नई दिल्ली,3 जुलाई (युआईटीवी)- भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए गुरुवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया,जब मारुति सुजुकी इंडिया ने हरियाणा के आईएमटी खरखौदा में अपनी सबसे आधुनिक वाहन निर्माण इकाई का औपचारिक उद्घाटन किया। यह संयंत्र न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है,बल्कि भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अत्याधुनिक संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर को भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग तथा औद्योगिक साझेदारी के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
करीब 800 एकड़ में फैले इस विशाल एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सप्लायर पार्क के साथ विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि परियोजना पूरी तरह तैयार होने के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माण इकाइयों में शामिल होगी। फिलहाल संयंत्र में प्रति वर्ष 5 लाख वाहनों के उत्पादन की क्षमता के साथ उत्पादन शुरू कर दिया गया है। आने वाले वर्षों में विस्तार कार्य पूरा होने के बाद इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10 लाख वाहन कर दी जाएगी। इस विस्तार के साथ यह प्लांट वैश्विक स्तर पर सुजुकी समूह की सबसे महत्वपूर्ण विनिर्माण इकाइयों में से एक बन जाएगा।
मारुति सुजुकी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुल 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। कंपनी का मानना है कि यह निवेश केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास,रोजगार सृजन और सहायक उद्योगों के विस्तार को भी नई गति देगा। परियोजना पूरी तरह विकसित होने के बाद यहाँ 21 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा ऑटो कंपोनेंट,लॉजिस्टिक्स,परिवहन,रखरखाव और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होने की उम्मीद है।
खरखौदा संयंत्र को सुजुकी के ‘स्मार्ट फैक्ट्री’ कॉन्सेप्ट के अनुरूप विकसित किया गया है। इसमें इंडस्ट्री 5.0 तकनीकों का उपयोग किया गया है,जिनका उद्देश्य उत्पादन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित,तेज,सटीक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। अत्याधुनिक ऑटोमेशन,डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम,कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उत्पादन प्रबंधन और आधुनिक गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों के माध्यम से वाहनों के निर्माण को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इस तकनीकी ढाँचे से उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस संयंत्र में हरित ऊर्जा पर विशेष जोर दिया गया है। यहाँ सौर ऊर्जा, बायोगैस,बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग किया जाएगा। कंपनी ने दावा किया है कि इस प्लांट की पूरी बिजली आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएगी। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और टिकाऊ औद्योगिक विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप भी मानी जा रही है।
मारुति सुजुकी के लिए यह उद्घाटन केवल एक नए कारखाने की शुरुआत नहीं है,बल्कि भारत में कंपनी की चार दशक से अधिक लंबी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है। वर्षों पहले भारत में छोटे स्तर से शुरू हुई कंपनी आज देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता बन चुकी है। ऐसे में खरखौदा का यह संयंत्र कंपनी की भविष्य की विकास रणनीति का प्रमुख आधार माना जा रहा है। इसके माध्यम से घरेलू बाजार की बढ़ती माँग को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात क्षमता को भी नई मजबूती मिलेगी।
यह परियोजना भारत और जापान के बीच रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को भी मजबूत करने वाली मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से औद्योगिक सहयोग,निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा दिया जाता रहा है। खरखौदा संयंत्र का उद्घाटन इस सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में जापानी कंपनियों का भारत में निवेश और बढ़ सकता है तथा दोनों देशों के बीच औद्योगिक संबंध और मजबूत होंगे।
पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद खरखौदा संयंत्र मारुति सुजुकी के उस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा,जिसके तहत कंपनी हर साल 40 लाख वाहनों के उत्पादन की क्षमता विकसित करना चाहती है। घरेलू बाजार में लगातार बढ़ती माँग,निर्यात के बढ़ते अवसर और नई तकनीकों पर बढ़ते निवेश को देखते हुए यह लक्ष्य कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सुजुकी समूह के प्रमुख तोशिहिरो सुजुकी ने इस परियोजना को कंपनी के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह गर्व का विषय है कि समूह की सबसे आधुनिक निर्माण इकाई का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 5 लाख वाहन प्रतिवर्ष है,लेकिन अगले चरण में इसे बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष किया जाएगा। इसके बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माण इकाइयों में अपनी जगह बनाएगा।
तोशिहिरो सुजुकी ने इस परियोजना को भारत-जापान साझेदारी और ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सफलता का प्रतीक बताया। उनके अनुसार भारत में अनुकूल औद्योगिक नीतियों,मजबूत आर्थिक वातावरण और निवेश समर्थक सुधारों ने सुजुकी जैसी कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किए गए नीतिगत माहौल ने कंपनी को निवेश बढ़ाने,रोजगार सृजन करने,निर्यात विस्तार और नई तकनीकों के विकास में तेजी लाने का अवसर दिया है।
उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उनके अनुसार आज भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं है,बल्कि वैश्विक उत्पादन और निर्यात का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। इसी रणनीति के तहत सुजुकी समूह की पहली बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ई-विटारा का निर्माण विशेष रूप से मारुति सुजुकी के गुजरात स्थित संयंत्र में किया जा रहा है। वहाँ तैयार होने वाली यह इलेक्ट्रिक एसयूवी दुनिया के लगभग 100 देशों में निर्यात की जाएगी। इससे स्पष्ट होता है कि भारत भविष्य में सुजुकी समूह के वैश्विक उत्पादन नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ऑटोमोबाइल उद्योग के जानकारों का मानना है कि खरखौदा संयंत्र का संचालन शुरू होने से भारत की विनिर्माण क्षमता,निर्यात प्रतिस्पर्धा और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। आधुनिक तकनीक,हरित ऊर्जा,बड़े पैमाने पर निवेश और वैश्विक स्तर की उत्पादन क्षमता के कारण यह परियोजना भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकती है। आने वाले वर्षों में जब यह संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता से काम करेगा,तब यह न केवल मारुति सुजुकी के विकास का आधार बनेगा,बल्कि भारत को दुनिया के अग्रणी ऑटोमोबाइल विनिर्माण देशों की श्रेणी में और अधिक मजबूती से स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
