वॉशिंगटन,21 मई (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है और देश में करीब 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश आ रहा है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि आने वाले वर्षों में अमेरिका का विनिर्माण क्षेत्र अभूतपूर्व तेजी देखने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के इतिहास में किसी देश ने इतने बड़े स्तर का आर्थिक निवेश शायद ही कभी देखा होगा।
ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका इस समय वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया भर की बड़ी कंपनियाँ अमेरिकी बाजार और वहाँ की आर्थिक संभावनाओं को देखते हुए अपना उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित कर रही हैं। ट्रंप के अनुसार विदेशी कंपनियों का यह रुझान अमेरिका की आर्थिक नीतियों और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने वाले फैसलों का परिणाम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी,दक्षिण कोरिया और जापान की कई बड़ी वाहन निर्माता कंपनियाँ अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों की कंपनियाँ अमेरिका में नए प्लांट स्थापित कर रही हैं और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही हैं। ट्रंप ने कहा कि यह प्रक्रिया पहले से चल रही है और आने वाले समय में इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देगा।
ट्रंप ने कहा कि विदेशी कंपनियाँ अमेरिका में इसलिए निवेश कर रही हैं क्योंकि वे अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद बेचना चाहती हैं। उनके अनुसार अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आकर्षक उपभोक्ता बाजार बना हुआ है,जिसके कारण वैश्विक कंपनियाँ यहाँ अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की व्यापारिक नीतियों और टैरिफ रणनीति ने भी कंपनियों को स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले तीन वर्षों में अमेरिका में ऐसे आर्थिक बदलाव देखने को मिलेंगे,जिनकी अभी कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि देश में उद्योग,रोजगार और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की आर्थिक स्थिति को लेकर दुनिया में विश्वास लगातार बढ़ रहा है और हालिया आर्थिक आँकड़े बेहद सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल आर्थिक वृद्धि ही नहीं देखेगा,बल्कि विनिर्माण क्षेत्र में भी नया रिकॉर्ड कायम होगा। ट्रंप लंबे समय से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी कंपनियों को अमेरिका में निवेश के लिए आकर्षित करने की नीति पर जोर देते रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बार यह कहा है कि अमेरिका को उत्पादन और उद्योग के क्षेत्र में फिर से दुनिया का अग्रणी देश बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आगामी राजनीतिक और आर्थिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा सकता है। अमेरिका में रोजगार,औद्योगिक विकास और घरेलू निवेश हमेशा से महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे रहे हैं। ट्रंप लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी आर्थिक नीतियाँ अमेरिका को फिर से वैश्विक विनिर्माण केंद्र बना सकती हैं।
हालाँकि,ट्रंप द्वारा बताए गए 18 ट्रिलियन डॉलर निवेश के आँकड़े को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कई जानकारों का मानना है कि यह आँकड़ा बेहद बड़ा है और इसके वास्तविक स्वरूप को समझना जरूरी होगा। फिर भी यह स्पष्ट है कि ट्रंप विदेशी निवेश और औद्योगिक विस्तार को अपनी आर्थिक उपलब्धियों के रूप में पेश कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस में हुई बातचीत के दौरान ट्रंप ने केवल अर्थव्यवस्था पर ही बात नहीं की,बल्कि उन्होंने अमेरिका की आंतरिक राजनीति और चुनावी व्यवस्था को लेकर भी बयान दिए। उन्होंने कैलिफोर्निया की चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए इसे “धांधलीपूर्ण” और “सबसे बेईमान प्रणालियों में से एक” बताया। ट्रंप ने दावा किया कि राज्य की मतदान व्यवस्था रिपब्लिकन पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित होती है।
उन्होंने कहा कि कैलिफोर्निया में चुनाव प्रक्रिया ऐसी है,जिसमें रिपब्लिकन उम्मीदवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ट्रंप ने बिना कोई ठोस प्रमाण पेश किए कहा कि वहां की प्रणाली पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है। यह पहली बार नहीं है,जब ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी वह कई बार चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
ट्रंप के हालिया बयान ऐसे समय में आए हैं,जब अमेरिका में आर्थिक नीतियों,व्यापारिक समझौतों और घरेलू उद्योगों को लेकर बहस तेज हो रही है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा,वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव और विनिर्माण उद्योगों के पुनर्गठन के बीच अमेरिका खुद को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका में वास्तव में बड़े पैमाने पर निवेश आता है और नई उत्पादन इकाइयाँ स्थापित होती हैं,तो इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और आर्थिक विकास को गति मिल सकती है। हालाँकि,इसके साथ ही श्रम लागत,पर्यावरणीय नियम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियाँ भी बनी रहेंगी।
ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनकी नीतियों की वजह से अमेरिका में उद्योगों की वापसी हो रही है। उनका कहना है कि पहले कई अमेरिकी कंपनियाँ उत्पादन विदेशों में कर रही थीं,लेकिन अब स्थिति बदल रही है और कंपनियाँ दोबारा अमेरिका में निवेश कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की मजबूत आर्थिक स्थिति विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख कारण है।
फिलहाल ट्रंप के इस बयान ने अमेरिकी राजनीति और आर्थिक जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। समर्थक इसे अमेरिका की आर्थिक ताकत का संकेत बता रहे हैं,जबकि आलोचकों का कहना है कि इन दावों की वास्तविकता को आँकड़ों और दीर्घकालिक परिणामों के आधार पर परखा जाना चाहिए। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि ट्रंप द्वारा बताए गए निवेश और विनिर्माण विस्तार का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कितना प्रभाव पड़ता है।
