फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे ने राउंड ऑफ 32 में सऊदी अरब से गोलरहित ड्रॉ खेला (तस्वीर क्रेडिट@ElBigMue)

फीफा विश्व कप 2026: केप वर्डे ने रचा इतिहास,सऊदी अरब से ड्रॉ खेलकर पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुँचा

ह्यूस्टन,27 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में अफ्रीकी टीम केप वर्डे ने अपने पहले ही विश्व कप अभियान में इतिहास रच दिया है। ग्रुप एच के अपने अंतिम मुकाबले में सऊदी अरब के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलते हुए केप वर्डे ने न केवल महत्वपूर्ण एक अंक हासिल किया,बल्कि पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में भी प्रवेश कर लिया। इस उपलब्धि के साथ केप वर्डे ने अपने देश के फुटबॉल इतिहास का सबसे यादगार अध्याय लिख दिया है। विश्व कप में पदार्पण करने वाली यह टीम अब राउंड ऑफ 32 में गत चैंपियन अर्जेंटीना से भिड़ेगी। फुटबॉल विशेषज्ञ इस शानदार प्रदर्शन को केप वर्डे के लिए किसी सपने के सच होने जैसा मान रहे हैं।

ग्रुप चरण में केप वर्डे ने लगातार संतुलित और अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। टीम ने तीनों मुकाबलों में हार से बचते हुए तीन अंक जुटाए और ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया। यही प्रदर्शन उसे अगले दौर तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। उसने दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे और वर्ष 2034 विश्व कप के मेजबान सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों को पीछे छोड़ते हुए नॉकआउट चरण का टिकट हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि विश्व कप के इतिहास में पदार्पण करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए नॉकआउट चरण तक पहुँचने वाली वह केवल तीसरी अफ्रीकी टीम बन गई है।

ग्रुप एच का अंतिम मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। केप वर्डे को अगले दौर में पहुँचने के लिए कम से कम एक अंक की जरूरत थी,जबकि सऊदी अरब जीत दर्ज कर अपनी उम्मीदों को बनाए रखना चाहता था। इसी कारण मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी और मैदान पर रोमांचक संघर्ष देखने को मिला।

मैच के शुरुआती मिनटों से ही केप वर्डे ने आक्रामक रणनीति अपनाई। टीम ने गेंद पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा और लगातार सऊदी अरब के गोलपोस्ट पर दबाव बनाने की कोशिश की। विली सेमेडो सबसे सक्रिय खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने कई बार शानदार मूव बनाकर गोल करने का प्रयास किया,लेकिन हर बार सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने बेहतरीन बचाव करते हुए अपनी टीम को पीछे होने से बचा लिया। उनके शानदार प्रदर्शन ने मुकाबले को लंबे समय तक गोलरहित बनाए रखा।

पहले हाफ के दौरान केप वर्डे को लंबी दूरी से भी एक शानदार मौका मिला। टीम के खिलाड़ी ने जोरदार शॉट लगाया,जो गोलपोस्ट के ऊपरी कोने के बेहद करीब से बाहर निकल गया। यदि यह शॉट गोल में बदल जाता,तो मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती थी। हालाँकि,सऊदी अरब की रक्षा पंक्ति ने दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा और केप वर्डे को बढ़त लेने का मौका नहीं दिया।

दूसरी ओर सऊदी अरब ने भी जवाबी हमलों के जरिए गोल करने की कोशिश की,लेकिन उसकी आक्रामक पंक्ति अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी। केप वर्डे के डिफेंडरों ने शानदार तालमेल का परिचय देते हुए हर हमले को समय रहते रोक दिया। दोनों टीमों के बीच गेंद पर कब्जे और मिडफील्ड की लड़ाई लगातार जारी रही,जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बना रहा।

मुकाबले के दौरान सऊदी अरब को एक बड़ा झटका तब लगा जब टीम के डिफेंडर हसन अल तंबकती बिना किसी टक्कर के अचानक मैदान पर गिर पड़े। उनकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सा दल तुरंत मैदान में पहुँचा और उन्हें स्ट्रेचर की सहायता से बाहर ले जाया गया। इस घटना के बाद सऊदी अरब की रक्षापंक्ति कमजोर पड़ गई और टीम को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा। हालाँकि,इसके बावजूद सऊदी खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और पूरे समर्पण के साथ मुकाबला जारी रखा।

मैच के अंतिम चरण में केप वर्डे ने जीत हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण किए। टीम ने कई अच्छे मूव तैयार किए और गोल करने के करीब भी पहुँचीं,लेकिन सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस पूरे मुकाबले में शानदार लय में दिखाई दिए। उन्होंने कई कठिन शॉट रोककर अपनी टीम को हार से बचाया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से केप वर्डे को गोल नहीं मिल सका,लेकिन दूसरी ओर सऊदी अरब भी गोल करने में नाकाम रहा।

जैसे-जैसे मुकाबला समाप्ति की ओर बढ़ा,मैदान पर तनाव बढ़ता गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों को पता था कि इस मुकाबले का परिणाम उनके भविष्य का फैसला करेगा। अंतिम सीटी बजते ही स्कोर 0-0 रहा और इसी एक अंक ने केप वर्डे के लिए इतिहास रच दिया। खिलाड़ियों ने मैदान पर एक-दूसरे को गले लगाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया, जबकि स्टेडियम में मौजूद उनके समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पहली बार विश्व कप खेल रही टीम का नॉकआउट चरण तक पहुँचना देश के खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया।

ग्रुप चरण में केप वर्डे का प्रदर्शन बेहद संतुलित रहा। टीम ने किसी भी मुकाबले में हार नहीं मानी और मजबूत विरोधियों के सामने भी आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। यही कारण रहा कि वह अपेक्षाकृत अनुभवी टीमों को पीछे छोड़ते हुए अगले दौर तक पहुँचने में सफल रही। इस प्रदर्शन ने यह भी साबित किया कि अफ्रीकी फुटबॉल लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है और छोटी मानी जाने वाली टीमें भी बड़े मंच पर बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखती हैं।

अब राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे का सामना विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मुकाबला 3 जुलाई को मियामी स्टेडियम में खेला जाएगा। अर्जेंटीना की टीम अनुभवी खिलाड़ियों और विश्व स्तरीय सितारों से सजी हुई है,जबकि केप वर्डे पहली बार नॉकआउट चरण में उतरेगा। ऐसे में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। केप वर्डे के लिए यह केवल एक मैच नहीं,बल्कि अपने फुटबॉल इतिहास को और स्वर्णिम बनाने का अवसर होगा।

विश्व कप 2026 में अब तक केप वर्डे ने जिस आत्मविश्वास,अनुशासन और संघर्ष की भावना का परिचय दिया है,उसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या यह छोटी अफ्रीकी टीम अपने इस यादगार सफर को आगे भी जारी रखते हुए विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ एक और बड़ा उलटफेर करने में सफल हो पाती है या नहीं।