गिर सोमनाथ,11 मई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले सोमनाथ पहुँचे,जहाँ उनका भव्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे जमा होकर हाथ हिलाते हुए और नारे लगाकर उनका अभिवादन करते नजर आए। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए सोमनाथ नगरी को विशेष रूप से सजाया गया था और जगह-जगह भाजपा के झंडे,तिरंगे और पारंपरिक सजावट दिखाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में भाग लेने पहुँचे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर गुजरात ही नहीं,बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के शहर पहुँचते ही उनका रोड शो आयोजित किया गया,जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने फूल बरसाकर और जयकारे लगाकर उनका स्वागत किया। कई लोग पारंपरिक गुजराती वेशभूषा में नजर आए,जिससे पूरे माहौल में सांस्कृतिक रंग और अधिक गहरा हो गया।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर के प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। जिस मार्ग से प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुँचे,उसे विशेष रूप से सजाया गया था। पूरा रास्ता भाजपा के झंडों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजा हुआ दिखाई दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन निगरानी और आधुनिक तकनीकों की मदद से पूरे क्षेत्र की निगरानी की व्यवस्था भी की थी।
सोमनाथ मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर हिंदू आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में देशभर से श्रद्धालु,कलाकार और गणमान्य व्यक्ति शामिल होने पहुँचे हैं। गुजरात के अलग-अलग जिलों से लोग बड़ी संख्या में सोमनाथ पहुँच रहे हैं,जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव जैसा वातावरण बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वह ‘विशेष महापूजा’, ‘कुंभाभिषेक’ और ‘ध्वजारोहण’ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी करेंगे। इसे मंदिर के ऐतिहासिक महत्व और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ प्रशासनिक और सामाजिक कार्यक्रम भी शामिल हैं। वह गिर सोमनाथ और वडोदरा जिलों में आयोजित कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए विकास परियोजनाओं,सांस्कृतिक गतिविधियों और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन किया गया है। गुजरात की लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियाँ आयोजित की जा रही हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भजन,लोकनृत्य और धार्मिक संगीत कार्यक्रमों का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते स्थानीय प्रशासन ने यातायात और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
इस भव्य आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय वायुसेना की ‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ का विशेष हवाई प्रदर्शन भी होगा। कार्यक्रम के तहत छह ‘हॉक एमके-132’ विमान सोमनाथ मंदिर के ऊपर से उड़ान भरते हुए हवाई करतब दिखाएँगे। वायुसेना की यह प्रस्तुति श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनने वाली है। बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारतीय सभ्यता और धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मंदिर को कई बार आक्रमणों का सामना करना पड़ा,लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ और यह भारतीय आस्था का प्रतीक बनकर खड़ा रहा। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रेरणा से मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। यही कारण है कि मंदिर का पुनर्निर्माण केवल धार्मिक घटना नहीं,बल्कि राष्ट्रीय पुनर्जागरण का प्रतीक भी माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई बार सोमनाथ मंदिर आ चुके हैं और मंदिर ट्रस्ट से भी जुड़े रहे हैं। उनके इस दौरे को धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुजरात भाजपा और स्थानीय प्रशासन ने प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियाँ की थीं। शहर के प्रमुख स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए और पूरे क्षेत्र को रोशनी से सजाया गया।
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस आयोजन से सोमनाथ और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। होटल,धर्मशालाएँ और अन्य आवासीय सुविधाएँ श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भरी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाएँ की गई हैं।
सोमनाथ अमृत महोत्सव को लेकर पूरे गुजरात में उत्साह का माहौल है। यह आयोजन केवल धार्मिक समारोह नहीं बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत,आस्था और राष्ट्रीय गौरव के उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और अधिक विशेष बना दिया है। आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
