नई दिल्ली,19 अगस्त (युआईटीवी)- राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी गई है। खेल मंत्रालय ने मंगलवार को विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों,प्रशिक्षकों और खेल संस्थाओं के नामों का ऐलान किया। इस वर्ष देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है। वहीं,17 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा एक खिलाड़ी को अर्जुन पुरस्कार लाइफटाइम के लिए चुना गया है। खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान को सम्मानित करने वाले इन पुरस्कारों के जरिए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी जाती है।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर पूरी की गई। समिति ने विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन,उपलब्धियों,नेतृत्व क्षमता,खेल भावना और अनुशासन सहित कई पहलुओं का मूल्यांकन किया। इसके बाद खेल मंत्रालय की ओर से पुरस्कारों की अंतिम घोषणा की गई।
इस बार सबसे अधिक चर्चा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार को लेकर है। देश के सर्वोच्च खेल सम्मान के लिए इस वर्ष किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया। खेल रत्न देश में किसी खिलाड़ी को दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है और आमतौर पर ओलंपिक,पैरालंपिक,विश्व चैंपियनशिप तथा अन्य प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में असाधारण प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को यह सम्मान दिया जाता है। इस बार किसी खिलाड़ी के नाम की घोषणा नहीं होने से पुरस्कारों की सूची में यह सबसे प्रमुख बदलाव रहा।
दूसरी ओर,अर्जुन पुरस्कार के लिए 17 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। इन खिलाड़ियों ने पिछले चार वर्षों के दौरान अपने-अपने खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है। अर्जुन पुरस्कार केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन को भी चयन का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। अलग-अलग खेलों से खिलाड़ियों को शामिल किए जाने से यह भी स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में खेलों की विविधता को महत्व दिया गया है।
एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर,मोहम्मद अजमल वी और प्रियंका गोस्वामी को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड तथा रेस वॉकिंग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनके चयन से भारतीय एथलेटिक्स के प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सम्मान मिला है।
बैडमिंटन में त्रिशा जॉली और पुलेला गायत्री गोपीचंद को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय बैडमिंटन ने पिछले कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है और इन खिलाड़ियों ने भी देश के लिए महत्वपूर्ण मुकाबलों में प्रभावी प्रदर्शन किया है। दोनों के चयन से भारतीय बैडमिंटन में उभरती प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
मुक्केबाजी में नरेंद्र को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं,शतरंज के क्षेत्र में विदित गुजराती और दिव्या देशमुख को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलेगा। भारतीय शतरंज लगातार वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच दिव्या देशमुख का चयन विशेष महत्व रखता है। विदित गुजराती भी लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।
बधिर शूटिंग में धनुष श्रीकांत को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। उनके चयन से खेलों में समावेशिता और अलग-अलग क्षमताओं वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने का संदेश मिलता है। भारतीय खिलाड़ियों ने बधिर और पैरा खेलों सहित विभिन्न श्रेणियों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है।
हॉकी के क्षेत्र से लालरेमसियामी और राजकुमार पाल को अर्जुन पुरस्कार दिया जाएगा। भारतीय हॉकी के लिए दोनों खिलाड़ियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। पुरुष और महिला हॉकी में भारतीय टीमों के प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों में सुधार देखने को मिला है और राष्ट्रीय पुरस्कारों में हॉकी खिलाड़ियों की मौजूदगी इस खेल की उपलब्धियों को रेखांकित करती है।
कबड्डी से सुजीत और पूजा को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं,पैरा शूटिंग में रुद्रांश खंडेलवाल और पैरा एथलेटिक्स में एकता भ्यान को सम्मानित किया जाएगा। पैरा खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में इन खिलाड़ियों का चयन भारत के पैरा खेलों में बढ़ती ताकत और प्रतिभा को दर्शाता है।
रोइंग में अरविंद सिंह और शूटिंग में अखिल श्योरण भी अर्जुन पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। इन दोनों खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया है। पुरस्कारों की सूची में इन खेलों के खिलाड़ियों को शामिल किए जाने से देश के विभिन्न ओलंपिक खेलों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अर्जुन पुरस्कार लाइफटाइम के लिए फुटबॉल खिलाड़ी आई अरुमनायगम का चयन किया गया है। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है,जिन्होंने अपने सक्रिय खेल करियर के बाद भी खेलों के विकास और प्रोत्साहन में योगदान देना जारी रखा हो। इस सम्मान के जरिए केवल मैदान पर उपलब्धियों को ही नहीं,बल्कि खेल के क्षेत्र में लंबे समय तक दिए गए योगदान को भी मान्यता दी जाती है।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में प्रशिक्षकों के योगदान को भी विशेष महत्व दिया गया है। द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025 के लिए एथलेटिक्स के परवीर सिंह,मुक्केबाजी के छोटे लाल यादव और शूटिंग की नेहा नंदकुमार चव्हाण को चुना गया है। द्रोणाचार्य पुरस्कार ऐसे प्रशिक्षकों को दिया जाता है,जिन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।
द्रोणाचार्य पुरस्कार लाइफटाइम के लिए मुक्केबाजी के धर्मेंद्र सिंह यादव और कुश्ती के वीरेंद्र कुमार का चयन किया गया है। यह सम्मान उन प्रशिक्षकों के लंबे समय तक दिए गए योगदान को पहचान देता है,जिन्होंने अपने करियर के दौरान खिलाड़ियों को तैयार करने और भारतीय खेलों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके अलावा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 के लिए पुणे स्थित आर्मी पैरालंपिक नोड का चयन किया गया है। यह सम्मान खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में उल्लेखनीय योगदान देने वाली संस्थाओं को दिया जाता है। आर्मी पैरालंपिक नोड का चयन पैरा खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए प्रयासों को सम्मानित करता है।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की इस वर्ष की सूची भारतीय खेल जगत की विविधता को सामने लाती है। एथलेटिक्स,बैडमिंटन,मुक्केबाजी,शतरंज,हॉकी,कबड्डी,पैरा खेल,रोइंग,शूटिंग और फुटबॉल जैसे अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों को सम्मान दिया गया है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि भारतीय खेलों में अब केवल कुछ पारंपरिक खेलों तक ही उपलब्धियाँ सीमित नहीं हैं।
हालाँकि,मेजर ध्यानचंद खेल रत्न के लिए किसी खिलाड़ी का चयन नहीं किया जाना इस वर्ष की पुरस्कार घोषणा का सबसे उल्लेखनीय पहलू है। वहीं,अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने गए 17 खिलाड़ियों और विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित प्रशिक्षकों एवं संस्थाओं की उपलब्धियाँ भारतीय खेलों की व्यापक प्रगति को दर्शाती हैं। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के जरिए मैदान पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ उन प्रशिक्षकों और संस्थाओं को भी पहचान दी गई है,जो पर्दे के पीछे रहकर खेल प्रतिभाओं को तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
