धार,30 अप्रैल (युआईटीवी)- मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया,जिसमें 12 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि करीब 20 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच तिरला बाईपास के पास चिकल्या चौराहे पर हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चीख-पुकार से वातावरण गूंज उठा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,करीब 35 मजदूर एक पिकअप वाहन में सवार होकर बग्गड़ क्षेत्र से अपने घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक लोग सवार थे,जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका और बढ़ गई थी। इसी दौरान चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार में चल रहा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया और सामने से आ रही एक एसयूवी से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई मजदूर वाहन के नीचे दब गए और कुछ दूर जा गिरे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए। घायलों को तत्काल बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुँचाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है,जहाँ उनका इलाज जारी है।
धार के प्रभारी जिलाधिकारी अभिषेक चौधरी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि 12 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि घायलों के बेहतर इलाज के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। वहीं,डीआईजी मयंक अवस्थी भी मौके पर पहुँचे और उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,पिकअप वाहन काफी तेज गति से चल रहा था और उसमें अत्यधिक संख्या में मजदूर बैठे थे। अचानक वाहन के पलटते ही जोरदार धमाका हुआ और लोग इधर-उधर गिरने लगे। कुछ मजदूर वाहन के नीचे फँस गए,जिन्हें निकालने में काफी समय लगा। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कई जिंदगियाँ बचाने में मदद की,लेकिन हादसा इतना भयावह था कि कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है। अक्सर देखा जाता है कि मजदूरों को ले जाने वाले वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठा लिया जाता है,जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों के परिवारों में इस घटना के बाद कोहराम मच गया है। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया है,जिससे उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की जा सकती है,हालाँकि,इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राज्य सरकार ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दुर्घटना की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा न केवल एक दुखद घटना है,बल्कि यह एक चेतावनी भी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। यदि समय रहते नियमों का पालन किया जाता और वाहन में क्षमता से अधिक लोगों को नहीं बैठाया जाता,तो शायद इतनी बड़ी जानमाल की हानि टाली जा सकती थी। अब जरूरत है कि प्रशासन के साथ-साथ आम लोग भी जागरूक हों और ऐसे जोखिम भरे कदम उठाने से बचें,ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।
