नई दिल्ली,5 मार्च (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मैदान पर खराब प्रदर्शन के कारण पहले ही आलोचनाओं का सामना कर रही टीम की प्रतिष्ठा को अब एक नए विवाद ने और नुकसान पहुँचाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीलंका के कैंडी शहर में एक होटल में ठहरने के दौरान पाकिस्तान टीम के एक खिलाड़ी पर महिला स्टाफ के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा है। यह घटना उस समय की बताई जा रही है,जब पाकिस्तान टीम अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले से पहले कैंडी में ठहरी हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना कैंडी स्थित गोल्डन क्राउन होटल में हुई,जहाँ पाकिस्तान टीम ठहरी हुई थी। बताया गया है कि टीम के एक खिलाड़ी ने होटल की महिला हाउसकीपिंग स्टाफ के साथ अनुचित व्यवहार किया। जब महिला कर्मचारी ने इस व्यवहार का विरोध किया और मदद के लिए आवाज लगाई,तो होटल के अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को सँभाला और महिला स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की।
इसके बाद होटल प्रशासन ने इस घटना की जानकारी तुरंत पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट को दी। टीम मैनेजर नवेद चीमा को पूरे मामले की जानकारी दी गई,जिसके बाद उन्होंने आरोपी खिलाड़ी से बात की और मामले को शांत करने की कोशिश की। रिपोर्ट में बताया गया है कि होटल का शीर्ष प्रबंधन चाहता था कि इस मामले को सख्ती से लिया जाए और खिलाड़ी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। हालाँकि,टीम मैनेजर ने खिलाड़ी की ओर से माफी माँगी और तत्काल उसे अनुशासनहीन व्यवहार के लिए जुर्माना लगाया।
सूत्रों के अनुसार मामला यहीं खत्म नहीं हो सकता। संभावना जताई जा रही है कि आरोपी खिलाड़ी को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की अनुशासन समिति के सामने भी पेश होना पड़ सकता है। यदि बोर्ड इस मामले की औपचारिक जाँच करता है और आरोप सही पाए जाते हैं,तो खिलाड़ी पर अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल इस घटना को लेकर आधिकारिक रूप से खिलाड़ी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है,लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट जगत में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इस घटना ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की छवि को और ज्यादा नुकसान पहुँचाया है,क्योंकि टीम पहले ही अपने खराब प्रदर्शन के कारण आलोचनाओं के घेरे में है। टी20 विश्व कप में पाकिस्तान की टीम सुपर-8 चरण से आगे नहीं बढ़ सकी,जिससे प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच काफी निराशा देखी गई। ऐसे में टीम से जुड़ा यह नया विवाद खिलाड़ियों के व्यवहार और अनुशासन पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
दरअसल पाकिस्तान क्रिकेट टीम और उससे जुड़े कुछ खिलाड़ियों या स्टाफ के खिलाफ टूर के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। कुछ समय पहले पाकिस्तान के युवा बल्लेबाज हैदर अली का मामला भी काफी चर्चा में रहा था। इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें मैनचेस्टर पुलिस ने एक लड़की के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय यह घटना पाकिस्तान शाहीन टीम के इंग्लैंड दौरे के दौरान सामने आई थी। हालाँकि,बाद में अदालत में पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया था,लेकिन इस मामले ने पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को काफी नुकसान पहुँचाया था।
इसके अलावा पाकिस्तान टीम के बैकरूम स्टाफ से जुड़े विवाद भी पहले सामने आते रहे हैं। कुछ वर्ष पहले टीम के मसाजर मलंग अली पर भी मलेशिया दौरे के दौरान एक महिला स्टाफ के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा था। उस समय भी मामला सामने आने के बाद टीम प्रबंधन ने जाँच की थी और उन पर जुर्माना लगाया गया था।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ किसी भी राष्ट्रीय टीम की छवि को नुकसान पहुँचाती हैं। खासकर तब जब टीम अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग ले रही हो और उस पर अपने देश की प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी हो। खिलाड़ियों के आचरण और अनुशासन को लेकर क्रिकेट बोर्ड आमतौर पर काफी सख्त नियम बनाते हैं,ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से इस मामले को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है,लेकिन माना जा रहा है कि बोर्ड इस घटना की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। यदि होटल प्रशासन या टीम मैनेजमेंट की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज होती है,तो बोर्ड इस पर आगे की कार्रवाई कर सकता है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलते समय खिलाड़ियों के व्यवहार और अनुशासन को लेकर टीम प्रबंधन कितनी सख्ती बरतता है। फिलहाल पाकिस्तान टीम टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद स्वदेश लौट चुकी है, लेकिन यह विवाद आने वाले दिनों में टीम और क्रिकेट बोर्ड दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
