नई दिल्ली,9 मई (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है,क्योंकि पहली बार भारतीय जनता पार्टी राज्य की सत्ता संभालने जा रही है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाला यह समारोह केवल सत्ता परिवर्तन का कार्यक्रम नहीं,बल्कि राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह तृणमूल कांग्रेस के डेढ़ दशक लंबे शासन के अंत और विकास आधारित नई राजनीति की शुरुआत का प्रतीक होगा।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच इसे ‘ऐतिहासिक सवेरा’ बताया जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने समारोह से पहले अपने संदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल अब विकास,शांति और समृद्धि के नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने से जनता की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदें पूरी होंगी और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि ‘सिटी ऑफ जॉय’ में उनका आगमन पश्चिम बंगाल के लिए गौरव और उत्साह का क्षण है। उन्होंने लिखा कि आजादी के बाद पहली बार राज्य में भाजपा सरकार का गठन होना पार्टी के संस्थापक नेताओं के सपनों को साकार करने जैसा है। अधिकारी ने दावा किया कि राज्य में दशकों से चले आ रहे कथित कुशासन का अंत हो रहा है और अब बंगाल विकास की नई राह पर आगे बढ़ेगा।
भाजपा नेताओं का मानना है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने से पश्चिम बंगाल को ‘डबल इंजन’ सरकार का लाभ मिलेगा। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अब राज्य के लोगों तक तेजी से पहुँचेगा और विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश, रोजगार, बुनियादी ढाँचे,शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। भाजपा का दावा है कि नई सरकार राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाएगी।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले इस भव्य समारोह में देशभर से भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री,केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी भी समारोह में मौजूद रहेंगे। इस आयोजन को भाजपा अपनी राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है।
समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनन्द बोस नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएँगे। इस मौके पर यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार में किन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलेगी। भाजपा के अंदर मंत्रिमंडल गठन को लेकर कई दौर की चर्चाएँ पहले ही हो चुकी हैं और पार्टी सामाजिक तथा क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
नई सरकार के कामकाज को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव की चर्चा है। भाजपा ने संकेत दिया है कि सरकार कोलकाता स्थित ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से काम करेगी। यह वही भवन है,जो लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक पहचान रहा है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान हावड़ा जिले के नबान्ना सचिवालय से प्रशासन चलाया था। भाजपा का कहना है कि राइटर्स बिल्डिंग से सरकार चलाने का निर्णय राज्य की प्रशासनिक परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार ‘सामूहिक नेतृत्व’ के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य केवल किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं,बल्कि पूरी टीम और जनता के सहयोग से आगे बढ़ेगा। अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य राजनीतिक टकराव नहीं,बल्कि विकास और जनकल्याण होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के जरिए पश्चिम बंगाल को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले राज्य में भाजपा की जीत को पार्टी की बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत की थी और अब सत्ता में आने के बाद उसके सामने जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती होगी।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जनता आने वाले समय में नई सरकार के कामकाज का आकलन करेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता विकास और सामाजिक सौहार्द को सबसे ज्यादा महत्व देती है और नई सरकार को इन मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी होगी।
फिलहाल पूरे राज्य की नजरें शनिवार सुबह होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं। भाजपा इसे केवल सरकार गठन नहीं,बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए युग की शुरुआत के रूप में पेश कर रही है। अब यह देखना अहम होगा कि सत्ता सँभालने के बाद सुवेंदु अधिकारी और उनकी टीम जनता से किए गए वादों को किस तरह जमीन पर उतारती है और पश्चिम बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
