अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका-यूएई में बढ़ा तालमेल,मार्को रुबियो और शेख तहनून के बीच अहम बातचीत

वाशिंगटन,19 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात ने मध्य पूर्व में बढ़ती क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच अपने राजनयिक और सुरक्षा समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान, लेबनान और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा समेत क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत का मुख्य फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान तथा उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर रहा।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच जारी राजनयिक संपर्क और समन्वय पर चर्चा की। बातचीत ऐसे समय में हुई है,जब मध्य पूर्व में ईरान और उसके समर्थित समूहों को लेकर तनाव बना हुआ है और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय बनी हुई है। अमेरिका और यूएई दोनों ही खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने तथा समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करते हैं।

फोन पर हुई बातचीत में ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों की गतिविधियां विशेष रूप से चर्चा के केंद्र में रहीं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने ईरान और उसके आतंकी सहयोगियों को लगातार हो रहे हमलों के लिए जवाबदेह ठहराने के संयुक्त प्रयासों पर विचार किया। हालाँकि,बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन विशेष हमलों का उल्लेख किया गया है। यह भी नहीं बताया गया कि अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात इन गतिविधियों के खिलाफ किस तरह की संयुक्त कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं।

इस बातचीत का एक महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा रहा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा क्षेत्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा की बड़ी मात्रा का परिवहन होता है।

होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र के कई प्रमुख तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस उत्पादक देशों से ऊर्जा संसाधनों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने में इस समुद्री मार्ग की केंद्रीय भूमिका है। ऐसे में यहाँ किसी भी तरह का सैन्य तनाव,समुद्री यातायात में बाधा या जहाजों की आवाजाही पर खतरा वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका लंबे समय से होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा को अपनी महत्वपूर्ण रणनीतिक प्राथमिकताओं में रखता आया है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का एक प्रमुख उद्देश्य समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना भी रहा है। दूसरी ओर,संयुक्त अरब अमीरात की भौगोलिक स्थिति उसे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है।

बातचीत के दौरान लेबनान में हुए हालिया घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। हालाँकि,अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि दोनों अधिकारियों ने लेबनान को लेकर किसी विशेष पहल या कूटनीतिक कदम पर सहमति जताई है या नहीं। लेबनान लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीतिक और सुरक्षा तनाव से प्रभावित रहा है और वहाँ की स्थिति का संबंध व्यापक मध्य पूर्वी सुरक्षा समीकरणों से भी जुड़ा हुआ है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान में किसी तत्काल संयुक्त सैन्य या कूटनीतिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई। न ही यह बताया गया कि बातचीत के बाद कोई विशेष फैसला लिया गया है। इसके बावजूद,दोनों देशों के शीर्ष सुरक्षा और विदेश नीति अधिकारियों के बीच यह बातचीत क्षेत्रीय परिस्थितियों को लेकर वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच करीबी समन्वय को दर्शाती है।

अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के बीच संबंध कई दशकों से आर्थिक,कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग पर आधारित रहे हैं। दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता,आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के प्रमुख साझेदारों में शामिल है और दोनों देशों के बीच रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग भी महत्वपूर्ण स्तर पर है।

ईरान को लेकर अमेरिका और यूएई की चिंताएँ भी व्यापक हैं। तेहरान की क्षेत्रीय गतिविधियाँ और उसके साथ जुड़े सशस्त्र समूहों की मौजूदगी लंबे समय से अमेरिकी विदेश नीति के महत्वपूर्ण मुद्दों में रही है। अमेरिका का आरोप रहा है कि ईरान समर्थित समूह क्षेत्र में सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। दूसरी ओर,ईरान अपनी क्षेत्रीय गतिविधियों को अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जोड़ता रहा है। इन मतभेदों के कारण मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद सुरक्षा संबंधी जोखिम बने हुए हैं।

मौजूदा परिस्थितियों में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का व्यवधान केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि इसका असर वैश्विक तेल और गैस बाजार,समुद्री बीमा, माल ढुलाई लागत और अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ सकता है। इसलिए अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगी इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर लगातार संपर्क में रहते हैं।

मार्को रुबियो और शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई बातचीत से संकेत मिलता है कि अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात मध्य पूर्व में बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच अपने समन्वय को बनाए रखना चाहते हैं। ईरान और उसके समर्थित समूहों से जुड़े संभावित खतरों,लेबनान की स्थिति और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दे आने वाले समय में भी दोनों देशों की बातचीत के केंद्र में बने रह सकते हैं।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से किसी नई संयुक्त कार्रवाई का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन शीर्ष स्तर पर हुई यह बातचीत क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता और अमेरिका-यूएई साझेदारी की अहमियत को रेखांकित करती है। मध्य पूर्व में तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच निरंतर राजनयिक संवाद यह संकेत देता है कि दोनों देश समुद्री सुरक्षा,ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े संभावित जोखिमों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।