मिर्जापुर,23 अप्रैल (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। नेशनल हाईवे-135 पर ड्रमंडगंज घाटी के पास हुए इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है,जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद वाहनों में आग लग गई और कई लोग जिंदा जल गए। इस घटना ने एक बार फिर इस घाटी में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर थाना ड्रमंडगंज क्षेत्र के बड़का घुमान के पास हुई। बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सामने चल रही स्विफ्ट कार,बोलेरो और एक ट्रेलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के तुरंत बाद बोलेरो और स्विफ्ट कार में आग लग गई,जिससे हालात और भयावह हो गए।
इस हादसे में बोलेरो सवार नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई,जिनमें चार मासूम बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा ट्रक चालक की भी जान चली गई। वहीं स्विफ्ट कार के चालक का शव वाहन में फँसा हुआ मिला,जिसे बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सभी शव बुरी तरह झुलस चुके थे,जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है। इस दर्दनाक दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्षेत्राधिकारी लालगंज,ड्रमंडगंज थानाध्यक्ष और आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। हालाँकि,स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग के देर से पहुँचने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यदि दमकल की गाड़ियाँ समय पर पहुँच जातीं,तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने बताया है कि हादसे की वजह ट्रक का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। तेज ढलान और घाटी वाले इस इलाके में ब्रेक फेल होने के बाद ट्रक अनियंत्रित हो गया और उसने सामने चल रहे वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वाहनों में आग लग गई,जिससे यह हादसा और भी घातक बन गया। हालाँकि,पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना के सभी पहलुओं की गहन जाँच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जाँच के बाद ही सामने आएगा।
इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों को सूचना देने का काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रमंडगंज घाटी में इस तरह के हादसे कोई नई बात नहीं हैं। यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएँ होती रहती हैं,जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में खामियाँ हैं और इस इलाके में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासन को इस बारे में शिकायत भी की गई,लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक ऐसी घटनाएँ होती रहेंगी और कब सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएँगे। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटी वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा उपायों की जरूरत होती है,जैसे बेहतर संकेतक,स्पीड कंट्रोल और नियमित वाहन जाँच,ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा है कि वह इस इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर जरूरी सुधार करे,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा न केवल मिर्जापुर,बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेता है और क्या आने वाले समय में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते हैं या नहीं।
