काठमांडू,27 मार्च (युआईटीवी)- नेपाल की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है,जहाँ बालेन शाह को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता बालेन शाह अब नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत की गई। इस फैसले ने नेपाल की राजनीति में एक नई दिशा और युवा नेतृत्व की शुरुआत का संकेत दिया है।
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि बालेन शाह को काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के पूर्व मेयर के रूप में उनके अनुभव और हालिया चुनावी सफलता को देखते हुए प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें अपनी संसदीय पार्टी का नेता चुना था,जिससे उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।
हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में आरएसपी ने लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस शानदार जीत ने पार्टी को सरकार बनाने का स्पष्ट जनादेश दिया और बालेन शाह को देश के शीर्ष पद तक पहुँचाया। उनकी लोकप्रियता और जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि नेपाल की जनता बदलाव चाहती है और नए नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।
शुक्रवार को दोपहर 12:34 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह शपथ समारोह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ,जिसमें सात शंखनादकों द्वारा शंख ध्वनि के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। नेपाल की परंपरा में शंखनाद को शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है,जो इस ऐतिहासिक अवसर को और भी खास बना गया।
बालेन शाह की जीत भी अपने आप में ऐतिहासिक रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को झापा-5 सीट से 49,614 वोटों के बड़े अंतर से हराया। शाह को कुल 68,348 वोट मिले,जबकि ओली को मात्र 18,734 वोटों से संतोष करना पड़ा। यह अंतर 1991 के बाद से नेपाल के संसदीय चुनावों में किसी भी उम्मीदवार द्वारा हासिल किया गया सबसे बड़ा अंतर माना जा रहा है।
बालेन शाह का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने 2022 में राजनीति में कदम रखा,जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा। खास बात यह रही कि उन्होंने यह चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा और जीत हासिल की। उनकी यह जीत पारंपरिक राजनीतिक दलों के खिलाफ जनता के असंतोष और बदलाव की चाह को दर्शाती थी।
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह एक मधेसी परिवार से आते हैं। उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड भी काफी मजबूत रहा है। उन्होंने काठमांडू से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत की विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग की इस पढ़ाई ने उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर,शहरी विकास और सार्वजनिक कार्यों की गहरी समझ दी।
काठमांडू महानगरपालिका के मेयर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान यह तकनीकी विशेषज्ञता साफ तौर पर देखने को मिली। उन्होंने शहर के विकास,ट्रैफिक मैनेजमेंट,कचरा प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे को सुधारने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए। उनकी कार्यशैली पारदर्शिता,जवाबदेही और परिणामों पर आधारित रही,जिससे उन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिला।
प्रधानमंत्री बनने के बाद अब उनके सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं। नेपाल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना,बेरोजगारी को कम करना,इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। इसके अलावा,पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को संतुलित बनाए रखना भी उनके लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक चुनौती होगी।
बालेन शाह के नेतृत्व में नेपाल की राजनीति में एक नई ऊर्जा और उम्मीद का माहौल बना है। युवा नेता के रूप में उनकी छवि और उनकी साफ-सुथरी राजनीति उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है। उनकी नियुक्ति यह संकेत देती है कि नेपाल अब पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर नए विचारों और दृष्टिकोण को अपनाने के लिए तैयार है।
बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यह न केवल राजनीतिक बदलाव का प्रतीक है,बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनता अब विकास,पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बालेन शाह अपने नेतृत्व में नेपाल को किस दिशा में लेकर जाते हैं और क्या वे जनता की उम्मीदों पर खरे उतर पाते हैं।
