नई दिल्ली,7 अक्टूबर (युआईटीवी)- महिला विश्व कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए महिला एकदिवसीय मुकाबले में मैदान पर रोमांच तो देखने को मिला,लेकिन इसी बीच पाकिस्तानी बल्लेबाज सिदरा अमीन के अनुचित व्यवहार ने मैच की गरिमा को ठेस पहुँचाई। आईसीसी ने इस व्यवहार को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उन पर आधिकारिक फटकार लगाई है।
घटना पाकिस्तान की पारी के 40वें ओवर की है। भारत की स्नेह राणा उस समय गेंदबाजी कर रही थीं। ओवर की पाँचवीं गेंद पर सिदरा ने शॉट खेलने की कोशिश की,लेकिन गेंद बल्ले के किनारे से लगकर सीधा हरमनप्रीत कौर के हाथों में जा समाई। इस आउट के बाद निराशा में सिदरा ने अपना बल्ला जोर से पिच पर दे मारा,जिससे सभी हैरान रह गए। मैदान पर मौजूद अंपायर और अंपायरिंग पैनल ने इस हरकत को गंभीरता से लिया और बाद में इसकी रिपोर्ट मैच रेफरी को सौंप दी।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस मामले पर कार्रवाई करते हुए सिदरा अमीन को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए लागू आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी ठहराया। यह अनुच्छेद ‘किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण,कपड़े,मैदानी उपकरण या फिटिंग्स के दुरुपयोग’ से संबंधित है। आईसीसी ने कहा कि मैदान पर अनुशासन बनाए रखना हर खिलाड़ी की जिम्मेदारी है और ऐसा व्यवहार क्रिकेट की भावना के विपरीत है।
सजा के तौर पर सिदरा अमीन के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। यह उनका पिछले 24 महीनों में पहला अपराध है। लेवल 1 के उल्लंघन के अंतर्गत खिलाड़ी को न्यूनतम आधिकारिक फटकार और अधिकतम मैच फीस के 50 प्रतिशत तक के जुर्माने के साथ एक या दो डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं। हालाँकि,सिदरा ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी की सजा को मान लिया,जिसके चलते औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
आईसीसी के नियमों के तहत यदि किसी खिलाड़ी के खाते में 24 महीनों के भीतर चार या अधिक डिमेरिट अंक जुड़ जाते हैं,तो वह निलंबन का सामना कर सकता है। इसलिए यह चेतावनी पाकिस्तानी खिलाड़ी के लिए गंभीर संकेत है। क्रिकेट बोर्ड ने भी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने की सलाह दी है।
मैच की बात करें तो यह भारत और पाकिस्तान महिला टीमों के बीच हमेशा की तरह एक हाई-वोल्टेज मुकाबला साबित हुआ। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 50 ओवरों में 247 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत में कुछ विकेट जल्दी गंवाए,लेकिन मध्यक्रम ने टीम को स्थिरता दी। हरलीन देओल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 65 गेंदों में 46 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत की पारी में कप्तान हरमनप्रीत कौर और यस्तिका भाटिया ने भी उपयोगी पारियाँ खेलीं। हालाँकि,कोई बड़ा शतक नहीं देखने को मिला,फिर भी भारतीय टीम ने सामूहिक प्रदर्शन से लक्ष्य को मजबूत बनाया। पाकिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज डायना बेग सबसे सफल रहीं। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। उनके अलावा सादिया इकबाल और कप्तान फातिमा सना ने 2-2 विकेट हासिल किए,जबकि बाकी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को रोकने में ज्यादा प्रभावी नहीं रहे।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम ने अच्छी शुरुआत की,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने बीच ओवरों में शानदार वापसी की। सिदरा अमीन,जो टीम की सलामी बल्लेबाज थीं,ने 39 रन बनाए और अपनी टीम को सँभालने की कोशिश की,लेकिन जैसे ही वह आउट हुईं,पाकिस्तान की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। उनके आउट होने के बाद का ही वह क्षण था,जब उन्होंने अपनी नाराजगी बल्ला पटककर जताई,जिससे अब यह विवाद खड़ा हुआ है।
भारत की ओर से गेंदबाजी में क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने 3-3 विकेट हासिल कर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को गहराई तक पहुँचने से रोका। स्नेह राणा ने भी बेहतरीन स्पैल डाला और 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। राणा की गेंदबाजी ही वह मोड़ साबित हुई,जहाँ से मैच पूरी तरह भारत की झोली में चला गया। पाकिस्तान टीम निर्धारित ओवरों में भारतीय स्कोर के करीब भी नहीं पहुँच सकी और आखिरकार भारत ने यह मुकाबला आराम से अपने नाम किया।
मैच के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी गेंदबाजों की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने दबाव के हालात में शानदार संयम दिखाया। वहीं,सिदरा अमीन की घटना पर उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक भावनात्मक खेल है,लेकिन मैदान पर संयम और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
दूसरी ओर,पाकिस्तानी टीम प्रबंधन ने भी इस घटना पर खेद जताया और कहा कि सिदरा अमीन ने गुस्से में ऐसा किया,उनका इरादा किसी को नुकसान पहुँचाने का नहीं था। फिर भी,उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और इससे सबक लिया है।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा से क्रिकेट प्रेमियों के बीच भावनात्मक और जोशपूर्ण माहौल लेकर आते हैं,लेकिन सिदरा अमीन की यह हरकत एक बार फिर यह याद दिलाती है कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं,बल्कि अनुशासन और सम्मान का खेल भी है। आईसीसी की यह फटकार न केवल एक चेतावनी है,बल्कि आने वाले मैचों के लिए एक सीख भी है कि भावनाओं के बावजूद खेल भावना का पालन सर्वोपरि है।
