हुंडई मोटर इंडिया

हुंडई मोटर इंडिया का मुनाफा 22 फीसदी घटा,बढ़ती लागत से चौथी तिमाही के नतीजों पर दबाव

मुंबई,9 मई (युआईटीवी)- हुंडई मोटर इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि कंपनी के समेकित शुद्ध मुनाफे में 22.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में कंपनी का मुनाफा घटकर 1,255.6 करोड़ रुपए रह गया,जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1,614.3 करोड़ रुपए था। हालाँकि,कंपनी की आय में वृद्धि दर्ज की गई,लेकिन बढ़ते खर्च और मार्जिन पर दबाव की वजह से लाभ में कमी आई।

कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार,चौथी तिमाही में परिचालन आय यानी रेवेन्यू 5.4 प्रतिशत बढ़कर 18,916.15 करोड़ रुपए पहुँच गया। पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी की आय 17,940.28 करोड़ रुपए थी। कंपनी ने कहा कि बिक्री में वृद्धि और बेहतर थोक वॉल्यूम के कारण राजस्व में सुधार देखने को मिला,लेकिन उत्पादन और इन्वेंट्री से जुड़े खर्च तेजी से बढ़ने के कारण मुनाफे पर असर पड़ा।

हुंडई मोटर इंडिया ने बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान कुल खर्च सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 17,571.7 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी के अनुसार,खर्च में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से तैयार माल,प्रगति पर कार्य और स्टॉक-इन-ट्रेड की इन्वेंट्री में बदलाव के कारण हुई। ऑटोमोबाइल उद्योग में कच्चे माल,लॉजिस्टिक्स और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी का असर भी कंपनी के प्रदर्शन पर दिखाई दिया।

तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर भी दबाव देखने को मिला। ईबीआईटीडीए यानी ब्याज,कर,मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय 22.4 प्रतिशत घटकर 1,966 करोड़ रुपए रह गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आँकड़ा 2,532.7 करोड़ रुपए था। इसके साथ ही कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन भी घटकर 10.4 प्रतिशत पर आ गया,जबकि एक साल पहले यह 14.1 प्रतिशत था। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धी बाजार की वजह से मार्जिन पर दबाव बढ़ा है।

हालाँकि,वित्तीय दबाव के बावजूद कंपनी ने बिक्री प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश की है। हुंडई मोटर इंडिया का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसने घरेलू बाजार में अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री दर्ज की। कंपनी के थोक बिक्री वॉल्यूम में सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी ने इसका श्रेय जीएसटी 2.0 सुधारों,नई उत्पाद रणनीतियों और बाजार विस्तार को दिया है।

ऑटो कंपनी ने विशेष रूप से ग्रामीण बाजार में अपनी मजबूत पकड़ का उल्लेख किया। कंपनी के अनुसार,चौथी तिमाही में ग्रामीण बाजार में उसकी हिस्सेदारी रिकॉर्ड 25 प्रतिशत तक पहुँच गई। इसे ग्रामीण भारत में बढ़ती माँग और कंपनी के नेटवर्क विस्तार का परिणाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में निजी वाहनों की माँग तेजी से बढ़ी है और ऑटो कंपनियां अब इस बाजार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मान रही हैं।

हुंडई मोटर इंडिया ने अपने सीएनजी पोर्टफोलियो के प्रदर्शन को भी मजबूत बताया। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान कुल बिक्री में सीएनजी वाहनों का योगदान रिकॉर्ड 18 प्रतिशत तक पहुँच गया। इसके पीछे उपभोक्ताओं के बीच कम ईंधन लागत वाले वाहनों की बढ़ती माँग और कमर्शियल मोबिलिटी सेगमेंट में कंपनी की बढ़ती उपस्थिति को प्रमुख कारण बताया गया। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सीएनजी वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है,जिसका लाभ ऑटो कंपनियों को मिल रहा है।

कंपनी ने यह भी कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद उसका निर्यात कारोबार मजबूत बना हुआ है। हुंडई मोटर इंडिया के अनुसार,चौथी तिमाही में निर्यात में सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात 16.4 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय विनिर्माण इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और गुणवत्ता के कारण निर्यात में लगातार सुधार हो रहा है।

ऑटो उद्योग के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में माँग में सुधार और भारत को विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत होती स्थिति का लाभ हुंडई जैसी कंपनियों को मिल रहा है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में निर्यात नेटवर्क को मजबूत करने और नए बाजारों तक पहुँच बढ़ाने पर जोर दिया है,जिसका असर अब नतीजों में दिखाई दे रहा है।

हुंडई मोटर इंडिया ने आने वाले वित्त वर्ष को लेकर भी सकारात्मक उम्मीद जताई है। कंपनी का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में 8 से 10 प्रतिशत तक वॉल्यूम वृद्धि की संभावना है। कंपनी को उम्मीद है कि नए उत्पाद लॉन्च,डीलर नेटवर्क विस्तार और बाजार विविधीकरण योजनाएँ भविष्य की वृद्धि में मदद करेंगी।

कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि भारत में संचालन के 30 वर्ष पूरे होने पर कंपनी को अपनी मजबूत नींव पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यह नींव ग्राहक विश्वास,नवाचार और लगातार बेहतर प्रदर्शन पर आधारित है। उनके अनुसार,वित्त वर्ष 2025-26 चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अवसरों का लाभ उठाने वाला वर्ष साबित हुआ।

तरुण गर्ग ने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधार,रणनीतिक उत्पाद हस्तक्षेप,मजबूत निर्यात प्रदर्शन और “क्वालिटी ऑफ ग्रोथ” पर फोकस ने कंपनी को आगे बढ़ने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी भविष्य में नई तकनीक,वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालाँकि मुनाफे में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है,लेकिन बिक्री वृद्धि, ग्रामीण बाजार में मजबूत पकड़ और निर्यात में सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। आने वाले समय में यदि लागत पर नियंत्रण और मार्जिन में सुधार होता है,तो हुंडई मोटर इंडिया दोबारा मजबूत लाभ वृद्धि की ओर लौट सकती है।

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और कंपनियाँ नई तकनीक,ईंधन विकल्प और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में हुंडई मोटर इंडिया के लिए आने वाला समय चुनौतियों और अवसरों दोनों से भरा रहने वाला है।