नई दिल्ली,16 मई (युआईटीवी)- थाईलैंड ओपन सुपर 500 में भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। बैंकॉक में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने मलेशिया के गोह सेफेई और नूरइजुद्दीन की जोड़ी को कड़े संघर्ष में 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। यह मुकाबला एक घंटे 22 मिनट तक चला और इसमें भारतीय जोड़ी ने दबाव के बीच बेहतरीन संयम और जुझारूपन का प्रदर्शन किया।
दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी इस टूर्नामेंट में पहली वरीयता प्राप्त टीम के रूप में उतरी थी। हालाँकि,मुकाबले की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं रही। मलेशियाई जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले गेम में भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा। शुरुआती अंक से ही गोह और नूरइजुद्दीन की जोड़ी तेज लय में दिखाई दी और उन्होंने जल्दी बढ़त बना ली।
सात्विक और चिराग ने हालाँकि,जल्द ही वापसी करते हुए स्कोर बराबर किया और मुकाबले को संतुलित बना दिया। दोनों टीमों के बीच लंबे रैलियों और तेज स्मैश का शानदार मुकाबला देखने को मिला। भारतीय जोड़ी ने कुछ समय तक अच्छी लय पकड़ी,लेकिन मलेशियाई खिलाड़ियों ने इंटरवल तक बढ़त बनाए रखी। बाद में उन्होंने स्कोर 18-12 तक पहुँचा दिया,जिससे ऐसा लगने लगा कि पहला गेम आसानी से उनके नाम जाएगा।
लेकिन भारतीय जोड़ी ने हार नहीं मानी। सात्विक और चिराग ने लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले में रोमांच वापस ला दिया। उन्होंने चार लगातार अंक लेकर दबाव कम किया और अंतर घटाने की कोशिश की। इसके बावजूद मलेशियाई टीम ने अंतिम क्षणों में संयम बनाए रखा और पहला गेम 21-19 से जीत लिया।
पहला गेम गंवाने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में जबरदस्त वापसी की। इस बार सात्विक और चिराग ज्यादा आत्मविश्वास के साथ कोर्ट पर उतरे। दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल पहले से बेहतर दिखाई दिया और उन्होंने तेजी से अंक जुटाने शुरू किए। मुकाबला बेहद करीबी रहा और दोनों टीमें एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देती रहीं।
दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए नेट के पास तेज खेल दिखाया। साथ ही लंबी रैलियों में धैर्य बनाए रखा। इंटरवल तक सात्विक और चिराग 11-9 की बढ़त हासिल करने में सफल रहे। हालाँकि,ब्रेक के बाद मलेशियाई जोड़ी ने फिर वापसी की और मुकाबला एक बार फिर बराबरी पर पहुँच गया।
गेम के अंतिम चरण में रोमांच चरम पर पहुँच गया। दोनों टीमों के बीच हर अंक के लिए कड़ी जंग देखने को मिली। मलेशियाई जोड़ी ने कुछ समय के लिए बढ़त भी बनाई,लेकिन सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक स्मैश और बेहतरीन डिफेंस के दम पर लगातार अंक हासिल किए और आखिरकार दूसरा गेम 22-20 से अपने नाम कर लिया।
दूसरा गेम जीतने के बाद भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास पूरी तरह बढ़ चुका था। निर्णायक गेम में सात्विक और चिराग शुरू से ही नियंत्रण में दिखाई दिए। उन्होंने तेज शुरुआत की और मलेशियाई जोड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। कोर्ट पर उनकी ऊर्जा और आक्रामकता साफ दिखाई दे रही थी।
तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने लंबी रैलियों में धैर्य और शानदार फिटनेस का प्रदर्शन किया। सात्विक के दमदार स्मैश और चिराग के नेट गेम ने मलेशियाई खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखा। धीरे-धीरे भारतीय जोड़ी ने मजबूत बढ़त बना ली और फिर उसे अंत तक कायम रखा।
मलेशियाई खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन सात्विक और चिराग पूरी तरह लय में थे। भारतीय जोड़ी ने तीसरा गेम 21-16 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब 8-2 हो गया है, जो उनकी लगातार मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
यह जीत भारत के लिए इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टूर्नामेंट में भारत की अन्य बड़ी उम्मीदें पहले ही बाहर हो चुकी थीं। पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन के बाहर होने के बाद भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें पूरी तरह सात्विक और चिराग की जोड़ी पर टिकी थीं। दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करके उन उम्मीदों को कायम रखा है।
भारतीय जोड़ी अब रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। फाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्थिन की जोड़ी या चीन के ही जी टिंग और रेन जियांग यू से हो सकता है। दोनों संभावित जोड़ियाँ मजबूत मानी जाती हैं,लेकिन सात्विक और चिराग जिस लय में खेल रहे हैं,उसे देखते हुए भारतीय प्रशंसकों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
सात्विक और चिराग पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन के सबसे सफल पुरुष युगल खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत का नाम रोशन किया है और विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनकी तेज रफ्तार,आक्रामक खेल शैली और बेहतरीन तालमेल उन्हें दुनिया की शीर्ष जोड़ियों में शामिल करता है।
थाईलैंड ओपन के फाइनल में पहुँचना उनके लिए 2026 सीजन का पहला फाइनल है। इससे पहले उन्होंने 2024 में थाईलैंड ओपन का खिताब जीता था और अब एक बार फिर इस टूर्नामेंट में इतिहास दोहराने की कोशिश करेंगे। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को उम्मीद है कि यह स्टार जोड़ी फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एक और बड़ा खिताब दिलाएगी।
