एमस्टेलवीन,17 अगस्त (युआईटीवी)- एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम सोमवार को अपने दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड के सामने उतरेगी। पूल-डी के इस अहम मुकाबले में भारतीय टीम की नजर लगातार दूसरी जीत दर्ज करने पर होगी। भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराकर तीन अंक हासिल किए थे,जबकि इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत दर्ज की थी। ऐसे में दोनों टीमें अपने-अपने पहले मुकाबले जीतकर आत्मविश्वास से भरी हुई हैं और सोमवार का मुकाबला पूल-डी की शीर्ष टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्व कप के प्रारूप के मुताबिक चारों पूल से शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें अगले दौर में प्रवेश करेंगी और खिताब की दौड़ में बनी रहेंगी। वहीं,प्रत्येक पूल की निचली दो टीमें क्लासिफिकेशन मुकाबलों में उतरेंगी। इसलिए भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला मुकाबला केवल तीन अंकों की लड़ाई नहीं है,बल्कि इसका असर पूल की अंतिम स्थिति पर भी पड़ सकता है। दोनों टीमों की कोशिश होगी कि वह अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए अगले दौर में पहुँचने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएं।
वेल्स के खिलाफ भारत का प्रदर्शन कई मायनों में प्रभावशाली रहा था। भारतीय टीम ने मुकाबले में लगातार आक्रामक रवैया अपनाया और पेनाल्टी कॉर्नर को अपनी सबसे बड़ी ताकत के रूप में इस्तेमाल किया। भारत की ओर से किए गए तीनों गोल सेट-पीस के जरिए आए। संजय ने टीम के लिए पहला गोल किया,जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल करके भारत की जीत सुनिश्चित की। कप्तान ने पेनाल्टी कॉर्नर के मौकों को गोल में बदलते हुए अपनी विशेषज्ञता का एक बार फिर परिचय दिया।
हालाँकि,वेल्स के खिलाफ जीत के बावजूद भारतीय टीम अपने प्रदर्शन में कुछ पहलुओं को बेहतर करना चाहेगी। भारत ने ओपन प्ले में कई अच्छे मौके बनाए,लेकिन उन्हें गोल में तब्दील करने में सफलता नहीं मिली। मुकाबले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने विपक्षी सर्कल में पहुँचकर कई बार दबाव बनाया,लेकिन फील्ड गोल हासिल नहीं कर सके। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इस कमी को दूर करना बेहद जरूरी होगा। भारत को अपने बनाए अवसरों का अधिकतम फायदा उठाना होगा,क्योंकि इंग्लैंड की टीम छोटी से छोटी गलती का फायदा उठाने की क्षमता रखती है।
इंग्लैंड के खिलाफ भारत का मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों टीमों के बीच हाल के वर्षों में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। दोनों टीमों की भिड़ंत अक्सर बेहद प्रतिस्पर्धी रही है और खिलाड़ियों के बीच मुकाबले में तीव्रता देखने को मिली है। भारत और इंग्लैंड की सबसे यादगार भिड़ंत में से एक पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में हुई थी। उस मुकाबले में भारत को शुरुआती चरण में बड़ा झटका लगा था,जब 17वें मिनट में अमित रोहिदास को रेड कार्ड दिखाया गया था। इसके बाद भारतीय टीम को मुकाबले के अधिकांश हिस्से में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने असाधारण जज्बा दिखाया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले को अपने पक्ष में करने में सफलता हासिल की। उस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को मजबूत किया था। इसके बाद भारत ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। यही कारण है कि इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम को अपने पुराने अनुभव से भी प्रेरणा मिलेगी। हालाँकि,विश्व कप का मंच अलग है और दोनों टीमों के लिए इस मुकाबले का महत्व भी काफी अधिक है।
भारत और इंग्लैंड हाल ही में लंदन में आयोजित एफआईएच प्रो लीग के दौरान भी दो बार आमने-सामने आए थे। दोनों मुकाबलों में निर्धारित समय के बाद परिणाम नहीं निकल सका और मैच शूटआउट तक पहुँचे। दोनों टीमों ने एक-एक मुकाबले में जीत हासिल की थी। इससे साफ है कि दोनों के बीच मुकाबला कितना करीबी है। ऐसे में सोमवार को भी किसी एक टीम के लिए आसान जीत की उम्मीद करना मुश्किल होगा।
भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले में डिफेंस का अनुशासन सबसे अहम पहलुओं में से एक रहेगा। इंग्लैंड के आक्रमण को रोकने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को अपनी पोजिशनिंग और संचार को मजबूत रखना होगा। वेल्स के खिलाफ जिस तरह भारत ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला था,उसी प्रदर्शन को इंग्लैंड के खिलाफ भी दोहराने की कोशिश होगी। भारतीय टीम के पास सेट-पीस में प्रभावी विकल्प मौजूद हैं और कप्तान हरमनप्रीत सिंह की भूमिका एक बार फिर महत्वपूर्ण रहेगी।
इसके साथ ही भारत को गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए जल्दबाजी से बचना होगा। इंग्लैंड की टीम बराबर की तीव्रता के साथ मुकाबला कर सकती है और भारतीय खिलाड़ियों की गलतियों का फायदा उठाने में सक्षम है। इसलिए सर्कल के अंदर सटीक पास,बेहतर फिनिशिंग और सही समय पर लिए गए फैसले मैच का रुख तय कर सकते हैं।
भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह वेल्स के खिलाफ मिली जीत से मिले आत्मविश्वास को इंग्लैंड के खिलाफ भी बरकरार रखे। पेनाल्टी कॉर्नर में प्रभावी प्रदर्शन के साथ ओपन प्ले में गोल करने की क्षमता दिखाना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। दूसरी ओर,इंग्लैंड भी पाकिस्तान के खिलाफ मिली 4-1 की जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगा। दोनों टीमों की मजबूत शुरुआत को देखते हुए यह मुकाबला पूल-डी की दिशा तय करने वाला अहम मैच बन सकता है। भारत यदि इंग्लैंड को हराने में सफल रहता है,तो वह लगातार दो जीत के साथ अगले दौर में पहुँचने की अपनी स्थिति काफी मजबूत कर लेगा।
