वाशिंगटन,23 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फ्लोरिडा स्थित उनके निजी आवास मार-ए-लागो एस्टेट की सुरक्षा में कथित सेंध की घटना सामने आई है,जिसमें एक 21 वर्षीय संदिग्ध को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने गोली मार दी। अधिकारियों के अनुसार,संदिग्ध व्यक्ति के पास एक शॉटगन और एक फ्यूल कैन था और उसने एस्टेट में अनधिकृत प्रवेश करने की कोशिश की थी। घटना के समय राष्ट्रपति ट्रंप मार-ए-लागो में मौजूद नहीं थे,जिससे किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सका।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,यह घटना स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 1:30 बजे हुई। संदिग्ध ने पाम बीच स्थित रिजॉर्ट के उत्तरी गेट से उस समय प्रवेश किया,जब एक अन्य वाहन परिसर से बाहर निकल रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,उसने मौके का फायदा उठाकर अंदर घुसने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने तुरंत उसे रोकने का प्रयास किया और स्थिति कुछ ही क्षणों में तनावपूर्ण हो गई।
पाम बीच काउंटी के शेरिफ रिक ब्रैडशॉ ने मीडिया को बताया कि संदिग्ध के पास एक शॉटगन और एक गैस कैन जैसा कंटेनर था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत अपने हथियार और सामान नीचे रखने का आदेश दिया। ब्रैडशॉ के अनुसार,संदिग्ध ने पहले गैस कैन नीचे रखा,लेकिन शॉटगन को फायरिंग की स्थिति में उठा लिया। इसके बाद डिप्टी और दो सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई और खतरे को वहीं खत्म कर दिया। संदिग्ध को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
संघीय जाँच ब्यूरो यानी एफबीआई ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। एफबीआई के मियामी फील्ड ऑफिस के स्पेशल एजेंट इंचार्ज ब्रेट स्काइल्स ने कहा कि एजेंसी पूरे घटनाक्रम की गहन जाँच कर रही है और सभी आवश्यक संसाधन लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं और आसपास के सुरक्षा कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। स्थानीय निवासियों से भी अपील की गई है कि वे अपने बाहरी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जाँच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अधिकारियों को दें।
मृतक की पहचान नॉर्थ कैरोलिना के कैमरून निवासी ऑस्टिन टकर मार्टिन के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,उसके परिवार ने घटना से एक दिन पहले उसके लापता होने की सूचना दी थी। न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के अनुसार,उसकी गाड़ी में बाद में शॉटगन के कारतूसों का एक बॉक्स भी मिला। जाँच एजेंसियाँ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका मकसद क्या था और क्या वह अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई और साजिश थी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि सीक्रेट सर्विस ने तेजी और निर्णायक तरीके से कार्रवाई की,जिससे संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध के पास बंदूक और गैस कैन था और वह राष्ट्रपति ट्रंप के घर में घुस आया था। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की सराहना की और कहा कि राष्ट्रपति सुरक्षित हैं।
एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि एजेंसी इस मामले में “सभी जरूरी संसाधन लगा रही है” और हर पहलू की जाँच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़ा मामला है,लेकिन जाँच पूरी होने तक किसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह घटना ऐसे समय में हुई है,जब ट्रंप की सुरक्षा पहले से ही कड़ी निगरानी में है। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान उन पर दो बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। एक घटना में पेन्सिलवेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान एक बंदूकधारी ने उन पर गोली चलाई थी,जो उनके कान को छूते हुए निकल गई थी। इस हमले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी। कुछ महीनों बाद वेस्ट पाम बीच स्थित उनके गोल्फ क्लब के पास एक और हथियारबंद व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था,जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था।
मार-ए-लागो एस्टेट ट्रंप का प्रमुख निजी आवास और राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी यह स्थान उनके समर्थकों और सहयोगियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। ऐसे में यहाँ सुरक्षा में किसी भी प्रकार की सेंध राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन जाती है। हालाँकि,इस बार राष्ट्रपति वहाँ मौजूद नहीं थे,लेकिन घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और प्रतिक्रिया समय की परीक्षा ले ली।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में अमेरिकी नेताओं के खिलाफ बढ़ती हिंसक घटनाएँ और धमकियाँ सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। सोशल मीडिया के दौर में उग्र विचारधाराओं और व्यक्तिगत असंतोष का तेजी से प्रसार होता है,जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे में सीक्रेट सर्विस और स्थानीय पुलिस को उच्च सतर्कता बनाए रखनी पड़ती है।
फिलहाल मार-ए-लागो एस्टेट के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि वे इस घटना की पूरी समीक्षा करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव भी किया जाएगा। जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संदिग्ध का वास्तविक इरादा क्या था और क्या यह एक अकेले व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि शीर्ष राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा किसी भी देश के लिए अत्यंत संवेदनशील विषय है। त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया,लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियाँ देंगी।
