नई दिल्ली,27 मार्च (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर चर्चा में हैं,लेकिन इस बार वजह उनका बल्ला नहीं,बल्कि उनका नया टैटू है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से ठीक पहले कोहली ने अपने टैटू कलेक्शन में एक खास और गहराई से जुड़ा हुआ डिजाइन शामिल किया है,जो उनके जीवन के अनुभवों, आध्यात्मिक सोच और व्यक्तिगत बदलावों को दर्शाता है।
कोहली का यह नया टैटू उनकी बाईं बांह पर बनाया गया है,जहाँ पहले से मौजूद टैटू को पूरी तरह हटाने के बजाय उसे नया रूप दिया गया है। टैटू स्टूडियो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार,इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पुराने डिजाइनों को एक नई कहानी में ढालना था,जो आज के कोहली की सोच और उनके विकसित व्यक्तित्व के साथ मेल खाती हो।
इस टैटू की शुरुआत भगवान शिव से प्रेरित एक आर्मबैंड के पुनर्निर्माण से हुई है। शिव भारतीय संस्कृति में शक्ति,संतुलन और विनाश के बाद सृजन के प्रतीक माने जाते हैं। कोहली का यह चयन उनके भीतर के बदलाव और आत्मिक यात्रा की ओर इशारा करता है। पहले से मौजूद इस डिजाइन को और अधिक सूक्ष्मता और गहराई के साथ फिर से तैयार किया गया,जिससे यह उनके जीवन के नए अध्याय को दर्शा सके।
इसके बाद यह डिजाइन एक जटिल और आकर्षक मंडला पैटर्न में परिवर्तित हो जाता है,जिसे डॉटवर्क तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है। मंडला भारतीय और बौद्ध परंपराओं में ब्रह्मांड और आत्मा के संतुलन का प्रतीक होता है। कोहली के टैटू में यह पैटर्न न केवल सौंदर्य बढ़ाता है,बल्कि उनके जीवन में संतुलन और स्थिरता की खोज को भी दर्शाता है।
टैटू का यह मंडला पैटर्न धीरे-धीरे पूरी बांह में फैलता है और एक स्लीव डिजाइन का आधार तैयार करता है। इसमें फ्लो और निरंतरता दिखाई देती है,जो कोहली के क्रिकेट करियर और व्यक्तिगत जीवन की यात्रा का प्रतीक है,जहाँ हर अनुभव एक नई दिशा देता है और हर चुनौती उन्हें और मजबूत बनाती है।
इस डिजाइन में कमल और पियोनी जैसे फूलों को भी शामिल किया गया है। कमल भारतीय संस्कृति में पवित्रता और आत्मज्ञान का प्रतीक माना जाता है,जबकि पियोनी फूल मजबूती, समृद्धि और भावनात्मक संतुलन को दर्शाता है। इन दोनों तत्वों का शामिल होना इस बात का संकेत देता है कि कोहली अब केवल एक खिलाड़ी नहीं,बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में विकसित हो चुके हैं,जो मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को भी उतनी ही अहमियत देते हैं।
हालाँकि,इस टैटू के पीछे छिपे सभी व्यक्तिगत अर्थों को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया है। यही कारण है कि इस डिजाइन में एक रहस्य भी बना हुआ है,जो प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ाता है। कोहली हमेशा से अपने टैटू के जरिए अपनी जिंदगी के खास पहलुओं को व्यक्त करते रहे हैं और यह नया डिजाइन उसी परंपरा का विस्तार है।
अगर उनके क्रिकेट करियर की बात करें,तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ कोहली का रिश्ता बेहद खास रहा है। वह आईपीएल के पहले सीजन 2008 से ही इस टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने इस फ्रेंचाइजी को अपनी पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता ने उन्हें लीग के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का सीजन कोहली और आरसीबी के लिए ऐतिहासिक रहा,जब टीम ने अपना पहला खिताब जीता। इस जीत में कोहली की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी। उन्होंने 15 मैचों में 657 रन बनाए,जिसमें आठ अर्धशतक शामिल थे। उनकी इस शानदार फॉर्म ने टीम को ट्रॉफी तक पहुँचाने में निर्णायक योगदान दिया।
अब आईपीएल 2026 के सीजन में आरसीबी अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी और एक बार फिर सभी की निगाहें कोहली पर होंगी। प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनका बल्ला एक बार फिर उसी अंदाज में बोलेगा,जैसा पिछले सीजन में देखने को मिला था।
कोहली का यह नया टैटू भी उनके आगामी प्रदर्शन के लिए एक प्रतीकात्मक संकेत माना जा रहा है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास को दर्शाता है,बल्कि यह भी बताता है कि वह हर नए सीजन को एक नई ऊर्जा और सोच के साथ शुरू करना चाहते हैं।
आज के दौर में,जहाँ खिलाड़ी केवल मैदान तक सीमित नहीं रहते,बल्कि अपनी व्यक्तिगत पहचान और विचारों को भी दुनिया के सामने रखते हैं,वहाँ कोहली का यह कदम उन्हें और खास बनाता है। उनका यह टैटू सिर्फ एक डिजाइन नहीं,बल्कि एक कहानी है—संघर्ष, आत्मचिंतन और निरंतर विकास की कहानी।
आईपीएल 2026 के साथ एक नई शुरुआत होने जा रही है और कोहली का यह नया रूप उनके प्रशंसकों के लिए एक अलग ही उत्साह लेकर आया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह नया अध्याय मैदान पर उनके प्रदर्शन में किस तरह झलकता है और क्या वह एक बार फिर अपनी टीम को सफलता की ऊँचाइयों तक ले जा पाते हैं।
