डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@wsyx6)

ट्रंप का फिर बड़ा दावा,बोले- ‘होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका का क्षेत्र’; ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे

वॉशिंगटन,22 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कैरोलिना के मर्टल बीच में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान एक बार फिर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र बताया। ट्रंप ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत कानूनी या क्षेत्रीय आधार पेश नहीं किया। रैली में उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपनी पुरानी चेतावनी दोहराई और कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार डार्लीन ग्राहम के समर्थन में आयोजित इस रैली में चुनाव प्रचार कर रहे थे।

ईरान का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान किसी समझौते के लिए बेहद बेताब है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ टकराव की वजह से उनके घरेलू आर्थिक कार्यक्रमों पर भी असर पड़ा है। ट्रंप ने कहा कि वह घरेलू मुद्दों पर काम करना पसंद करते हैं,लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम की वजह से उन्हें अपना ध्यान इस ओर केंद्रित करना पड़ा। उनके मुताबिक,ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की स्थिति में पहुँच रहा था और अमेरिका इसे स्वीकार नहीं कर सकता था।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकता। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने इस खतरे को खत्म कर दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने कार्रवाई करके ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया और अब उसके पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। हालाँकि,ट्रंप के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है।

रैली के दौरान ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर भी कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि ईरान को उसके सैन्य नेतृत्व और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप के अनुसार,ईरान की नौसेना,वायु सेना और रडार क्षमता को गंभीर क्षति पहुँची है और देश का विनिर्माण ढाँचा भी कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और दूसरे स्तर के नेतृत्व को भी भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि तीसरे स्तर के नेतृत्व के कुछ हिस्से भी समाप्त हो गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को हुए नुकसान का स्तर इतना बड़ा है कि अब संभावित बातचीत को आगे बढ़ाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि उनकी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यह है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर ईरान की ओर से बातचीत किससे की जाए। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव,परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर विवाद बेहद गंभीर बना हुआ है।

ट्रंप ने अपने भाषण में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका का क्षेत्र है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है और फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी तथा अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए इसकी रणनीतिक अहमियत बेहद अधिक मानी जाती है। हालाँकि,ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह इसे अमेरिका का क्षेत्र किस कानूनी या क्षेत्रीय आधार पर बता रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट का उल्लेख करते हुए ट्रंप का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस जलमार्ग को लेकर किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तत्काल असर डाल सकता है। बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का समुद्री परिवहन इसी मार्ग से होता है। ऐसे में यहाँ सैन्य या राजनीतिक तनाव बढ़ने पर तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका रहती है।

ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे टकराव को ऊर्जा कीमतों से भी जोड़ते हुए कहा कि मौजूदा संकट समाप्त होने के बाद तेल और पेट्रोल की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही ईरान के साथ अमेरिका का मामला खत्म होगा,तेल की कीमतें पहले की तुलना में भी कम हो जाएँगी। ट्रंप का यह बयान अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा कीमतों को लेकर उनके राजनीतिक संदेश का हिस्सा रहा।

रैली के दौरान ट्रंप ने बाद में ‘द स्नेक’ गीत भी सुनाया और इसके जरिए अपनी बात को आगे बढ़ाया। यह गीत उनकी चुनावी रैलियों में पहले भी सुनने को मिलता रहा है। वह अक्सर इसका इस्तेमाल अपनी आव्रजन नीतियों को लेकर अपने समर्थकों के बीच संदेश देने के लिए करते हैं। इस रैली में भी उन्होंने गीत के जरिए अपने राजनीतिक संदेश को दोहराया और ईरान समेत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को अपने व्यापक राजनीतिक एजेंडे से जोड़ा।

हालाँकि,मर्टल बीच की रैली का मुख्य उद्देश्य ईरान या विदेश नीति पर चर्चा करना नहीं था। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से रिपब्लिकन मतदाताओं को सीनेट के आगामी रनऑफ चुनाव के लिए डार्लीन ग्राहम के समर्थन में एकजुट करने के लिए आयोजित किया गया था। ट्रंप ने अपने समर्थकों से बार-बार कहा कि वे इस चुनाव को इस तरह लें,जैसे मतपत्र पर उनका अपना नाम मौजूद हो।

राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों से डार्लीन ग्राहम को समर्थन देने और उन्हें जीत दिलाने की अपील की। उन्होंने चुनाव को रिपब्लिकन पार्टी और अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप का प्रभाव दक्षिण कैरोलिना की रिपब्लिकन राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है और उनकी मौजूदगी को उम्मीदवार के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को सक्रिय करने की रणनीति के तौर पर देखा गया।

डार्लीन ग्राहम ने भी रैली में ट्रंप के प्रति अपनी मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह राष्ट्रपति के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेंगी। उन्होंने ट्रंप को अपना 100 प्रतिशत समर्थन देने की बात कही। इससे स्पष्ट है कि उनका चुनावी अभियान राष्ट्रपति के एजेंडे और उनकी लोकप्रियता को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की रणनीति पर जोर दे रहा है।

ट्रंप ने अपने भाषण में घरेलू राजनीति और विदेश नीति के मुद्दों को एक साथ जोड़ने की कोशिश की। एक तरफ उन्होंने अमेरिका में विनिर्माण, रोजगार और आर्थिक नीतियों की चर्चा की,तो दूसरी ओर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी कार्रवाई को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के तौर पर कई बार उन्हें घरेलू प्राथमिकताओं से ध्यान हटाकर अंतर्राष्ट्रीय संकटों पर ध्यान देना पड़ता है।

ईरान को लेकर ट्रंप का रुख पहले से ही बेहद सख्त रहा है। उनका कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने अपनी सरकार की कार्रवाई को सही ठहराते हुए दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुँचाया गया है। दूसरी ओर,ईरान और उसके सहयोगियों की ओर से अमेरिकी नीतियों की आलोचना होती रही है और क्षेत्र में तनाव को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।

होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र बताने वाले ट्रंप के बयान ने इस तनाव के बीच एक नया राजनीतिक संदेश जरूर दिया है। यह जलमार्ग किसी एक देश की सामान्य क्षेत्रीय सीमा के बजाय अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक मार्ग है। इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से इसके संबंध में दिया गया कोई भी दावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष ध्यान आकर्षित कर सकता है।

ट्रंप ने रैली के दौरान यह संदेश देने की कोशिश की कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करना नहीं,बल्कि परमाणु खतरे को समाप्त करना और भविष्य में अमेरिका तथा उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब पहले जैसी सैन्य स्थिति में नहीं है और उसके नेतृत्व तथा बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान हुआ है।

फिलहाल ट्रंप के दावों,विशेषकर ईरान की परमाणु क्षमता और सैन्य नुकसान को लेकर स्वतंत्र रूप से सत्यापित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनके बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति के राजनीतिक दावे के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं,होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उनकी टिप्पणी ने क्षेत्रीय संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।

मर्टल बीच की इस चुनावी रैली में ट्रंप ने विदेश नीति,ऊर्जा कीमतों,राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू राजनीति को एक ही मंच से जोड़ते हुए अपने समर्थकों को संदेश दिया। उनका जोर जहाँ ईरान को परमाणु हथियार से दूर रखने पर रहा,वहीं उन्होंने अमेरिकी मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लीन ग्राहम को समर्थन देने की अपील भी की। अब इस रैली के बाद एक ओर जहाँ दक्षिण कैरोलिना के रनऑफ चुनाव पर नजर रहेगी,वहीं ईरान और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप के बयानों पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा जारी रहने की संभावना है।