प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@BJP4India)

यूरोप और यूएई समेत पाँच देशों के दौरे पर जाएँगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,ऊर्जा,व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली,12 मई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से 20 मई के बीच पाँच देशों की महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले हैं। इस दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात,नीदरलैंड,स्वीडन,नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस बहुप्रतीक्षित विदेश यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत के रणनीतिक,आर्थिक और वैश्विक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। इस यात्रा में ऊर्जा सहयोग,रक्षा साझेदारी,नई तकनीक,व्यापार,निवेश और हरित विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात से करेंगे। इस दौरान वह यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस मुलाकात में ऊर्जा सुरक्षा,निवेश,व्यापार और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में लगातार वृद्धि देखी गई है। ऊर्जा क्षेत्र में भी यूएई भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहराई देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

यूएई दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के निमंत्रण पर आयोजित हो रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। साथ ही उनकी प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भी विस्तृत बातचीत होगी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ रहे सहयोग को और मजबूत करना है। बातचीत के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग,नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन,सेमीकंडक्टर निर्माण और जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। नीदरलैंड जल प्रबंधन और हरित तकनीक के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में माना जाता है,जबकि भारत इन क्षेत्रों में बड़े निवेश और साझेदारी की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में यह यात्रा रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 17 से 18 मई के बीच स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग जाएँगे। यह यात्रा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर हो रही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री के बीच दोनों देशों के रिश्तों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। साथ ही व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए नए अवसरों पर भी चर्चा होगी।

स्वीडन के साथ भारत के संबंध विशेष रूप से तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहे हैं। इस यात्रा में ग्रीन ट्रांजिशन,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,नई तकनीकों, स्टार्टअप सहयोग,मजबूत सप्लाई चेन,रक्षा,अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर बातचीत होगी। दोनों देश लोगों के बीच संपर्क और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वीडन तकनीकी नवाचार और हरित विकास के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। ऐसे में भारत के लिए यह साझेदारी भविष्य की अर्थव्यवस्था और नई तकनीकों के लिहाज से बेहद अहम हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत के डिजिटल और हरित विकास एजेंडे को वैश्विक सहयोग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

स्वीडन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे की यात्रा करेंगे। इस दौरान वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल होंगे। यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है,क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली नॉर्वे यात्रा होगी। वहीं पिछले 43 वर्षों में भारत के किसी प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक नॉर्वे यात्रा बताई जा रही है।

नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहाँ के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोनजा से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा उनकी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच व्यापार,ऊर्जा,समुद्री सहयोग और अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस सम्मेलन के जरिए दोनों देशों के कारोबारी और अनुसंधान संस्थानों के बीच नए सहयोग के रास्ते खुल सकते हैं। नॉर्वे हरित ऊर्जा और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देश माना जाता है और भारत इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है।

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 से 20 मई तक इटली के दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर हो रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ व्यापक बातचीत करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। खासतौर पर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच नए अवसरों पर चर्चा होगी। हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद भारत और यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पाँच देशों का दौरा भारत की वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा है। इस यात्रा के जरिए भारत ऊर्जा सुरक्षा,नई तकनीक,हरित विकास,व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की कोशिश करेगा। साथ ही यह दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और कूटनीतिक प्रभाव को भी दर्शाता है।