डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान के नरोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर को जोड़ता है। यह कॉरिडोर सिख धर्म के अनुयायियों के लिए गुरु नानक देव जी से जुड़े इस पवित्र स्थल की यात्रा को सरल और सुविधाजनक बनाता है।