लक्ष्मी मित्तल के इस्पात संयंत्र पर रूसी मिसाइल हमला (तस्वीर क्रेडिट@DeshbandhuMp)

लक्ष्मी मित्तल के इस्पात संयंत्र पर रूसी मिसाइल हमला,दो कर्मचारियों की मौत और 14 घायल

नई दिल्ली,17 अगस्त (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में स्थित आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह इस्पात संयंत्र पर रूसी मिसाइल हमला हुआ है। हमले में संयंत्र के दो कर्मचारियों की मौत हो गई,जबकि 14 कर्मचारी घायल हुए हैं। हमले के कारण संयंत्र की कई महत्वपूर्ण उत्पादन इकाइयों को नुकसान पहुँचा है, जिसके बाद यहाँ उत्पादन गतिविधियों को आंशिक रूप से रोकना पड़ा है। यह संयंत्र यूक्रेन के सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों में शामिल है और भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की वैश्विक इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल का हिस्सा है।

क्रिवी रिह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का गृह नगर भी है और रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह शहर कई बार रूसी हमलों का निशाना बन चुका है। हालाँकि, ताजा हमला औद्योगिक ढाँचे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि मिसाइल हमले में संयंत्र की ऊर्जा उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से संबंधित प्रमुख सुविधाएँ क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन इकाइयों के प्रभावित होने से संयंत्र की उत्पादन प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ा है।

आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह की ओर से जारी बयान में हमले की पुष्टि करते हुए कहा गया कि रूसी मिसाइल हमले में संयंत्र की कई महत्वपूर्ण उत्पादन सुविधाओं को नुकसान पहुँचा है। कंपनी के अनुसार,ऊर्जा उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख इकाइयाँ क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके चलते उत्पादन प्रक्रियाएं बाधित हुईं और संयंत्र का संचालन आंशिक रूप से रोकना पड़ा। कंपनी ने यह भी बताया कि हमले में उसके कर्मचारियों की जान गई और कई अन्य कर्मचारी घायल हुए।

घटना के बाद संयंत्र में सुरक्षा और राहत से जुड़े उपाय किए गए। घायल कर्मचारियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। औद्योगिक परिसर में नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। कंपनी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त उत्पादन और ऊर्जा सुविधाओं को सुरक्षित करना तथा परिचालन को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाना है। ब्लास्ट फर्नेस जैसे संयंत्र के महत्वपूर्ण हिस्से में किसी भी तरह की क्षति का उत्पादन क्षमता पर व्यापक असर पड़ सकता है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है,जब रूस और यूक्रेन के बीच लंबी दूरी के हवाई हमले लगातार तेज हो रहे हैं। पिछले कुछ समय से दोनों पक्ष एक-दूसरे के रणनीतिक,ऊर्जा और औद्योगिक ढाँचे को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। युद्ध के शुरुआती दौर में जहाँ सैन्य ठिकाने प्रमुख निशाने रहे थे,वहीं अब ऊर्जा संयंत्रों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर भी हमले बढ़ गए हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर नागरिक और औद्योगिक ढाँचे को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान रूस ने यूक्रेन के अलग-अलग शहरों पर 1,550 से अधिक हमलावर ड्रोन,करीब 1,560 निर्देशित बम और 62 मिसाइलें दागीं। जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों से यूक्रेन के कई इलाकों में जनजीवन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है।

दूसरी ओर,रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से भी यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर दावे किए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक,रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि क्रिवी रिह स्थित धातुकर्म संयंत्र और कीव में मौजूद कुछ सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठान उसके हमलों के निशाने में शामिल थे। रूस का दावा है कि यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमलों को भी उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने नाकाम किया है। रूसी पक्ष के अनुसार, उसने यूक्रेन की ओर से दागे गए 822 ड्रोन को मार गिराया है।

रूस और यूक्रेन दोनों ही लगातार एक-दूसरे के इलाकों में ड्रोन हमलों का दावा कर रहे हैं। ऐसे हमलों के कारण युद्ध का प्रभाव अब केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है। औद्योगिक शहर,ऊर्जा संयंत्र और उत्पादन इकाइयाँ भी संघर्ष की चपेट में आ रही हैं। इसका सीधा असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था,ऊर्जा आपूर्ति और औद्योगिक उत्पादन पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसंपत्ति है। यह संयंत्र देश के इस्पात उत्पादन और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है। वैश्विक इस्पात उद्योग में आर्सेलरमित्तल की बड़ी भूमिका है और क्रिवी रिह संयंत्र यूक्रेन में कंपनी की प्रमुख औद्योगिक मौजूदगी है। ऐसे में संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस और ऊर्जा उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं को नुकसान केवल कंपनी के लिए ही नहीं,बल्कि यूक्रेन के औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस संयंत्र में उत्पादन बाधित होने का असर इस्पात की आपूर्ति और निर्यात पर भी पड़ सकता है। युद्ध के दौरान यूक्रेन पहले ही ऊर्जा संकट,परिवहन संबंधी चुनौतियों और औद्योगिक ढाँचे को हुए नुकसान से जूझ रहा है। ऐसे में देश के बड़े इस्पात संयंत्र को नुकसान पहुँचना आर्थिक दबाव को और बढ़ा सकता है। यदि उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित रहता है,तो इससे स्थानीय रोजगार और निर्यात आय पर भी असर पड़ने की आशंका है।

इस बीच,यूक्रेन ने भी रूस के भीतर ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। यूक्रेनी हमलों में रूस के ऊर्जा और रणनीतिक ढाँचे को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आती रही हैं। इसके जवाब में रूस भी यूक्रेन के विभिन्न शहरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर लंबी दूरी के हमले कर रहा है। इस तरह दोनों देशों के बीच संघर्ष का दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है।

क्रिवी रिह में हुआ ताजा मिसाइल हमला इस बात का उदाहरण है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब औद्योगिक उत्पादन पर भी गहराता जा रहा है। दो कर्मचारियों की मौत और 14 लोगों के घायल होने से मानवीय नुकसान भी सामने आया है। वहीं,संयंत्र की महत्वपूर्ण इकाइयों को नुकसान होने से यूक्रेन की औद्योगिक क्षमता पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह क्षतिग्रस्त सुविधाओं को कितनी जल्दी बहाल कर पाता है और क्षेत्र में लगातार जारी हमलों के बीच औद्योगिक गतिविधियों को किस तरह सुरक्षित रखा जाता है।