नई दिल्ली,15 अप्रैल (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सियासी गतिविधियाँ अपने चरम पर पहुँच गई हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को राज्य के दौरे पर रहेंगे और चार बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। यह दौरा खास मायने रखता है क्योंकि यह बंगाली नव वर्ष के दिन हो रहा है,जिसे राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमित शाह के कार्यक्रम की शुरुआत दार्जिलिंग जिले के लोबोंग मैदान में सुबह 11:30 बजे होने वाली जनसभा से होगी। इसके बाद वह जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज में दोपहर 1 बजे,अलीपुरद्वार जिले के फलाकाटा में 2:30 बजे और कूच बिहार जिले के तुफानगंज में शाम 4 बजे जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन रैलियों के जरिए भाजपा उत्तरी बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है,जहाँ पार्टी पिछले कुछ वर्षों में अपने आधार को बढ़ाने में सफल रही है।
हालाँकि,शाह के दौरे से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक नया विवाद सामने आ गया है। फलाकाटा में भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा विधायक पर कथित हमले की खबर ने माहौल को और गरमा दिया है। आरोप है कि मंगलवार रात को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा उम्मीदवार पर हमला किया,जब वह घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस हमले में उनके ड्राइवर के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
भाजपा ने इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है और इसे चुनावी हिंसा का उदाहरण बताया है। पार्टी का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और विपक्षी उम्मीदवारों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। हालाँकि,तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
इस बीच,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चुनावी मैदान में सक्रिय हैं। बुधवार को वह किसी जनसभा को संबोधित करने के बजाय उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी और माल में दो रोड शो करेंगी। ममता बनर्जी का यह रोड शो अभियान जनता से सीधे संपर्क स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बुधवार को वह अपने लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले उन्होंने पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की,जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने और आपसी मतभेदों से बचने की सलाह दी। उनका यह संदेश पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा,जिसमें 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएँगे। ये सीटें मुख्य रूप से उत्तरी बंगाल और दक्षिणी बंगाल के कुछ हिस्सों में फैली हुई हैं। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा,जिसमें शेष 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। ये सीटें मुख्य रूप से कोलकाता और उसके आसपास के जिलों में स्थित हैं।
राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। भाजपा जहाँ केंद्र की योजनाओं और विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है,वहीं तृणमूल कांग्रेस राज्य सरकार की उपलब्धियों और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दों को सामने रख रही है। दोनों ही दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तरी बंगाल इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। यहाँ की सीटों पर जीत हासिल करना किसी भी पार्टी के लिए सत्ता की राह आसान बना सकता है। यही वजह है कि अमित शाह का दौरा खासतौर पर इसी क्षेत्र पर केंद्रित है।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। रैलियों,रोड शो और संगठनात्मक बैठकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में किस पार्टी की रणनीति ज्यादा प्रभावी साबित होती है और जनता किसे सत्ता की बागडोर सौंपती है।
