वॉशिंगटन,6 जून (युआईटीवी)- दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुरू हुआ विवाद अब वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक विमर्श का एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ मस्क ने हाल ही में ट्रंप की नई व्यापार टैरिफ नीति को अमेरिका की आर्थिक स्थिरता के लिए घातक बताते हुए कहा कि इससे 2025 की दूसरी छमाही तक मंदी आ सकती है। यह बयान तब आया है,जब दोनों प्रभावशाली शख्सियतों के बीच सार्वजनिक रूप से सत्तात्मक और आर्थिक टकराव तेज़ हो गया है।
एलन मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “ट्रंप टैरिफ इस साल की दूसरी छमाही में मंदी का कारण बनेगा। यदि अमेरिका की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाती है,तो बाकी कुछ भी मायने नहीं रखता।”
यह बयान न सिर्फ आर्थिक चिंता को बढ़ाता है,बल्कि यह भी दर्शाता है कि अमेरिका की प्रोटेक्शनिस्ट नीति (व्यापार शुल्क बढ़ाकर विदेशी वस्तुओं को रोकना) अंततः घरेलू उद्योगों के लिए भी संकट का कारण बन सकती है। मस्क ने साफ तौर पर संकेत दिया कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था सुस्त होती है,तो वैश्विक स्तर पर भी असर पड़ेगा।
मस्क के ट्रंप की आलोचना के बाद अमेरिकी वित्तीय बाजारों में भी गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिली। गुरुवार को टेस्ला के शेयरों में 14% से अधिक गिरावट आई और कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 150 बिलियन डॉलर घट गई।निवेशकों के बीच यह आशंका बनी कि मस्क और सरकार के बीच टकराव से टेक और स्पेस सेक्टर पर बुरा असर पड़ सकता है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि सरकार को पैसे बचाने के लिए मस्क को दिए जा रहे कॉन्ट्रैक्ट्स और सब्सिडीज़ को “टर्मिनेट” करना चाहिए। इसका सीधा अर्थ यह है कि स्पेसएक्स और टेस्ला को मिलने वाली सरकारी सहायता पर तलवार लटक रही है।
यह कदम न केवल मस्क की कंपनियों के लिए आर्थिक संकट पैदा करेगा,बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान,सैटेलाइट लॉन्च और रक्षा परियोजनाओं को भी प्रभावित कर सकता है।
मस्क ने ट्रंप की इस धमकी का जवाब बेहद कड़े लहजे में दिया। उन्होंने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा,“मेरे सरकारी अनुबंधों को रद्द करने के बारे में राष्ट्रपति के बयान के मद्देनजर,स्पेसएक्स अपने ‘ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट’ को तुरंत बंद करना शुरू कर देगा।”
यह सिर्फ एक व्यावसायिक प्रतिक्रिया नहीं,बल्कि राजनीतिक दबाव के खिलाफ़ एक सार्वजनिक असहमति का संकेत भी है। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि है और इसका बंद होना राष्ट्रीय हित को प्रभावित कर सकता है।
मस्क ने यह भी दावा किया कि उन्होंने 2024 के चुनावों में ट्रंप का समर्थन करने के लिए 250 मिलियन डॉलर से अधिक का दान दिया था। उन्होंने कहा, “मेरे बिना ट्रंप चुनाव हार जाते।”
मस्क का यह बयान दर्शाता है कि मस्क खुद को राजनीतिक समीकरणों में एक निर्णायक शक्ति मानते हैं और अपने योगदान की राजनीतिक मान्यता भी चाहते हैं।
मस्क ने कहा, “ट्रंप के पास राष्ट्रपति के रूप में साढ़े तीन साल बचे हैं,लेकिन मैं 40 से अधिक साल तक रहूँगा।”
यह टिप्पणी सीधे ट्रंप के प्रभाव की सीमित अवधि पर कटाक्ष है। वहीं ट्रंप ने मस्क की टैक्स और खर्च योजनाओं की आलोचना पर निराशा जताई,जिसके जवाब में मस्क ने सिर्फ इतना कहा, “जो भी हो।”
इस असहमतिपूर्ण रवैये ने दिखाया कि दोनों के बीच अब न केवल विचारधारा की दूरी,बल्कि निजी संबंधों में भी खटास आ चुकी है।
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच यह टकराव सिर्फ दो शक्तिशाली व्यक्तियों के बीच का झगड़ा नहीं है,बल्कि अमेरिका की आर्थिक और राजनीतिक दिशा को लेकर चल रही बहस का प्रतीक है। एक ओर मस्क नवाचार,ओपन मार्केट और लॉन्ग-टर्म विज़न की वकालत करते हैं,तो वहीं ट्रंप राष्ट्रवाद और संरक्षणवादी व्यापार नीति के समर्थक हैं।
यदि यह टकराव और गहराया,तो इसका असर न सिर्फ टेस्ला,स्पेसएक्स और अमेरिकी बाजारों पर पड़ेगा,बल्कि वैश्विक निवेश,तकनीकी नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी संकट में आ सकती हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह लड़ाई राजनीतिक मोड़ लेती है या दोनों पक्ष किसी समझौते की ओर बढ़ते हैं।
