चेन्नई,19 अगस्त (युआईटीवी)- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य के लोगों के लिए बड़ी स्वास्थ्य संबंधी घोषणा की। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत प्रति लाभार्थी परिवार मिलने वाले वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज को पाँच गुना बढ़ाने का ऐलान किया। अब इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 5 लाख रुपये के बजाय 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नियम 110 के तहत यह घोषणा करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधा तक पहुँच हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और इसे केवल उन लोगों तक सीमित नहीं रखा जा सकता,जो महँगे इलाज का खर्च उठाने में सक्षम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा की सीमा बढ़ाने का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को और मजबूत करना है। इसके साथ ही सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आर्थिक स्थिति या भौगोलिक दूरी किसी व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा हासिल करने से न रोक सके। सरकार का मानना है कि गंभीर बीमारियों और महंगे उपचार की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम करने में बढ़ा हुआ बीमा कवरेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
तमिलनाडु सरकार की इस घोषणा को राज्य की स्वास्थ्य नीति के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है। चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत के बीच परिवारों के लिए अस्पताल में भर्ती होने,सर्जरी और अन्य महँगी चिकित्सा प्रक्रियाओं का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में 25 लाख रुपये तक का वार्षिक कवरेज मिलने से पात्र परिवारों को बड़े उपचार खर्च के खिलाफ अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि इलाज की सुविधा व्यक्ति की आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। सरकार की कोशिश है कि राज्य में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा को सामाजिक कल्याण और समान अवसर से जोड़ते हुए इसे सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
इसी विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी 234 विधायकों के लिए भी एक बड़े सहायता पैकेज की घोषणा की। इसके तहत प्रत्येक विधायक को निर्वाचन क्षेत्र में आवागमन और जनसंपर्क से जुड़े कार्यों के लिए एक सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार के मुताबिक,विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लगातार यात्रा करनी पड़ती है। उन्हें लोगों की समस्याएँ सुनने,विकास कार्यों का निरीक्षण करने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करने के लिए नियमित रूप से अलग-अलग इलाकों में जाना होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी वाहन उपलब्ध होने से विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे। इसके जरिए वे लोगों से सीधे संपर्क बनाए रखने और उनकी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करने में सक्षम होंगे। सरकार का दावा है कि बेहतर परिवहन सुविधा से जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रशासनिक गतिविधियों में भी सुधार आएगा।
सरकार ने यह भी बताया कि मौजूदा विधानसभा में कई सदस्य पहली बार निर्वाचित होकर आए हैं। इनमें कुछ विधायक आर्थिक रूप से साधारण पृष्ठभूमि से भी आते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार,ऐसे जनप्रतिनिधियों के पास व्यापक स्तर पर निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने के लिए आवश्यक निजी वित्तीय और लॉजिस्टिक संसाधन हमेशा उपलब्ध नहीं हो सकते। इसलिए सरकार की ओर से वाहन और उससे जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
सरकारी वाहन के साथ प्रत्येक विधायक को ड्राइवर,ईंधन और वाहन के रखरखाव से जुड़े खर्चों के लिए 75 हजार रुपये का मासिक भत्ता भी दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक विधायक को निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित पत्राचार और अन्य आधिकारिक कामकाज में सहायता के लिए एक सचिव नियुक्त करने के उद्देश्य से 25 हजार रुपये प्रति माह का अनुदान दिया जाएगा। इस तरह विधायकों को वाहन सुविधा के साथ कार्यालयी और प्रशासनिक कार्यों के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोगों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहना पड़ता है। विधानसभा में बैठकर कानून बनाने के अलावा विधायकों की भूमिका अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी और नागरिकों के साथ संवाद बनाए रखने की भी होती है। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से विधायकों को अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी दावा किया कि बेहतर संसाधन उपलब्ध होने से पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। हालाँकि,इन सुविधाओं के जरिए शासन व्यवस्था में पारदर्शिता किस तरह सुनिश्चित होगी,इसका विस्तृत खाका सरकार की ओर से अभी सामने नहीं रखा गया है।
विधायकों के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा एक विधायक की मांग के बाद की गई। विधानसभा में विधायक जोतिमणि ने सदन में कहा था कि पर्याप्त लॉजिस्टिक सहायता के बिना जनप्रतिनिधियों के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से काम करना कठिन हो सकता है। उन्होंने सरकार से विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी 234 विधायकों के लिए इस सुविधा की घोषणा की।
हालाँकि,सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सभी 234 विधायकों को वाहन, ड्राइवर,ईंधन और रखरखाव की सुविधा उपलब्ध कराने में कुल कितना वित्तीय खर्च आएगा। इसके अलावा,इन नई सुविधाओं को किस तारीख से लागू किया जाएगा,इसकी भी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। इसलिए आने वाले दिनों में इससे संबंधित प्रशासनिक आदेश और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य बीमा कवरेज में पाँच गुना बढ़ोतरी और विधायकों के लिए सरकारी संसाधनों की घोषणा एक ही दिन में तमिलनाडु सरकार की ओर से किए गए दो महत्वपूर्ण फैसले हैं। एक ओर स्वास्थ्य बीमा की सीमा बढ़ाकर आम लोगों को महँगे इलाज के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा देने का प्रयास किया गया है,वहीं दूसरी ओर विधायकों के लिए वाहन और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराकर उनके क्षेत्रीय कामकाज को आसान बनाने की कोशिश की गई है।
25 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवरेज की घोषणा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है,क्योंकि गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार का खर्च कई परिवारों की आर्थिक क्षमता से बाहर जा सकता है। बढ़ा हुआ कवरेज ऐसे परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। वहीं,विधायकों के लिए घोषित सुविधाओं का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि इनका इस्तेमाल कितनी प्रभावी और पारदर्शी तरीके से किया जाता है।
अब सरकार के सामने इन दोनों घोषणाओं को जमीन पर लागू करने की चुनौती होगी। स्वास्थ्य बीमा कवरेज बढ़ाने के लिए अस्पतालों और बीमा व्यवस्था के साथ समन्वय जरूरी होगा,जबकि विधायकों के लिए वाहनों और भत्तों की व्यवस्था के लिए व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया तैयार करनी होगी। सरकार की ओर से लागू होने की तारीख और कुल वित्तीय भार की जानकारी सामने आने के बाद इन फैसलों का पूरा प्रभाव अधिक स्पष्ट हो सकेगा।
