हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम की धमकी से मचा हड़कंप (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम की धमकी से मचा हड़कंप,विदेशी मुद्रा बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

हैदराबाद,15 मई (युआईटीवी)- राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब जर्मनी से आ रही एक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन,सुरक्षा एजेंसियों और विमानन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पूरे एयरपोर्ट को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया और फ्लाइट के सुरक्षित लैंड होने के बाद उसे तुरंत आइसोलेशन बे में ले जाकर गहन जाँच शुरू कर दी गई।

जानकारी के अनुसार,लुफ्थांसा एयरलाइंस की फ्लाइट एलएच 754 जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही थी। उड़ान के दौरान एयरलाइन के कस्टमर सपोर्ट विभाग को एक ईमेल मिला,जिसमें दावा किया गया कि विमान में बम रखा गया है और शमशाबाद पहुँचने से पहले उसे विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा। जैसे ही यह धमकी भरा संदेश सामने आया,विमानन सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियाँ तुरंत सक्रिय हो गईं।

धमकी की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल,सीआईएसएफ,एयरपोर्ट सुरक्षा इकाइयों और स्थानीय पुलिस को सतर्क कर दिया गया। एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी गईं। विमान की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और लैंडिंग प्रक्रिया को पूरी सावधानी के साथ पूरा कराया गया।

राहत की बात यह रही कि फ्लाइट सुरक्षित तरीके से हैदराबाद एयरपोर्ट पर उतर गई। लैंडिंग के तुरंत बाद विमान को सामान्य पार्किंग क्षेत्र में ले जाने के बजाय सीधे आइसोलेशन बे में भेजा गया। यह एयरपोर्ट का वह विशेष सुरक्षित क्षेत्र होता है,जहाँ किसी भी संदिग्ध विमान की जाँच की जाती है,ताकि यात्रियों और अन्य विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी जाँच टीमों ने विमान के हर हिस्से की बारीकी से जाँच की। यात्रियों को भी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान से उतारा गया और उनकी जाँच की गई। शुरुआती जाँच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली,लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक सतर्कता बरती जाएगी।

सुरक्षा एजेंसियाँ अब उस ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं,जिसके जरिए धमकी भेजी गई थी। साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहाँ से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है। शुरुआती जाँच में यह भी देखा जा रहा है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

हाल के वर्षों में देश के कई एयरपोर्ट और एयरलाइंस को इस तरह की फर्जी धमकियाँ मिलती रही हैं,जिससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। हालाँकि,अधिकतर मामलों में धमकियाँ झूठी साबित होती हैं,लेकिन विमानन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लिया जाता। यही वजह है कि इस मामले में भी सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया।

इसी बीच हैदराबाद एयरपोर्ट से जुड़ा एक और मामला सामने आया,जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी। एयरपोर्ट पर नियमित जांच के दौरान एक यात्री के पास से भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार,यात्री के पास से करीब 11 लाख 85 हजार 930 रुपये मूल्य की विदेशी करेंसी जब्त की गई है।

बताया जा रहा है कि यात्री की पहचान सैयद इस्माइल अली के रूप में हुई है,जो शमशाबाद से बैंकॉक जाने की तैयारी में था। एयरपोर्ट पर सामान्य बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान सीआईएसएफ के जवानों को उसके सामान में कुछ संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। इसके बाद बैग को अलग कर विस्तृत जाँच की गई,जिसमें बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बरामद हुई।

सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बरामद की गई विदेशी मुद्रा को जब्त कर लिया गया है और अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई थी और इसे बैंकॉक क्यों ले जाया जा रहा था। जाँच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह मामला हवाला कारोबार या किसी अन्य अवैध वित्तीय गतिविधि से जुड़ा तो नहीं है।

एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के दौरान विदेशी मुद्रा ले जाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। यदि कोई यात्री तय सीमा से अधिक विदेशी मुद्रा लेकर यात्रा करता है,तो उसे संबंधित दस्तावेज और अनुमति प्रस्तुत करनी होती है। फिलहाल इस मामले में दस्तावेजों की भी जाँच की जा रही है।

एक ही दिन में एयरपोर्ट पर सामने आए इन दो मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। बम की धमकी और विदेशी मुद्रा बरामदगी जैसे मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार के खतरे या अवैध गतिविधि से निपटने के लिए सभी एजेंसियाँ पूरी तरह तैयार हैं।

हैदराबाद का राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक एयरपोर्ट्स में गिना जाता है। यहाँ हर दिन बड़ी संख्या में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं। ऐसे में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए लगातार निगरानी और सख्त जाँच प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं।

फिलहाल दोनों मामलों में जाँच जारी है। सुरक्षा एजेंसियाँ बम की धमकी देने वाले की पहचान करने और विदेशी मुद्रा बरामदगी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।