ट्विशा शर्मा मामले पर बोलीं कंगना रनौत (तस्वीर क्रेडिट@MithleshUp38446)

ट्विशा शर्मा मामले पर बोलीं कंगना रनौत, कहा- महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनना सबसे जरूरी

मुंबई,20 मई (युआईटीवी)- कंगना रनौत ने ट्विशा शर्मा मौत मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय समाज और पारिवारिक सोच को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। अभिनेत्री और भाजपा सांसद ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि शादी से पहले हर लड़की का आर्थिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने करियर,पहचान और आत्मसम्मान को प्राथमिकता दें,क्योंकि जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत आत्मनिर्भर बनने में है।

कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर लंबा संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि लगभग हर दिन शादीशुदा महिलाओं से जुड़ी दुखद घटनाएँ सामने आती हैं। कई मामलों में पढ़ी-लिखी और समझदार महिलाएं भी कठिन परिस्थितियों में अपने माता-पिता से मदद माँगती हैं,लेकिन भारतीय समाज में शादी के बाद बेटियों को मायके से अलग मान लेने की सोच अब भी गहराई से मौजूद है। कंगना ने कहा कि यह मानसिकता महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक रूप से कमजोर बना देती है।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जब एक महिला अपने पैरों पर खड़ी होती है,तब वह जीवन के फैसले ज्यादा मजबूती और आत्मविश्वास के साथ ले सकती है। उनके मुताबिक आज की दुनिया में सोशल मीडिया,फैशन,डेटिंग और शादी जैसी चीजों को बहुत अधिक महत्व दिया जा रहा है,लेकिन लड़कियों को यह कम बताया जाता है कि असली ताकत खुद की पहचान बनाने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने में है। कंगना ने कहा कि महिलाओं के लिए उनका करियर और उनका आत्मसम्मान किसी भी रिश्ते से ज्यादा महत्वपूर्ण होना चाहिए।

कंगना रनौत ने अपने विचार साझा करते हुए यह भी कहा कि हर लड़की को अपनी जिंदगी का हीरो खुद बनना होगा। उन्होंने लिखा कि जिंदगी में कोई दूसरा आकर किसी को बचाने नहीं वाला। इसलिए महिलाओं को यह समझना होगा कि उनकी असली ताकत इस बात में है कि वे खुद क्या बनती हैं और अपनी जिंदगी को किस दिशा में ले जाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि समाज अक्सर महिलाओं की सफलता को उनकी शादी से जोड़कर देखता है,जबकि असल मायने इस बात के हैं कि एक महिला अपने सपनों और पहचान के लिए कितनी मजबूती से खड़ी रहती है।

ट्विशा शर्मा मामले के बाद सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा,मानसिक स्थिति और पारिवारिक समर्थन को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच कंगना रनौत की यह प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बन गई है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके विचारों का समर्थन किया और कहा कि आज के समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना बेहद जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि समाज और परिवारों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है,ताकि बेटियाँ शादी के बाद भी खुद को सुरक्षित और समर्थ महसूस कर सकें।

कंगना ने अपने संदेश में महिलाओं से यह भी कहा कि वे दूसरों की बातों में आकर अपने सपनों को पीछे न छोड़ें। उन्होंने कहा कि हर महिला को अपनी पसंद की जिंदगी बनाने का अधिकार है और उसे अपने फैसले खुद लेने चाहिए। उनके मुताबिक आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक मजबूती नहीं देती,बल्कि यह महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाती है।

गौरतलब है कि कंगना रनौत अक्सर सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती हैं। चाहे महिलाओं की सुरक्षा का विषय हो,बॉलीवुड से जुड़े विवाद हों या राजनीतिक मुद्दे,वह सोशल मीडिया पर बेबाक अंदाज में अपनी बात कहने के लिए जानी जाती हैं। इस बार भी उन्होंने महिलाओं की स्थिति और समाज की सोच को लेकर सीधे सवाल उठाए हैं।

राजनीति और फिल्म जगत दोनों में सक्रिय कंगना रनौत का मानना है कि महिलाओं को बचपन से ही आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवारों को बेटियों को सिर्फ शादी के लिए तैयार करने के बजाय उन्हें मजबूत और आत्मविश्वासी बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार जब महिलाएँ आर्थिक रूप से सक्षम होंगी,तभी वे गलत परिस्थितियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो पाएंगी।

कंगना के इस बयान ने एक बार फिर महिलाओं की स्वतंत्रता,करियर और सामाजिक सोच को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके संदेश को साझा कर रहे हैं और इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का भी मानना है कि समाज में महिलाओं को लेकर पारंपरिक सोच बदलने की जरूरत है,ताकि वे अपने फैसले बिना डर और दबाव के ले सकें।

कंगना रनौत का यह बयान ऐसे समय में आया है,जब महिलाओं की सुरक्षा,मानसिक स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को लेकर देशभर में लगातार बहस हो रही है। अभिनेत्री ने अपने संदेश के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी खुद की पहचान और आत्मविश्वास है,जिसे किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।