बांग्लादेश क्रिकेट टीम (तस्वीर क्रेडिट @rifat0015)

बांग्लादेश ने वेस्टइंडीज में 15 साल बाद टेस्ट मैच जीत रचा इतिहास,सीरीज एक-एक से बराबर

किंग्सटन (जमैका),4 दिसंबर (युआईटीवी)- बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सबीना पार्क में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को 101 रनों से हराकर 15 साल बाद वेस्टइंडीज की धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की। यह बांग्लादेश की इस साल की तीसरी टेस्ट जीत थी। बांग्लादेश ने इस जीत से दो मैचों की श्रृंखला को 1-1 से बराबर कर ली है और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में आठवें स्थान पर पहुँच गया।

मैच के अंतिम दिन बांग्लादेश के बाएं हाथ के स्पिनर ताइजुल इस्लाम ने शानदार गेंदबाजी की और वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर उन्हें 185 रन पर समेट दिया। वेस्टइंडीज को जीत के लिए 287 रनों का लक्ष्य मिला था, और बांग्लादेश ने इसे सफलतापूर्वक हासिल किया। ताइजुल इस्लाम ने मैच के चौथे दिन 5-50 का आंकड़ा छुआ और यह टेस्ट मैचों में उनका 15वां पांच विकेट का आंकड़ा था। उन्होंने वेस्टइंडीज की दूसरी पारी के महत्वपूर्ण क्षणों में विकेट लेकर यह सुनिश्चित किया कि बांग्लादेश को ऐतिहासिक जीत मिले।

वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों में कप्तान क्रेग ब्रैथवेट (43) और कवेम हॉज (55) ने कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन ताइजुल इस्लाम ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से उन्हें और बाकी बल्लेबाजों को चुप कर दिया। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज ताइजुल के सामने पूरी तरह से असफल रहे, और उनकी टीम 185 रन पर आउट हो गई। इस प्रकार बांग्लादेश ने जुलाई 2009 के बाद से पहली बार कैरेबियाई धरती पर टेस्ट मैच जीतने में सफलता हासिल की।

मैच के बाद, ताइजुल इस्लाम ने कहा, “विदेश में टेस्ट मैच जीतना शानदार अहसास है, जो हम अक्सर नहीं जीत पाते और सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।” बांग्लादेश की इस जीत ने उन्हें सिर्फ श्रृंखला में बराबरी नहीं दिलाई,बल्कि इससे उनकी क्रिकेट टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली।

बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद और वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स को इस श्रृंखला का प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। तस्कीन अहमद ने अपनी गेंदबाजी से महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपने कंधे की चोट से उबरते हुए शानदार वापसी की। उन्होंने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “इसके लिए बहुत खुश हूँ। फिर से टेस्ट क्रिकेट में वापसी करना आसान नहीं था,कंधे में चोट थी, इसके लिए बहुत मेहनत की है और उम्मीद है कि आगे भी बहुत कुछ होगा। हम बहुत मेहनत कर रहे हैं और हम जिस प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं,उसके कारण हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले तीन सालों से हमारा तेज गेंदबाजी समूह धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है।”

वहीं, जेडन सील्स ने कहा कि, “मैं अपनी लेंथ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा हूँ। साथ ही मैं बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और जितना संभव हो सके उतना निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा हूँ। मैंने इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका श्रृंखलाओं में भी ऐसा किया और अब बांग्लादेश के खिलाफ भी यही हासिल किया है। टेस्ट क्रिकेट कठिन है,मैं हमेशा इसका लुत्फ उठाना चाहता हूँ। बचपन से ही मैंने टेस्ट क्रिकेट देखा है। तेज गेंदबाजों को मैंने आक्रामक और बेपरवाह देखा है। उनसे मुझे प्रेरणा मिली है।”

इस मैच में बांग्लादेश की टीम ने अपनी शानदार टीमवर्क का परिचय दिया। ताइजुल इस्लाम की गेंदबाजी, तस्कीन अहमद की तेज गेंदबाजी और बाकी खिलाड़ियों के प्रयासों ने मिलकर इस ऐतिहासिक जीत को संभव बनाया। इस जीत ने बांग्लादेश क्रिकेट को एक नई दिशा दी है और उनकी टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया है।

बांग्लादेश की इस जीत से न सिर्फ उनके क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का संचार हुआ है, बल्कि इससे भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी अन्य एशियाई टीमों को भी प्रेरणा मिली है कि वे विदेशों में भी अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं। बांग्लादेश ने साबित कर दिया है कि वे अब एक मजबूत टेस्ट टीम के रूप में उभर रहे हैं, जो विदेशी पिचों पर भी सफलता हासिल कर सकती है।