नई दिल्ली,23 जून (युआईटीवी)- कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए भीषण हादसे ने भारत और कतर दोनों देशों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वहीं भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत सरकार प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
रविवार रात हुई इस घटना ने उन भारतीय परिवारों को झकझोर कर रख दिया है, जिनके प्रियजन रोजगार के सिलसिले में कतर गए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,यह हादसा रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में उस समय हुआ जब औद्योगिक परिसर के कुछ हिस्सों में कामकाज दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान एक जोरदार धमाका हुआ,जिसके बाद आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आसपास का क्षेत्र धुएं और लपटों से भर गया,जिससे वहाँ मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे घटना से जुड़ी अधिक जानकारी सामने आ रही है,भारतीय दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों तथा उनके परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्री ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी प्रार्थनाएँ पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने भी आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की। दूतावास के अनुसार,रविवार रात हुए रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई है। दूतावास ने कहा कि यह भारतीय समुदाय के लिए अत्यंत दुखद क्षण है और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएँ मृतकों के परिजनों के साथ हैं। साथ ही दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई।
दूतावास ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी भारतीय नागरिकों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उन्हें स्थानीय अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं और उनके उपचार पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारतीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता की कमी नहीं होने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना के बाद भारतीय दूतावास की एक विशेष टीम सक्रिय हो गई है। यह टीम कतर के संबंधित विभागों,अस्पतालों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। दूतावास का मुख्य उद्देश्य प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता पहुँचाना है। इसके तहत मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है,ताकि परिवारों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में गिना जाता है। यह क्षेत्र कतर की ऊर्जा अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और प्राकृतिक गैस उत्पादन तथा प्रसंस्करण गतिविधियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। यहाँ बड़ी संख्या में विभिन्न देशों के कर्मचारी कार्यरत हैं,जिनमें भारतीय नागरिकों की संख्या भी काफी अधिक है। यही कारण है कि इस हादसे का प्रभाव केवल कतर तक सीमित नहीं रहा,बल्कि भारत में भी इसके समाचार ने चिंता और शोक का माहौल पैदा कर दिया।
जानकारी के अनुसार,धमाके के बाद बरजान गैस सप्लाई लाइन में भीषण आग लग गई। आग लगने के तुरंत बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल घटनास्थल पर पहुँच गए और बचाव अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। इस दौरान प्रभावित क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई,ताकि किसी और दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दूर-दूर तक उसका प्रभाव महसूस किया गया। धमाके के बाद आसपास के कई हिस्सों में धुएँ का घना गुबार दिखाई दिया। घटना के तुरंत बाद औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया और आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए।
हालाँकि,अभी तक विस्फोट के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,लेकिन संबंधित एजेंसियों ने जाँच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि हादसा तकनीकी खराबी,गैस रिसाव या किसी अन्य कारण से हुआ। जाँच पूरी होने के बाद ही इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
भारत और कतर के बीच लंबे समय से मजबूत द्विपक्षीय संबंध रहे हैं। कतर में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं और दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा ऊर्जा क्षेत्र में गहरा सहयोग है। ऐसे में इस हादसे में भारतीय नागरिकों की मृत्यु ने दोनों देशों के बीच मानवीय स्तर पर भी गहरी संवेदना पैदा की है।
फिलहाल भारतीय दूतावास प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और उन्हें हर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। भारत सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता नहीं मिल जाती,तब तक राहत और समन्वय का कार्य जारी रहेगा।
रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुआ यह हादसा उन हजारों प्रवासी श्रमिकों की चुनौतियों और जोखिमों की भी याद दिलाता है,जो अपने परिवारों के बेहतर भविष्य के लिए विदेशों में कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। इस दुखद घटना ने कई परिवारों के सपनों को झकझोर दिया है और पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। अब सभी की नजरें जाँच रिपोर्ट और राहत कार्यों पर टिकी हैं,जबकि मृतकों के परिवार अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।
