तेहरान, 11 मई (युआईटीवी)- ईरान ने अपने सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास कथित तेल रिसाव की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हाल के दिनों में सामने आई कुछ सेटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया था कि फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास समुद्र में बड़े पैमाने पर तेल फैल गया है। हालाँकि,अब ईरानी अधिकारियों ने इन रिपोर्टों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा है कि मौके पर किए गए निरीक्षण और वैज्ञानिक जाँच में किसी भी तरह के तेल रिसाव के सबूत नहीं मिले हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार,ईरान की ऑयल टर्मिनल्स कंपनी ने स्पष्ट किया है कि खार्ग द्वीप के आसपास किसी प्रकार की तकनीकी खराबी या तेल लीक की घटना नहीं हुई है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि जैसे ही सेटेलाइट तस्वीरों के आधार पर तेल रिसाव की खबरें सामने आईं,तुरंत विशेष जाँच टीमों को क्षेत्र में भेजा गया। इन टीमों ने स्टोरेज टैंक,पाइपलाइन,लोडिंग सुविधाओं और तेल टैंकरों की गहन जाँच की,लेकिन कहीं भी रिसाव का कोई संकेत नहीं मिला।
अधिकारी ने कहा कि फील्ड इंस्पेक्शन के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र से सैंपल लेकर लैब परीक्षण भी किए गए। जाँच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि तेल रिसाव का “जरा सा भी निशान” मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ सेटेलाइट तस्वीरों के आधार पर फैल रही अफवाहों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया,जबकि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
ईरानी अधिकारियों ने यह भी बताया कि मरीन इमरजेंसी म्यूचुअल एड सेंटर यानी एमईएमएसी ने भी क्षेत्र में किसी प्रकार के समुद्री प्रदूषण या तेल रिसाव की पुष्टि नहीं की है। यह संस्था खाड़ी क्षेत्र में समुद्री प्रदूषण और पर्यावरणीय घटनाओं की निगरानी करती है। ईरान का कहना है कि यदि इतना बड़ा तेल रिसाव हुआ होता तो क्षेत्रीय समुद्री एजेंसियों और अंतर्राष्ट्रीय निगरानी संस्थाओं को इसके स्पष्ट संकेत मिलते।
दरअसल,पिछले कुछ दिनों से कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया था कि खार्ग द्वीप के पश्चिमी हिस्से के पास समुद्र की सतह पर एक बड़ी चिकनी परत दिखाई दी है। सेटेलाइट इमेजरी का हवाला देते हुए कहा गया कि यह तेल का फैलाव हो सकता है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि यह परत लगभग 20 वर्ग मील तक फैल चुकी है और समुद्री धाराओं के साथ सऊदी अरब की दिशा में बढ़ रही है।
ऑर्बिटल ईओएस नामक संस्था ने अनुमान जताया था कि करीब 3000 बैरल से अधिक तेल समुद्र में बह सकता है। इस रिपोर्ट के बाद पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर चिंताएँ बढ़ गई थीं। समुद्री जीवों,तटीय पारिस्थितिकी और खाड़ी क्षेत्र के जल संसाधनों पर इसके असर को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई थी।
हालाँकि,ईरान ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी तेल सुविधाएँ सामान्य रूप से काम कर रही हैं और कहीं भी कोई तकनीकी खराबी सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि तेल टर्मिनल,पाइपलाइन और जहाजों में तेल भरने की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित तरीके से संचालित की जा रही है।
खार्ग द्वीप ईरान की तेल अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश के लगभग 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से किया जाता है। यहाँ विशाल तेल भंडारण केंद्र,पाइपलाइन नेटवर्क और लोडिंग टर्मिनल मौजूद हैं। यह द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान के सबसे बड़े ऊर्जा केंद्रों में शामिल है और यहाँ से दुनिया के कई देशों को तेल की आपूर्ति की जाती है।
रिपोर्टों के अनुसार खार्ग द्वीप पर प्रतिदिन करीब 70 लाख बैरल तेल जहाजों में भरा जाता है। ऐसे में यहाँ किसी भी प्रकार की दुर्घटना या रिसाव की खबर वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर सकती है। यही कारण है कि सेटेलाइट तस्वीरों के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सेटेलाइट तकनीक समुद्री गतिविधियों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है,लेकिन कई बार प्राकृतिक कारणों या समुद्र की सतह पर बनने वाली परतों को गलत तरीके से तेल रिसाव समझ लिया जाता है। समुद्र में मौसम,जलधाराओं और औद्योगिक गतिविधियों के कारण भी ऐसी तस्वीरें सामने आ सकती हैं, जिनकी पुष्टि के लिए जमीनी जाँच जरूरी होती है।
ईरान के बयान के बाद अब यह बहस तेज हो गई है कि सेटेलाइट तस्वीरों की व्याख्या कितनी सटीक थी और क्या बिना प्रत्यक्ष जाँच के ऐसे दावे करना उचित था। कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री क्षेत्रों में संभावित प्रदूषण की आशंका को गंभीरता से लेना जरूरी है,लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले वैज्ञानिक और तकनीकी पुष्टि भी आवश्यक होती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार की नजरें भी खाड़ी क्षेत्र पर बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच खार्ग द्वीप से जुड़ी किसी भी खबर का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर पड़ सकता है।
फिलहाल ईरान ने साफ कर दिया है कि उसके प्रमुख तेल निर्यात केंद्र पर किसी प्रकार का संकट नहीं है और सभी सुविधाएँ सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आती है,तो उसकी जानकारी पारदर्शिता के साथ साझा की जाएगी,लेकिन वर्तमान में तेल रिसाव की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
