व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट (तस्वीर क्रेडिट@ArianaAriana65)

एपस्टीन से पुराने संबंधों पर व्हाइट हाउस की सफाई,ट्रंप ने बहुत पहले तोड़े थे रिश्ते: प्रशासन

वाशिंगटन,11 फरवरी (युआईटीवी)- व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेफ्री एपस्टीन के साथ पुराने संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। हाल के दिनों में एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद ट्रंप और उनके कुछ सहयोगियों के नाम फिर चर्चा में आए हैं। इस बीच व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ने वर्षों पहले ही एपस्टीन से अपने सभी संबंध समाप्त कर लिए थे और इस मुद्दे पर उनका रुख पहले से ही सार्वजनिक और स्पष्ट रहा है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा अपने पुराने बयानों पर कायम रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन को अपने मार-ए-लागो क्लब से बाहर निकाल दिया था,क्योंकि एपस्टीन का व्यवहार अनुचित था। लेविट के अनुसार,यह निर्णय काफी पहले लिया गया था और उसके बाद से दोनों के बीच कोई व्यक्तिगत या सामाजिक संबंध नहीं रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इस विषय पर लंबे समय से खुलकर और साफ तौर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते आए हैं।

हाल ही में सामने आए कुछ दस्तावेजों में वर्ष 2000 के शुरुआती दौर की एक कथित बातचीत का उल्लेख है,जिसमें ट्रंप और पाम बीच के तत्कालीन पुलिस प्रमुख के बीच संपर्क की बात कही गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लेविट ने कहा कि यह एक फोन कॉल हो सकती है या नहीं भी हो सकती है और उन्हें इसकी सटीक जानकारी नहीं है। हालाँकि,उन्होंने दोहराया कि ट्रंप ने एपस्टीन को अपने क्लब से बाहर कर दिया था और यही तथ्य आज भी सही है। उनका कहना था कि इस विषय को लेकर अनावश्यक अटकलें लगाई जा रही हैं।

लेविट ने यह भी बताया कि एपस्टीन और उसके अपराधों से जुड़े 30 लाख से अधिक दस्तावेज प्रशासन द्वारा सार्वजनिक किए जा चुके हैं। उन्होंने इसे पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार,राष्ट्रपति और उनका प्रशासन सच्चाई को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यही कारण है कि इतने बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड सार्वजनिक किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सरकार किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने के पक्ष में नहीं है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप घिसलेन मैक्सवेल को माफी देने पर विचार कर सकते हैं,तो लेविट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी जब यह सवाल उठाया गया था,तब राष्ट्रपति ने कहा था कि वह इस दिशा में कोई कदम उठाने पर विचार नहीं कर रहे हैं। घिसलेन मैक्सवेल को एपस्टीन से जुड़े यौन तस्करी के मामलों में दोषी ठहराया गया है और वह सजा काट रही हैं।

इसी दौरान वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक को लेकर भी सवाल उठे,क्योंकि उन्होंने कैपिटल हिल में गवाही देते हुए एपस्टीन से अपने पुराने संपर्क की बात स्वीकार की थी। इस पर लेविट ने कहा कि लटनिक राष्ट्रपति की टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं और प्रशासन उनका पूरा समर्थन करता है। उन्होंने यह संकेत दिया कि अतीत में किसी सामाजिक या व्यावसायिक संपर्क का होना अपने आप में किसी अपराध का संकेत नहीं है और जब तक किसी पर औपचारिक रूप से आरोप सिद्ध न हों,तब तक उन्हें दोषी मानना उचित नहीं है।

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लेविट ने प्रशासन की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में डॉव जोन्स इंडेक्स पहली बार 50 हजार के स्तर को पार कर गया,जो अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। इसके अलावा उन्होंने एक फेडरल अपील कोर्ट के फैसले का हवाला दिया,जिसमें प्रवासियों के लिए प्रशासन की डिटेंशन नीति को सही ठहराया गया है। उन्होंने दावा किया कि लगातार नौवें महीने दक्षिणी सीमा पर कोई भी अवैध सीमा पार करने की घटना दर्ज नहीं हुई है,जिसे उन्होंने प्रशासन की सीमा सुरक्षा नीति की सफलता बताया।

जेफ्री एपस्टीन का मामला अमेरिका में लंबे समय से विवाद और चर्चा का विषय रहा है। एपस्टीन एक वित्तीय कारोबारी था,जिस पर नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2019 में संघीय हिरासत के दौरान उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसकी मृत्यु के बाद कई साजिश सिद्धांत भी सामने आए,हालाँकि आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या माना गया। एपस्टीन के संपर्क में कई प्रभावशाली राजनेताओं,उद्योगपतियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के नाम आने के कारण यह मामला और भी संवेदनशील बन गया।

प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों को सार्वजनिक करना उनकी पारदर्शिता नीति का हिस्सा है और इससे जनता को सच्चाई जानने का अवसर मिलेगा। हालाँकि,आलोचकों का तर्क है कि केवल दस्तावेज जारी करना पर्याप्त नहीं है,बल्कि जिन लोगों के नाम इन रिकॉर्ड में सामने आते हैं,उनके साथ हुए पुराने संपर्कों और निर्णयों पर भी पूरी स्पष्टता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के संबंधों का दायरा क्या था और क्या उन संबंधों का किसी जाँच या कार्रवाई पर प्रभाव पड़ा।

फिलहाल व्हाइट हाउस का रुख साफ है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बहुत पहले ही एपस्टीन से दूरी बना ली थी और प्रशासन इस मामले में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे दस्तावेजों की समीक्षा आगे बढ़ेगी,इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है।