फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में बनाई जगह (तस्वीर क्रेडिट@KraantiKumar)

फीफा विश्व कप 2026: फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में बनाई जगह,किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेले रहे जीत के नायक

नई दिल्ली,10 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपनी दावेदारी मजबूत करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांसीसी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराकर अंतिम चार में अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे मैच के दौरान फ्रांस ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखते हुए मोरक्को को वापसी का कोई बड़ा अवसर नहीं दिया। इस हार के साथ ही मोरक्को का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया,जबकि फ्रांस लगातार तीसरी बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँचने में सफल रहा।

मुकाबले की शुरुआत से ही फ्रांस ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी थी। टीम ने तेज गति से आक्रमण किए और शुरुआती मिनटों से ही मोरक्को के रक्षात्मक घेरे पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मैच के पाँचवें मिनट में फ्रांस को पहला बड़ा मौका मिला,जब दायोट उपामेकानो ने शानदार हेडर लगाया। हालाँकि,मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने बेहतरीन सतर्कता दिखाते हुए शानदार बचाव किया और गेंद को गोललाइन पार नहीं करने दिया। उनके इस प्रयास ने शुरुआती चरण में मोरक्को को राहत जरूर दिलाई, लेकिन फ्रांस का दबाव लगातार बना रहा।

पहले हाफ के दौरान फ्रांस को एक और सुनहरा अवसर मिला। मोरक्को के खिलाड़ी नोसैर मजराउई ने पेनल्टी बॉक्स के भीतर किलियन एम्बाप्पे को फाउल कर दिया, जिसके बाद रेफरी ने फ्रांस को पेनल्टी प्रदान की। पूरे स्टेडियम की निगाहें एम्बाप्पे पर थीं,लेकिन इस बार वह इस मौके का फायदा नहीं उठा सके। यासीन बुनू ने शानदार अंदाज में पेनल्टी रोककर अपनी टीम को बड़ा झटका लगने से बचा लिया। इस बचाव के बाद मोरक्को के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा,लेकिन फ्रांस ने अपनी आक्रामक रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया।

पहले हाफ के शेष समय में भी फ्रांस ने कई हमले किए,लेकिन मोरक्को का रक्षा तंत्र मजबूती से डटा रहा। गोलकीपर यासीन बुनू और रक्षापंक्ति के खिलाड़ियों ने कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को बढ़त लेने से रोके रखा। इसी कारण पहले 45 मिनट का खेल गोलरहित समाप्त हुआ।

दूसरे हाफ में फ्रांस पहले से भी अधिक आक्रामक अंदाज में मैदान पर उतरा। टीम ने लगातार गेंद पर कब्जा बनाए रखा और मोरक्को के खिलाड़ियों को अपने आधे हिस्से में ही व्यस्त रखा। आखिरकार फ्रांस की मेहनत रंग लाई और किलियन एम्बाप्पे ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। पेनल्टी चूकने के बाद एम्बाप्पे ने जिस आत्मविश्वास के साथ वापसी की,उसने उनकी मानसिक मजबूती और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करने की क्षमता को एक बार फिर साबित कर दिया।

एम्बाप्पे के गोल के बाद मोरक्को ने वापसी की कोशिश की,लेकिन फ्रांस की मजबूत रक्षापंक्ति और मिडफील्ड ने उन्हें कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया। फ्रांस ने खेल की गति को अपने नियंत्रण में रखा और लगातार आक्रमण जारी रखा। इसी दौरान उस्मान डेम्बेले ने दूसरा गोल कर मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया। उनके गोल के बाद मोरक्को के लिए वापसी की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गईं।

फ्रांस ने इसके बाद भी संयमित और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए समय का प्रभावी उपयोग किया और मोरक्को को कोई ऐसा अवसर नहीं दिया,जिससे मुकाबले का परिणाम बदल सके। अंतिम सीटी बजते ही फ्रांसीसी खिलाड़ियों और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल देखने को मिला,जबकि मोरक्को के खिलाड़ियों का विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया।

इस जीत के साथ फ्रांस ने लगातार तीसरी बार फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। यह उपलब्धि टीम की निरंतरता और बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है। इससे पहले फ्रांस ने वर्ष 2018 में विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था,जबकि 2022 के संस्करण में टीम फाइनल तक पहुँची थी। अब 2026 में भी फ्रांस ने अंतिम चार में प्रवेश कर यह साबित कर दिया है कि वह एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है।

किलियन एम्बाप्पे एक बार फिर फ्रांस की जीत के सबसे बड़े नायकों में रहे। पेनल्टी चूकने के बावजूद उन्होंने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और महत्वपूर्ण समय पर गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। वहीं उस्मान डेम्बेले ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक गोल दागा और आक्रमण में अपनी उपयोगिता साबित की। दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल पूरे मुकाबले में देखने लायक रहा।

फ्रांस की जीत में रक्षापंक्ति का योगदान भी बेहद अहम रहा। टीम ने पूरे मुकाबले में मोरक्को के हमलावरों को सीमित अवसर दिए और विपक्षी टीम को प्रभावी आक्रमण करने का मौका नहीं दिया। मिडफील्ड खिलाड़ियों ने भी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने और आक्रमण तथा रक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दूसरी ओर,मोरक्को ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और कई मजबूत टीमों को चुनौती दी। हालाँकि,क्वार्टर फाइनल में फ्रांस जैसी अनुभवी और संतुलित टीम के सामने उसे अपनी सीमाओं का सामना करना पड़ा। गोलकीपर यासीन बुनू ने कई बेहतरीन बचाव किए,लेकिन अंततः फ्रांस की लगातार आक्रामक रणनीति के सामने उनकी टीम टिक नहीं सकी।

अब फ्रांस की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं,जो 15 जुलाई को खेला जाएगा। टीम का लक्ष्य लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुँचना और एक बार फिर खिताब जीतने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाना होगा। मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए फ्रांस का आत्मविश्वास काफी ऊँचा है और टीम अपने शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए विश्व फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर फिर से कब्जा जमाने की कोशिश करेगी।