नई दिल्ली,20 मई (युआईटीवी)- दुनिया के दूसरे नंबर के टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने टेनिस जगत को बड़ा झटका देते हुए विंबलडन और क्वीन्स क्लब चैंपियनशिप,दोनों प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों से अपना नाम वापस लेने का फैसला किया है। अल्काराज ने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट के जरिए की,जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी दाईं कलाई की पुरानी चोट अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है और मेडिकल टीम ने उन्हें आराम जारी रखने की सलाह दी है। इस फैसले के बाद टेनिस प्रशंसकों में निराशा का माहौल है,क्योंकि अल्काराज को ग्रास-कोर्ट सीजन का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था।
अल्काराज ने अपने संदेश में कहा कि उनकी रिकवरी अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और वह पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं,लेकिन अभी प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि क्वीन्स क्लब और विंबलडन जैसे टूर्नामेंट उनके दिल के बेहद करीब हैं और इनसे दूर रहना उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम लगातार मेहनत कर रही है,ताकि वह जल्द-से-जल्द कोर्ट पर वापसी कर सकें।
साल 2026 अल्काराज के लिए लगातार संघर्षों वाला साल साबित हो रहा है। इस सीजन की शुरुआत से ही वह चोट की समस्या से जूझ रहे हैं और कई बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले पाए हैं। क्ले-कोर्ट सीजन के दौरान उनकी कलाई की परेशानी अचानक बढ़ गई थी, जिसके बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी मुकाबलों से दूरी बना ली। इससे पहले वह इटैलियन ओपन और फ्रेंच ओपन जैसे बड़े ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों से भी हट चुके थे। यह वही फ्रेंच ओपन था, जहाँ उन्होंने पिछले साल शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता था। 2025 के फाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर को हराकर अपने करियर का एक और ऐतिहासिक खिताब जीता था।
टेनिस विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार चोटों ने अल्काराज की लय को काफी प्रभावित किया है। बेहद कम उम्र में विश्व टेनिस में धमाकेदार सफलता हासिल करने वाले इस स्पेनिश खिलाड़ी पर पिछले कुछ वर्षों में लगातार मैच खेलने का दबाव रहा है। हार्ड कोर्ट,क्ले कोर्ट और ग्रास कोर्ट पर लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करने के कारण उनके शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। यही वजह है कि उनकी फिटनेस अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
अल्काराज ने इस साल की शुरुआत में हुए लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स 2026 में ‘स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर’ का प्रतिष्ठित सम्मान भी जीता था। उस समारोह में वह अपनी दाईं कलाई पर पट्टी बाँधे नजर आए थे। तभी से उनके फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे थे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि मेडिकल टीम ने उन्हें लंबे समय तक आराम करने की सलाह दी है,ताकि चोट भविष्य में गंभीर रूप न ले सके। यही कारण है कि उन्होंने बड़े टूर्नामेंटों से दूरी बनाने का कठिन फैसला लिया।
विंबलडन से हटने का मतलब यह भी है कि इस साल पुरुष एकल वर्ग में मुकाबला और खुला हो जाएगा। अल्काराज पिछले कुछ वर्षों में ग्रास कोर्ट पर शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं और उन्हें भविष्य का सबसे बड़ा सितारा माना जाता है। उनकी अनुपस्थिति में अब दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। टेनिस प्रशंसकों को खास तौर पर अल्काराज और जानिक सिनर के बीच संभावित मुकाबले का इंतजार था,लेकिन चोट के कारण यह रोमांच फिलहाल टल गया है।
अल्काराज की खेल शैली हमेशा से आक्रामक और ऊर्जा से भरपूर रही है। उनकी तेज मूवमेंट,दमदार फोरहैंड और मानसिक मजबूती ने उन्हें बहुत कम समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की सूची में पहुँचा दिया,लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण शैली के कारण चोट का खतरा भी अधिक रहता है। यही वजह है कि उनकी टीम अब जल्दबाजी में वापसी नहीं चाहती।
स्पेनिश मीडिया के अनुसार,अल्काराज फिलहाल पुनर्वास कार्यक्रम का पालन कर रहे हैं और उनकी फिटनेस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। माना जा रहा है कि वह अमेरिकी हार्ड कोर्ट सीजन तक वापसी करने की कोशिश करेंगे। हालाँकि,उनकी वापसी को लेकर अभी कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है। उनकी टीम का मानना है कि पूरी तरह फिट हुए बिना कोर्ट पर लौटना उनके करियर के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
टेनिस जगत के कई दिग्गज खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने अल्काराज के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में हजारों संदेश सामने आए हैं। प्रशंसकों का कहना है कि वह उन्हें जल्द फिर से कोर्ट पर खेलते देखना चाहते हैं। अल्काराज ने भी अपने संदेश में प्रशंसकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्यार और समर्थन से उन्हें लगातार प्रेरणा मिलती है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अल्काराज कब वापसी करेंगे और क्या वह इस साल के बाकी बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा ले पाएँगे। फिलहाल इतना तय है कि विंबलडन और क्वीन्स क्लब से उनकी गैरमौजूदगी टेनिस जगत के लिए बड़ी कमी साबित होगी।
