पडिक्कल ने गाले टेस्ट में खेली शतकीय पारी (तस्वीर क्रेडिट@zingabad)

गाले टेस्ट में भारत की पहली पारी 462 रन पर सिमटी,देवदत्त पडिक्कल के शानदार शतक से मिली मजबूती

गाले,17 अगस्त (युआईटीवी)- भारत और श्रीलंका के बीच गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेली जा रही टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हो गई। टेस्ट मैच के तीसरे दिन के पहले ही ओवर में असिथा फर्नांडो ने प्रसिद्ध कृष्णा को दो रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारतीय पारी का अंत कर दिया। भारत की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। पडिक्कल ने 230 गेंदों का सामना करते हुए 167 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा।

भारत की पारी में पडिक्कल सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे। उन्होंने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। पडिक्कल ने पहले केएल राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 162 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने ऋषभ पंत के साथ भी 71 रन जोड़े। इन साझेदारियों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और टीम को बड़े स्कोर की ओर आगे बढ़ाया।

केएल राहुल ने भी पडिक्कल का बेहतरीन साथ निभाया। राहुल ने 175 गेंदों में 82 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और एक छक्का शामिल रहा। राहुल ने बेहद धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और पडिक्कल के साथ मिलकर भारतीय पारी को शुरुआती झटके से उबारने में अहम योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई 162 रनों की साझेदारी भारतीय पारी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक रही।

हालाँकि,इसके बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम के कुछ प्रमुख बल्लेबाज अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। ऋषभ पंत ने 62 गेंदों का सामना करते हुए 39 रन बनाए। उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट लगाए,लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले ही पवेलियन लौट गए। यशस्वी जायसवाल भी अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने 37 गेंदों में पाँच चौकों की मदद से 32 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल का बल्ला इस पारी में ज्यादा नहीं चला और वह 16 रन बनाकर आउट हुए।

भारत के मध्यक्रम और निचले क्रम से भी उपयोगी योगदान देखने को मिला। ध्रुव जुरेल ने 68 गेंदों में 51 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रवींद्र जडेजा ने 13 रन बनाए,जबकि मानव सुथार ने 43 गेंदों का सामना करते हुए 24 रन का योगदान दिया। मोहम्मद सिराज ने भी बल्ले से 11 रन जोड़े। कुलदीप यादव 13 रन बनाकर नाबाद रहे।

भारतीय टीम की पारी तीसरे दिन के पहले ही ओवर में समाप्त हुई। असिथा फर्नांडो ने प्रसिद्ध कृष्णा को दो रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इस विकेट के साथ भारत की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हो गई। भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत देवदत्त पडिक्कल का शतक और केएल राहुल की मजबूत पारी रही,जबकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी स्कोर को 400 के पार पहुँचाने में योगदान दिया।

श्रीलंका की गेंदबाजी की बात करें तो स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या सबसे सफल रहे। उन्होंने 109 रन देकर चार विकेट हासिल किए। गाले की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी हमेशा महत्वपूर्ण मानी जाती है और जयसूर्या ने इसका पूरा फायदा उठाया। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को लगातार चुनौती दी और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट हासिल किए।

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे केशरा नुवांथा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी की। उन्होंने भारतीय पारी के दौरान तीन विकेट अपने नाम किए। अपने पहले टेस्ट में उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों के सामने अच्छी चुनौती पेश की और टीम के लिए महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। वहीं,असिथा फर्नांडो ने दो विकेट लिए और अंत में प्रसिद्ध कृष्णा का विकेट लेकर भारतीय पारी को समाप्त किया।

इस टेस्ट मैच पर बारिश का भी लगातार असर देखने को मिला है। मुकाबले के दूसरे दिन भारी बारिश के कारण पहले सत्र का पूरा खेल धुल गया था। इसके अलावा पहले दिन भी बारिश के कारण खेल लंबे समय तक बाधित रहा था। मौसम की वजह से दोनों टीमों को अपनी रणनीति के मुताबिक लगातार खेलना मुश्किल हुआ है। ऐसे में बचे हुए समय में मुकाबले का परिणाम हासिल करना दोनों टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाकर श्रीलंका पर दबाव बनाने की कोशिश की है। पडिक्कल का 167 रन का शतक भारतीय पारी की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा। राहुल के 82 रन और जुरेल के अर्धशतक ने भी टीम के स्कोर को मजबूती दी। हालाँकि,भारत के कुछ प्रमुख बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से टीम को बीच में कुछ झटके भी लगे।

गाले की पिच पर जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा,स्पिन गेंदबाजों की भूमिका और महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। भारत के पास भी कुलदीप यादव,रवींद्र जडेजा और मानव सुथार जैसे स्पिन विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में अब भारतीय गेंदबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि वे श्रीलंका की बल्लेबाजी को रोककर पहली पारी की बढ़त को भारत के पक्ष में मजबूत करें।

फिलहाल भारतीय टीम के लिए 462 रन का स्कोर एक मजबूत आधार है। देवदत्त पडिक्कल की शानदार पारी ने उन्हें मैच में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाने में मदद की है। हालाँकि,बारिश और पिच की परिस्थितियाँ मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। अब सभी की नजरें श्रीलंकाई बल्लेबाजों और भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर टिकी हैं,क्योंकि यहीं से गाले टेस्ट का रुख तय होने की शुरुआत होगी।