भारतीय महिला क्रिकेट टीम (तस्वीर क्रेडिट@TheKhelIndia)

भारत ने इंग्लैंड की सरज़मीं पर रचा इतिहास: महिला टी20 टीम ने सीरीज पर कब्जा किया

नई दिल्ली,10 जुलाई (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को उनकी ही ज़मीन पर हराकर पहली बार दो या उससे अधिक मैचों की टी20 सीरीज़ अपने नाम कर ली है। मैनचेस्टर में खेले गए पाँच मैचों की सीरीज़ के चौथे मुकाबले में भारत ने छह विकेट से जीत दर्ज की और सीरीज़ में 3-1 की अजेय बढ़त बना ली।

यह जीत न सिर्फ एक टी20 मैच की जीत है,बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम अध्याय में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज की गई है। इससे पहले भारत ने इंग्लैंड में पहली बार टी20 मुकाबला वर्ष 2006 में खेला था,लेकिन तब से लेकर अब तक दो या अधिक मैचों की कोई सीरीज़ नहीं जीत सका था। यह जीत उस इंतज़ार का अंत है।

मैच की शुरुआत इंग्लैंड ने टॉस जीतकर की और पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला लिया,लेकिन उनका यह निर्णय उन्हें भारी पड़ गया। टीम ने महज़ 21 रन के स्कोर पर अपनी ओपनर डेनियल व्याट-हॉज (5) का विकेट गंवा दिया।

इसके बाद टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर सिर्फ 126 रन ही बना सकी। इंग्लैंड की तरफ से सर्वाधिक रन सोफिया डंकले (22 रन, 19 गेंद) और कप्तान टैमी ब्यूमोंट (20 रन, 19 गेंद) ने बनाए।

भारत की तरफ से गेंदबाज़ी में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। श्री चरणी और राधा यादव ने दो-दो विकेट चटकाए,जबकि अमनजोत कौर और दीप्ति शर्मा ने एक-एक विकेट लिया।

भारतीय गेंदबाज़ों ने लाइन और लेंथ पर नियंत्रण बनाए रखा और इंग्लिश बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। फील्डिंग में भी भारतीय टीम ने कोई चूक नहीं की,जिससे इंग्लैंड की पारी सधी नहीं।

127 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत दमदार रही। ओपनर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले सात ओवरों में ही 56 रनों की साझेदारी कर डाली।शेफाली वर्मा ने 19 गेंदों में 31 रन बनाए,जबकि स्मृति मंधाना ने 31 गेंदों में 32 रन जोड़े।

हालाँकि, 69 के स्कोर पर भारत ने अपनी दोनों ओपनर्स खो दी थीं,लेकिन इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्ज और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत के करीब पहुँचा दिया।

हरमनप्रीत कौर ने 25 गेंदों पर 26 रन बनाए,जिसमें तीन चौके शामिल थे।वहीं जेमिमा रोड्रिग्ज ने संयमित खेल दिखाते हुए 22 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए और टीम को तीन ओवर पहले ही लक्ष्य तक पहुँचा दिया।

इंग्लैंड की ओर से गेंदबाज़ी में चार्लोट डीन,सोफी एक्लेस्टोन और ईसी वोंग ने एक-एक विकेट लिया,लेकिन वे भारत की आक्रामक बल्लेबाज़ी को ज्यादा देर तक रोक नहीं सकीं।

यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि भारत ने इंग्लैंड की धरती पर टी20 सीरीज़ में कभी भी दो से अधिक मैचों की श्रंखला नहीं जीती थी। इस मैच से पहले भारत सिर्फ एक बार 2006 में इंग्लैंड में टी20 मैच जीत सका था,लेकिन अब 2024-25 की इस सीरीज़ में भारतीय महिला टीम ने न सिर्फ इंग्लैंड को शिकस्त दी,बल्कि सीरीज अपने नाम कर इतिहास रच दिया।

इस जीत में बल्लेबाज़ी,गेंदबाज़ी और फील्डिंग तीनों ही क्षेत्रों में भारत ने इंग्लैंड को मात दी। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के विकास,आत्मविश्वास और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाती है।

भारत ने इस जीत के साथ पाँच मैचों की टी20 सीरीज़ में 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है। सीरीज़ का अंतिम और पाँचवां मुकाबला 12 जुलाई को एजबेस्टन में खेला जाएगा। अब जबकि सीरीज़ पहले ही भारत के नाम हो चुकी है,टीम आखिरी मैच को भी जीतकर इसे 4-1 से अपने नाम करना चाहेगी।

टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर,उपकप्तान स्मृति मंधाना और युवा खिलाड़ियों जैसे शेफाली वर्मा व जेमिमा रोड्रिग्ज की परिपक्वता ने दिखा दिया है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब किसी भी परिस्थिति में विदेशी ज़मीन पर प्रदर्शन कर सकती है।

मैनचेस्टर में खेला गया यह चौथा टी20 मुकाबला सिर्फ एक और मैच नहीं था,यह भारतीय महिला क्रिकेट के आत्मविश्वास और वैश्विक पहचान की कहानी है। इस जीत ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है और आने वाले वर्षों में यह टीम और भी शानदार उपलब्धियाँ हासिल कर सकती है।

अब भारत की निगाहें सीरीज़ के अंतिम मैच पर होंगी,लेकिन इस जीत ने पहले ही महिला क्रिकेट में एक नई उम्मीद,एक नया इतिहास और एक नया भरोसा जगा दिया है।