काराकास,3 जुलाई (युआईटीवी)- वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। लगातार राहत और बचाव अभियान चलाए जाने के बावजूद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 2,595 लोगों की जान जा चुकी है,जबकि 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और आशंका है कि मलबे में दबे कई लोगों की तलाश अभी बाकी है। भूकंप की वजह से बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक इमारतें भी धराशायी हो गई हैं,जिससे हजारों परिवार बेघर हो गए हैं।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि अब तक 189 इमारतें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। कई अन्य इमारतों को भी गंभीर क्षति पहुँची है,जिनकी संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच की जा रही है। राजधानी काराकास सहित कई प्रमुख शहरों और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन,सेना और आपदा राहत एजेंसियाँ लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। सरकार का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालने,घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने और बेघर हुए परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने पर है।
डेल्सी रोड्रिगेज इस समय अस्थायी राहत शिविरों के लिए बनाए गए केंद्रीय कमांड सेंटर की भी प्रमुख हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित क्षेत्रों में संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सरकार तेजी से नए राहत शिविर तैयार कर रही है,ताकि जिन लोगों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं,उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि फिलहाल देशभर में 25 अस्थायी राहत शिविर सक्रिय किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 13 शिविर ला गुएरा राज्य में स्थापित किए गए हैं,जहाँ भूकंप का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला है। राजधानी काराकास में आठ शिविर संचालित किए जा रहे हैं,जबकि मिरांडा में दो,काराबोबो में एक और याराकुय में एक राहत शिविर स्थापित किया गया है। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों को भोजन,स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाएँ और अस्थायी आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने कहा कि प्रशासन पूरी क्षमता के साथ राहत शिविरों को व्यवस्थित करने और प्रभावित नागरिकों को वहाँ पहुँचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने राहत कार्यों में लगे अधिकारियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की भी सराहना की।
भूकंप के बाद लगातार आ रहे झटकों ने स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि 24 जून को आए मुख्य भूकंप के बाद अब तक 782 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि इन झटकों की तीव्रता और आवृत्ति धीरे-धीरे कम हो रही है,जिससे उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने लगेगी। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है।
इस भीषण त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सरकार ने सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। डेल्सी रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि बुधवार शाम छह बजे से पूरे देश में सात दिनों का राष्ट्रीय शोक रहेगा। उन्होंने कहा कि यह समय पूरे राष्ट्र के लिए गहरे दुख और आत्ममंथन का है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि विनाशकारी भूकंप से हुई जनहानि ने पूरे वेनेजुएला को भीतर तक झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और सरकार उनके दर्द को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि राहत,पुनर्वास और पुनर्निर्माण का कार्य पूरी प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।
भूकंप के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव पड़ा है। देश के विभिन्न अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है। सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य कर्मियों,सुरक्षा बलों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों से अपील की थी कि यदि उनके आवास भी प्रभावित हुए हैं,तो वे पैट्रिया प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराएँ,ताकि उन्हें भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इस आपदा ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा कर दी है। कई देशों ने वेनेजुएला के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता की पेशकश की है। विशेष रूप से पुर्तगाल ने अपने नागरिकों और पुर्तगाली मूल के लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस त्रासदी पर राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है। पुर्तगाल सरकार ने रविवार,5 जुलाई को राष्ट्रीय शोक मनाने का निर्णय लिया है।
पुर्तगाल के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार,इस भूकंप में अब तक 71 पुर्तगाली नागरिकों या पुर्तगाली मूल के लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में 11 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 71 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं,जिनकी तलाश जारी है। पुर्तगाल सरकार लगातार वेनेजुएला के अधिकारियों के संपर्क में है और अपने नागरिकों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
लुसा समाचार एजेंसी के अनुसार,वेनेजुएला में रहने वाला पुर्तगाली समुदाय दुनिया के सबसे बड़े प्रवासी पुर्तगाली समुदायों में से एक माना जाता है। लैटिन अमेरिका में ब्राजील के बाद वेनेजुएला में सबसे अधिक पुर्तगाली मूल के लोग रहते हैं। अनुमान के अनुसार इस समुदाय की कुल आबादी लगभग 12 लाख है। यही कारण है कि इस त्रासदी का प्रभाव पुर्तगाल में भी गहराई से महसूस किया जा रहा है।
उधर,राहत और बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने कई प्रशासनिक कदम भी उठाए हैं। पिछले सप्ताह वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने घोषणा की थी कि सबसे अधिक प्रभावित ला गुएरा राज्य को सैन्य नियंत्रण में लिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य राहत कार्यों में तेजी लाना,सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और प्रभावित क्षेत्रों तक आवश्यक संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
ला गुएरा उन इलाकों में शामिल है,जहाँ लगातार आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने सबसे अधिक तबाही मचाई। यहाँ अनेक इमारतें ध्वस्त हो गईं और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए। सेना,आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत कार्यों में लगे हुए हैं। भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है और खोजी दल अब भी जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण होगी। प्रभावित क्षेत्रों में आवास,सड़क,बिजली,जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने के लिए व्यापक योजना की आवश्यकता होगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और घरेलू संसाधनों के माध्यम से पुनर्निर्माण कार्य को गति देगी।
वेनेजुएला इस समय अपने हाल के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में से एक का सामना कर रहा है। हजारों परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं,लाखों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है और अनेक शहरों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राहत एजेंसियाँ लगातार प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने का प्रयास कर रही हैं, जबकि पूरा देश मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए इस संकट से उबरने की कोशिश में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में राहत और पुनर्वास अभियान की सफलता ही यह तय करेगी कि वेनेजुएला इस अभूतपूर्व आपदा से कितनी जल्दी उबर पाता है।
