वाशिंगटन,25 फरवरी (युआईटीवी)- वॉशिंगटन से आई खबर के मुताबिक,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में दावा किया है कि उनके नेतृत्व में सिर्फ एक साल के भीतर अमेरिका ने ऐसा बदलाव देखा है, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। व्हाइट हाउस से जारी भाषण के अंशों में ट्रंप ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि देश अब उस स्थिति में कभी वापस नहीं जाएगा,जहाँ वह उनके कार्यभार सँभालने से पहले था। उन्होंने अपने संबोधन को एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि अमेरिका एक नई दिशा में आगे बढ़ चुका है और यह परिवर्तन स्थायी है।
सूत्रों के अनुसार,ट्रंप का यह संबोधन अवधि के लिहाज से भी रिकॉर्ड तोड़ने वाला माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उनका भाषण 1 घंटा 45 मिनट से अधिक लंबा हो सकता है,जो हाल के वर्षों में सबसे लंबे स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधनों में से एक होगा। भाषण के दौरान उन्होंने अमेरिकी इतिहास,अर्थव्यवस्था,घरेलू नीतियों,सीमा सुरक्षा,दवाओं की कीमतों और विदेश नीति जैसे कई अहम मुद्दों को छुआ।
अमेरिका के संस्थापक आदर्शों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने 1776 से लेकर आज तक की अमेरिकी यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी ने जीवन,स्वतंत्रता और सुख की खोज के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है और अब वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह इन मूल्यों को और मजबूत बनाए। उनके अनुसार,उनका प्रशासन एक ऐसा देश बनाने की दिशा में काम कर रहा है,जहाँ हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले और जहाँ सरकार आम नागरिकों के प्रति जवाबदेह हो,न कि ताकतवर लॉबियों या विशेष हित समूहों के प्रति।
आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने घरेलू विकास को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका में कारखानों की वापसी हो रही है,नए निवेश आ रहे हैं और लाखों नौकरियों का सृजन हो रहा है। ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका में खरबों डॉलर का निवेश हो रहा है,क्योंकि वैश्विक कंपनियों को यह भरोसा है कि देश में एक ऐसा राष्ट्रपति है जो ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर काम करता है। उन्होंने संकेत दिया कि टैक्स सुधार,नियामक ढाँचे में ढील और ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार जैसे कदमों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने पिछले प्रशासन पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले देश को चलाने वाले मेहनती और उत्पादक नागरिकों से धन निकालने के लिए भ्रष्टाचार और धांधली की गई। हालाँकि,उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति या प्रशासन का नाम नहीं लिया,लेकिन उनके बयान को उनके राजनीतिक विरोधियों पर सीधा निशाना माना जा रहा है। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका शासन पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की अत्यधिक कीमतों पर लगाम लगाने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि कई पूर्व राष्ट्रपतियों ने दवाओं की कीमत कम करने की कोशिश की,लेकिन वे सफल नहीं हो सके। ट्रंप के मुताबिक,उनकी सरकार ने ठोस कदम उठाए और परिणाम भी दिए। हालाँकि,इस दावे को लेकर विपक्षी दलों ने पहले भी सवाल उठाए हैं,लेकिन ट्रंप ने अपने भाषण में इसे अपनी उपलब्धियों में प्रमुख स्थान दिया।
हाउसिंग पॉलिसी पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने बड़े वॉल स्ट्रीट निवेश फर्मों को हजारों की संख्या में सिंगल-फैमिली घर खरीदने से रोकने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। उनका तर्क था कि बड़ी निवेश कंपनियाँ आम अमेरिकियों के लिए घरों की उपलब्धता को प्रभावित कर रही थीं और कीमतें बढ़ा रही थीं। ट्रंप ने कांग्रेस से इस प्रतिबंध को स्थायी बनाने की अपील की,ताकि मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों को राहत मिल सके। उन्होंने इसे ‘मेन स्ट्रीट बनाम वॉल स्ट्रीट’ की लड़ाई बताते हुए कहा कि उनका प्रशासन आम नागरिकों के साथ खड़ा है।
भ्रष्टाचार और कथित धोखाधड़ी के मुद्दे पर ट्रंप ने मिनेसोटा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहाँ सोमाली समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने अमेरिकी करदाताओं से लगभग 19 बिलियन डॉलर की ठगी की है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है,क्योंकि ऐसे आरोपों को लेकर पहले भी विवाद खड़े होते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है और करदाताओं के पैसे की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।
सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की फंडिंग में कटौती कर दी है,जिससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकियों को आतंकवादियों और हिंसक अपराधियों से बचाने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों को कमजोर करना देशहित में नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से बॉर्डर सिक्योरिटी और होमलैंड सिक्योरिटी के लिए पूर्ण और तत्काल फंडिंग बहाल करने की मांग की।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अपराध समर्थक नीतियों के कारण खतरनाक और बार-बार अपराध करने वाले लोगों को रिहा किया जा रहा है,जिससे समुदायों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार कानून और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी और अपराध पर सख्ती से नियंत्रण करेगी। सीमा पर दीवार,प्रवासन नियमों को कड़ा करने और अवैध प्रवेश पर रोक जैसे मुद्दे उनके भाषण के प्रमुख हिस्सों में शामिल रहे।
विदेश नीति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य जहां संभव हो,शांति स्थापित करना है,लेकिन यदि अमेरिका के हितों को खतरा हुआ तो वह सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभाव और सुरक्षा को फिर से मजबूत करने का संकल्प दोहराया। ट्रंप ने संकेत दिया कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगा और वैश्विक मंच पर अमेरिका की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह भाषण आगामी राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें उन्होंने अपने समर्थक आधार को मजबूत करने,मध्यम वर्ग को संदेश देने और विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। लंबा और आक्रामक अंदाज में दिया गया यह संबोधन उनके नेतृत्व शैली का प्रतिबिंब भी माना जा रहा है,जिसमें आत्मविश्वास,प्रत्यक्ष आरोप और बड़े दावों का मिश्रण देखने को मिलता है।
हालाँकि,उनके कई दावों पर विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया आना तय है। डेमोक्रेट्स पहले ही सीमा नीति,स्वास्थ्य सुधार और आर्थिक आंकड़ों को लेकर ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस भाषण पर राजनीतिक बहस किस दिशा में जाती है।
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन को उपलब्धियों के प्रदर्शन और भविष्य की दिशा तय करने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि उनका प्रशासन अमेरिका को एक नई राह पर ले जा रहा है और वे पीछे मुड़कर देखने के पक्ष में नहीं हैं। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि उनके दावों का वास्तविक प्रभाव अमेरिकी राजनीति और जनता के बीच किस रूप में सामने आता है।
