पटना,17 अगस्त (युआईटीवी)- बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के पास अचानक भगदड़ मचने से कई श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए और एक-दूसरे के नीचे दब गए। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम सात महिलाओं की मौत होने की खबर है,जबकि 12 से अधिक श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है। हादसे की खबर सामने आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय के अशोकधाम में हुई भगदड़ की घटना को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया है। उन्होंने कहा कि हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से उनका मन व्यथित है। मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही उन्होंने घायलों के समुचित और त्वरित इलाज को लेकर प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएँ हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि हादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं का समुचित और जल्द-से-जल्द इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना भी की।
अशोकधाम मंदिर में यह हादसा सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर हुआ। सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुँचते हैं। सोमवार होने के कारण अशोकधाम मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान मंदिर के पास अचानक भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के बीच फँस गए और कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े।
भगदड़ के दौरान स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाव की कोशिश शुरू की। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी सक्रिय हुई और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाने का काम शुरू किया गया। हादसे में घायल हुए 12 से अधिक श्रद्धालुओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
इस हादसे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी शोक की लहर दौड़ गई। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह इस घटना से मर्माहत हैं। उन्होंने सावन सोमवार के अवसर पर अशोकधाम मंदिर में भगदड़ के दौरान कई श्रद्धालुओं की मृत्यु की सूचना पर दुख जताते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
संजय कुमार झा ने कहा कि सभी की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति मिले और हादसे में घायल हुए श्रद्धालु जल्द स्वस्थ हों। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए भी प्रार्थना की।
बिहार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लखीसराय में हुए दर्दनाक हादसे में सात महिलाओं की मृत्यु की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने घटना में जान गंवाने वाली महिलाओं को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मंत्री ने ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता घायलों का इलाज और स्थिति को नियंत्रित करना है। मंदिर परिसर तथा आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुँचने को देखते हुए भीड़ प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। अशोकधाम में हुई घटना ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रावण मास में भगवान शिव के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु दूर-दूर से मंदिरों में पहुँचते हैं और सावन के सोमवार को विशेष महत्व होने के कारण भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन के लिए भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करना बेहद जरूरी हो जाता है।
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में हुए हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन परिवारों के सदस्य पूजा और दर्शन के लिए मंदिर पहुँचे थे,उन्हें अचानक अपने प्रियजनों की मौत की खबर मिली। हादसे में घायल श्रद्धालुओं के परिजन भी अस्पतालों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और घटना के बाद की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा,निकासी व्यवस्था और प्रभावी भीड़ प्रबंधन की जरूरत को सामने ला दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है,ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।
