जापान में रिलीज के लिए तैयार ‘धुंरधर’ (तस्वीर क्रेडिट@KshitizCritic)

जापान में रिलीज के लिए तैयार ‘धुंरधर’, क्या तोड़ पाएगी ‘आरआरआर’ और ‘दंगल’ के रिकॉर्ड?

मुंबई,30 अप्रैल (युआईटीवी)- भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक पहुँच के बीच निर्देशक आदित्य धर की चर्चित फिल्म धुंरधर एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। भारत और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब इस फिल्म को जापान में रिलीज करने का फैसला लिया गया है। निर्माताओं की ओर से जारी जानकारी के अनुसार,फिल्म 7 जुलाई को जापान के सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इस घोषणा के साथ ही फिल्म को लेकर नई उम्मीदें और चुनौतियाँ दोनों सामने आ गई हैं,क्योंकि जापानी बॉक्स ऑफिस पर भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन हमेशा से चर्चा का विषय रहा है।

फिल्म के प्रोडक्शन हाउस जियो स्टूडियो ने सोशल मीडिया पर ‘धुंरधर’ का जापानी पोस्टर साझा करते हुए इसकी रिलीज डेट की आधिकारिक पुष्टि की। पोस्टर में फिल्म के खास दृश्यों और स्टाइल को जापानी दर्शकों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया गया है,जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि मेकर्स इस बाजार को लेकर गंभीर हैं। फिल्म को पहले भारत और अन्य देशों में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल चुकी है और अब इसकी नजर जापान जैसे प्रतिस्पर्धी बाजार पर है।

हालाँकि, ‘धुंरधर’ के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन भारतीय फिल्मों के रिकॉर्ड हैं,जिन्होंने जापान में पहले ही अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इस सूची में सबसे ऊपर निर्देशक एस.एस. राजामौली की फिल्म आरआरआर का नाम आता है। इस फिल्म ने जापान में ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए करीब 2.42 बिलियन येन,यानी लगभग 136 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। यह आँकड़ा अब तक किसी भी भारतीय फिल्म के लिए जापान में सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना हुआ है,जिसे तोड़ना किसी भी नई फिल्म के लिए आसान नहीं माना जाता।

 

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इसके अलावा,आमिर खान की फिल्म दंगल ने भी जापान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। हालाँकि,‘दंगल’ ने चीन में जितनी बड़ी सफलता हासिल की,उतनी जापान में नहीं मिली,लेकिन फिर भी फिल्म ने जापानी बाजार में अच्छी कमाई की थी और दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई थी। इसी तरह शाहरुख खान की फिल्म पठान को भी जापान में रिलीज किया गया था,जहाँ उसने सीमित स्तर पर ही सही, लेकिन संतोषजनक प्रदर्शन किया।

हाल के वर्षों में छोटे बजट की फिल्मों ने भी जापान में अच्छा प्रदर्शन किया है। लापता लेडीज और सालार जैसी फिल्मों ने यह साबित किया है कि यदि कहानी और प्रस्तुति दमदार हो,तो सीमित संसाधनों के बावजूद विदेशी बाजारों में सफलता हासिल की जा सकती है। इन फिल्मों की सफलता ने भारतीय निर्माताओं को यह भरोसा दिया है कि जापान जैसे बाजार में अब और भी संभावनाएँ मौजूद हैं।

‘धुंरधर’ की बात करें तो यह फिल्म पहले ही बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। इसके सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीता है। फिल्म की कहानी,निर्देशन और तकनीकी पक्ष को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा है। यही कारण है कि अब इसे जापान जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतारने का फैसला लिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जापानी दर्शकों का स्वाद काफी अलग होता है। वे फिल्मों में गहराई,भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत कहानी को ज्यादा महत्व देते हैं। ऐसे में ‘धुंरधर’ को वहाँ सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़े पैमाने पर रिलीज ही नहीं,बल्कि कंटेंट के स्तर पर भी खुद को साबित करना होगा। इसके साथ ही,स्थानीय दर्शकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार-प्रसार और मार्केटिंग रणनीति भी अहम भूमिका निभाएगी।

भारतीय फिल्मों की वैश्विक यात्रा में जापान एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनता जा रहा है। यहाँ की ऑडियंस भारतीय सिनेमा के प्रति धीरे-धीरे रुचि दिखा रही है और यह रुझान भविष्य में और मजबूत हो सकता है। ‘धुंरधर’ की रिलीज इसी दिशा में एक और कदम है,जो यह तय करेगा कि भारतीय सिनेमा की पहुँच और प्रभाव कितनी दूर तक जा सकता है।

अब सबकी निगाहें 7 जुलाई पर टिकी हैं,जब ‘धुंरधर’ जापान में रिलीज होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म वहाँ के दर्शकों को उतना ही प्रभावित कर पाएगी,जितना उसने भारत और अन्य देशों में किया है। यदि फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है,तो यह न केवल नए रिकॉर्ड बना सकती है,बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए एक और वैश्विक सफलता की कहानी भी लिख सकती है।