नई दिल्ली,18 मार्च (युआईटीवी)- अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल और रिहैबिलिटेशन सेंटर पर हुए भीषण एयरस्ट्राइक को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत की खबरों के बीच भारत ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए इसे अमानवीय और कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया है। भारत सरकार ने इस घटना को न केवल निर्दोष लोगों पर हमला बताया,बल्कि इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा भी बताया है।
घटना काबुल में उस समय हुई,जब एक बड़े अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की गई। तालिबान प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार,इस हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई,जबकि कम से कम 250 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या में मरीज,चिकित्सा कर्मचारी और आम नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। इस हमले को अफगानिस्तान की राजधानी में हाल के वर्षों की सबसे भयावह घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
भारत ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के इस कदम को अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह हमला एक ऐसी जगह पर किया गया,जिसे किसी भी परिस्थिति में सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता। मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह “हिंसा का कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य” है, जिसमें निर्दोष नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाया गया।
भारत ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान अब इस हमले को सैन्य कार्रवाई का रूप देने की कोशिश कर रहा है,जो इस पूरे मामले को और भी गंभीर बनाता है। नई दिल्ली ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल सच्चाई को छिपाने की कोशिश हैं,बल्कि यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने का भी प्रयास है।
भारत के विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान का यह कदम अफगानिस्तान की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। मंत्रालय ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयाँ पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता को बढ़ा सकती हैं।
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अपनी आंतरिक समस्याओं और विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयों का सहारा ले रहा है। मंत्रालय ने कहा कि यह पाकिस्तान के “लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” का एक और उदाहरण है,जो लगातार अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा फैलाने की कोशिश करता रहा है।
इस हमले को और भी संवेदनशील बनाता है इसका समय। यह घटना इस्लामी पवित्र महीने रमजान के दौरान हुई,जिसे दुनिया भर के मुसलमान शांति,आत्मचिंतन और करुणा का समय मानते हैं। भारत ने इस पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे समय में इस तरह का हमला करना न केवल अमानवीय है,बल्कि धार्मिक और नैतिक मूल्यों के भी खिलाफ है।
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस घटना को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। नई दिल्ली ने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। भारत ने यह भी जोर दिया कि इस तरह की घटनाओं पर चुप्पी साधना वैश्विक जिम्मेदारी से मुँह मोड़ने के समान है।
इस बीच,अफगानिस्तान की ओर से भी इस हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। तालिबान सरकार के अधिकारियों ने कहा कि यह हमला सोमवार रात करीब 9 बजे हुआ,जिसमें काबुल स्थित ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल को निशाना बनाया गया। यह अस्पताल लगभग 2,000 बेड की क्षमता वाला एक बड़ा चिकित्सा केंद्र है,जहाँ नशा मुक्ति से जुड़े मरीजों का इलाज किया जाता है।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर दुनिया की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है और यह अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी की अनदेखी को दर्शाती है। मंत्रालय ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह आम नागरिकों को निशाना बना रहा है,जबकि वैश्विक समुदाय सिर्फ मूक दर्शक बना हुआ है।
भारत ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस कठिन समय में अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है। साथ ही,भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को भी दोहराया।
यह घटना न केवल अफगानिस्तान,बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की कार्रवाइयों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई,तो इससे क्षेत्र में तनाव और संघर्ष और बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर,काबुल में हुआ यह एयरस्ट्राइक एक ऐसी त्रासदी है,जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से की गई अपील यह दर्शाती है कि अब इस तरह की घटनाओं पर वैश्विक स्तर पर ठोस और निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है,ताकि भविष्य में निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके और क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।
