केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक रवि पंडित का निधन (तस्वीर क्रेडिट@Dev_Fadnavis)

केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक रवि पंडित का निधन,भारतीय ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर उद्योग को बड़ा झटका

नई दिल्ली,9 मई (युआईटीवी)- भारतीय प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर उद्योग के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। रवि पंडित का पुणे में 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए दी। उद्योग जगत में रवि पंडित को दूरदर्शी उद्यमी,नवाचार को बढ़ावा देने वाले नेता और भारतीय आईटी क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले व्यक्तित्व के रूप में याद किया जा रहा है।

रवि पंडित केवल एक सफल कारोबारी नेता ही नहीं थे,बल्कि उन्होंने भारतीय ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर उद्योग को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने केएंडपी समूह की सह-स्थापना की और बाद में केपीआईटी टेक्नोलॉजीज को एक ऐसी वैश्विक मोबिलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में विकसित किया,जिसने ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग समाधान उपलब्ध कराए। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ऑटोनॉमस ड्राइविंग,इलेक्ट्रिफिकेशन,क्लीन एनर्जी और स्मार्ट मोबिलिटी जैसे भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया।

रवि पंडित के मार्गदर्शन में केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने दुनिया के 15 देशों में अपनी मौजूदगी स्थापित की। कंपनी ने वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ साझेदारी करते हुए ऐसे तकनीकी समाधान विकसित किए,जो आधुनिक वाहन उद्योग की बदलती जरूरतों को पूरा करने में सहायक बने। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में मोबिलिटी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जो तेज प्रगति देखने को मिली है,उसमें रवि पंडित का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

उनकी नेतृत्व क्षमता और दूरदृष्टि ने केपीआईटी टेक्नोलॉजीज को पारंपरिक आईटी सेवा कंपनी से आगे बढ़ाकर एक विशेषीकृत ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर कंपनी में बदल दिया। कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण तकनीकी समाधान तैयार किए। यही वजह रही कि केपीआईटी टेक्नोलॉजीज को वैश्विक स्तर पर ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम के रूप में पहचान मिली।

कॉर्पोरेट जगत से आगे बढ़कर रवि पंडित सामाजिक और सार्वजनिक नीति से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय रहे। उन्होंने पुणे इंटरनेशनल सेंटर और जनवानी जैसे संस्थानों की सह-स्थापना की,जिनका उद्देश्य समाज,नीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद और समाधान को बढ़ावा देना था। इसके अलावा उन्होंने गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के सतत विकास केंद्र के माध्यम से कई शोध और नीति आधारित पहलों को समर्थन दिया।

रवि पंडित भारतीय उद्योग जगत की विभिन्न संस्थाओं से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। उन्होंने मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स,इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर के चेयरमैन के रूप में कार्य किया और उद्योग से जुड़े कई राष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही उन्होंने कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की विभिन्न समितियों में योगदान देते हुए उद्योग और नीति निर्माण से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उद्योग जगत में उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता था,जो केवल व्यापारिक सफलता तक सीमित नहीं थे,बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भागीदारी निभाते थे।

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद उद्योग जगत,कारोबारी संगठनों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। कई उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने कहा कि रवि पंडित ने भारतीय आईटी और ऑटोमोटिव तकनीक को नई दिशा दी और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। पुणे के कारोबारी और शैक्षणिक क्षेत्र में भी उनके निधन को बड़ी क्षति माना जा रहा है।

इस बीच शेयर बाजार में केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयरों में हल्की तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 0.61 प्रतिशत बढ़कर 726 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार करता दिखाई दिया। कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,433 रुपए रहा है,जबकि 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर 625 रुपए दर्ज किया गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी की दीर्घकालिक तकनीकी क्षमता और वैश्विक साझेदारियाँ निवेशकों के विश्वास को बनाए हुए हैं।

हालाँकि,हाल ही में कंपनी के वित्तीय नतीजों ने कुछ चुनौतियों की ओर भी संकेत दिया है। इस सप्ताह की शुरुआत में कंपनी ने मार्च तिमाही के परिणाम घोषित किए थे,जिनमें समेकित शुद्ध लाभ में 33 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान तिमाही के 245 करोड़ रुपए की तुलना में घटकर 163 करोड़ रुपए रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और लागत संबंधी दबावों का असर कंपनी के लाभ पर पड़ा है।

इसके बावजूद कंपनी के परिचालन राजस्व में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 1,711 करोड़ रुपए पहुँच गया,जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,528 करोड़ रुपए था। कंपनी का मानना है कि भविष्य की मोबिलिटी तकनीकों और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती माँग आने वाले वर्षों में विकास के नए अवसर पैदा करेगी।

रवि पंडित के निधन के साथ भारतीय उद्योग जगत ने एक ऐसे दूरदर्शी नेता को खो दिया है,जिन्होंने तकनीक,उद्योग और समाज के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका जीवन इस बात का उदाहरण माना जाएगा कि किस तरह नवाचार,नेतृत्व और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से एक व्यक्ति वैश्विक स्तर पर बदलाव ला सकता है।