नई दिल्ली,3 मार्च (युआईटीवी)- आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में हार के साथ वेस्टइंडीज का अभियान समाप्त हो गया,लेकिन टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भी कैरेबियन खिलाड़ी अभी तक भारत में ही हैं। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद कई अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगा हुआ है,जिसके कारण वैश्विक उड़ान सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। इसी वजह से वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम की घर वापसी में देरी हो रही है।
क्रिकेट वेस्टइंडीज यानी क्रिकेट वेस्टइंडीज ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि जैसे ही यात्रा की पक्की व्यवस्थाएँ पूरी हो जाएँगी,आगे की जानकारी साझा की जाएगी। बयान में कहा गया है कि टीम और सपोर्ट स्टाफ के लिए जल्द-से-जल्द सुरक्षित यात्रा का इंतजाम करने के उद्देश्य से बोर्ड इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल,संबंधित सरकारी अधिकारियों और एयरलाइन साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है। खिलाड़ियों,कोचों और अधिकारियों की सुरक्षा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है।
वेस्टइंडीज ने इस विश्व कप में ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने अपने चारों मुकाबले जीतकर दमदार अंदाज में सुपर-8 में जगह बनाई। स्कॉटलैंड को 35 रन से हराने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ 30 रन की जीत ने टीम का मनोबल ऊँचा कर दिया था। इसके बाद नेपाल को 9 विकेट से हराकर और इटली के खिलाफ 42 रन से जीत दर्ज कर वेस्टइंडीज ने ग्रुप चरण का अंत अपराजित रहते हुए किया। इस प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि कैरेबियन टीम खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है।
सुपर-8 चरण की शुरुआत भी वेस्टइंडीज ने जोरदार अंदाज में की। जिम्बाब्वे के खिलाफ 107 रन की विशाल जीत ने टीम को मजबूती दी। हालाँकि,इसके बाद हालात बदल गए। दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें 9 विकेट से करारी शिकस्त दी और फिर भारत के खिलाफ मुकाबले में 5 विकेट की हार के साथ उनका टूर्नामेंट सफर समाप्त हो गया। भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ हार ने कैरेबियन टीम को खिताबी रेस से बाहर कर दिया।
हालाँकि,मैदान पर अभियान समाप्त हो चुका है,लेकिन टीम के लिए चुनौतियाँ अभी खत्म नहीं हुई हैं। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक संकट के कारण कई एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद हैं,जिससे अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हुए हैं। कई एयरलाइंस ने उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया है। इसी कारण वेस्टइंडीज टीम को भारत में रुकना पड़ा है,जब तक कि सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित नहीं हो जाते।
इसी तरह की स्थिति जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के साथ भी देखने को मिली है। जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने भी पुष्टि की है कि उनकी टीम की घर वापसी में देरी हो रही है और वे आईसीसी द्वारा वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। दोनों टीमों की स्थिति यह दर्शाती है कि अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों पर वैश्विक राजनीतिक घटनाओं का सीधा असर पड़ सकता है।
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने बयान में खिलाड़ियों और स्टाफ के परिवारों को आश्वस्त किया है कि सभी सदस्य सुरक्षित हैं और भारत में उचित व्यवस्थाओं के तहत ठहरे हुए हैं। बोर्ड ने यह भी कहा कि जैसे ही यात्रा से संबंधित औपचारिकताएँ पूरी होंगी,टीम को सुरक्षित रूप से स्वदेश रवाना किया जाएगा। इस बीच खिलाड़ी अभ्यास सत्र और हल्की फिटनेस गतिविधियों के जरिए खुद को सक्रिय बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा संकट ने वैश्विक विमानन और खेल कैलेंडर पर अप्रत्याशित प्रभाव डाला है। अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लेने वाली टीमों की यात्रा व्यवस्थाएँ अक्सर कई देशों के एयरस्पेस पर निर्भर होती हैं। ऐसे में किसी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। फिलहाल सभी की प्राथमिकता खिलाड़ियों की सुरक्षा है।
टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज का प्रदर्शन भले ही ट्रॉफी तक नहीं पहुँच पाया,लेकिन टीम ने अपने खेल से प्रशंसकों का दिल जीता। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कब यात्रा की बाधाएँ दूर होंगी और कैरेबियन खिलाड़ी अपने देश लौट सकेंगे। तब तक बोर्ड और आईसीसी मिलकर सुरक्षित और त्वरित समाधान तलाशने में जुटे हैं।
