आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के अंतिम 16 में बनाई जगह (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के अंतिम 16 में बनाई जगह,लक्ष्य सेन हुए बड़े उलटफेर का शिकार

नई दिल्ली,20 अगस्त (युआईटीवी)- भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन करते हुए बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 के अंतिम 16 में जगह बना ली। 20 वर्षीय शेट्टी ने पुरुष एकल के दूसरे दौर में श्रीलंका के डुमिंडू अबेविक्रमा को सीधे गेमों में 21-8, 21-10 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मुकाबले में अपनी गति,सटीकता और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया और महज 26 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ शेट्टी प्रतियोगिता में बचे भारत के एकमात्र पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं।

शेट्टी ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। उन्होंने शुरुआती रैलियों में तेज गति से खेलते हुए अबेविक्रमा पर लगातार दबाव बनाया। भारतीय खिलाड़ी ने एक समय 8-0 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। श्रीलंकाई खिलाड़ी के लिए शेट्टी की गति और सटीक शॉट्स का सामना करना मुश्किल साबित हुआ। अबेविक्रमा लगातार रैलियों में अपनी स्थिति बनाने की कोशिश करते रहे,लेकिन शेट्टी ने कोर्ट पर शानदार मूवमेंट दिखाते हुए उन्हें आसानी से कोई मौका नहीं दिया।

भारतीय खिलाड़ी ने पहले गेम में लगातार आक्रामक खेल जारी रखा और इंटरवल तक 11-3 की बढ़त हासिल कर ली। शेट्टी ने रैलियों को अपने नियंत्रण में रखा और मौका मिलते ही तेज शॉट्स के जरिए अंक हासिल किए। दूसरी ओर,अबेविक्रमा को भारतीय खिलाड़ी के आक्रमण का जवाब देने में लगातार परेशानी हुई। शेट्टी की सटीकता और तेजी ने उन्हें गेम में वापसी का अवसर नहीं दिया।

इंटरवल के बाद भी शेट्टी ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने जल्द ही स्कोर को 20-8 तक पहुँचाया और गेम प्वाइंट हासिल कर लिया। इसके बाद उन्हें ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने पहला गेम 21-8 से अपने नाम कर लिया। पहला गेम जीतने में उन्हें केवल 11 मिनट लगे। शुरुआती गेम में शेट्टी के दबदबे से साफ हो गया था कि वह मुकाबले को लंबा खींचने के मूड में नहीं हैं।

दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने बिल्कुल वही रणनीति अपनाई। उन्होंने शांत रहते हुए अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित किया और अबेविक्रमा पर लगातार दबाव बनाए रखा। शेट्टी ने शुरुआती चरण में ही अपनी बढ़त बनानी शुरू कर दी। उनकी तेज गति और सटीक शॉट्स का श्रीलंकाई खिलाड़ी के पास कोई प्रभावी जवाब नहीं था। शेट्टी ने रैलियों को नियंत्रित करते हुए लगातार अंक जुटाए और गेम में अपनी स्थिति मजबूत करते गए।

हालाँकि, दूसरे गेम के आगे बढ़ने के साथ अबेविक्रमा ने कुछ बेहतर प्रतिरोध दिखाया। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी की बढ़त को कम करने की कोशिश की और 10 अंक तक पहुँचने में सफल रहे,लेकिन शेट्टी ने अपना नियंत्रण नहीं खोया। उन्होंने धैर्य के साथ खेलते हुए जरूरी मौकों पर आक्रामक शॉट लगाए और श्रीलंकाई खिलाड़ी को दबाव में बनाए रखा।

शेट्टी ने अंततः दूसरे गेम को 21-10 से जीत लिया। इस गेम को जीतने में उन्हें 15 मिनट लगे और इसके साथ ही उन्होंने मुकाबला सीधे गेमों में अपने नाम कर लिया। कुल 26 मिनट में मिली यह जीत उनके लिए विश्व चैंपियनशिप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। युवा भारतीय खिलाड़ी ने इस प्रदर्शन से यह भी साबित किया कि वह बड़े मंच पर दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।

आयुष शेट्टी का विश्व चैंपियनशिप अभियान पहले ही दौर से प्रभावशाली रहा है। दूसरे दौर में शानदार जीत से पहले उन्होंने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शी यू क्यूई के खिलाफ भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया था। शीर्ष वरीयता वाले खिलाड़ी के खिलाफ मिली उस जीत ने शेट्टी का आत्मविश्वास बढ़ाया और श्रीलंकाई खिलाड़ी के खिलाफ भी उन्होंने उसी आत्मविश्वास के साथ कोर्ट पर कदम रखा।

शेट्टी की लगातार जीत भारतीय पुरुष एकल वर्ग के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतियोगिता में अब वह देश की एकमात्र उम्मीद बचे हैं। बुधवार को ही भारत के स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन को अमेरिका के 18 वर्षीय गैरेट टैन के हाथों अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य सेन 14वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थे और उन्होंने 2021 की विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था। ऐसे में उनसे टूर्नामेंट में लंबी पारी की उम्मीद की जा रही थी,लेकिन उन्हें दूसरे दौर में ही बाहर होना पड़ा।

लक्ष्य सेन और गैरेट टैन के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया। एक गेम की बढ़त हासिल करने के बाद लक्ष्य के पास मुकाबले पर नियंत्रण बनाने का अच्छा मौका था। लेकिन युवा अमेरिकी खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और दूसरे गेम में वापसी करते हुए 21-19 से जीत दर्ज कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक तीसरे गेम में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। गैरेट टैन ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया और लक्ष्य सेन पर दबाव बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की,लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने अपनी बढ़त को बनाए रखा और अंततः तीसरा गेम 21-17 से जीत लिया। इस तरह गैरेट टैन ने 73 मिनट तक चले मुकाबले में लक्ष्य सेन को 19-21, 21-19, 21-17 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।

लक्ष्य की हार भारतीय बैडमिंटन के लिए निराशाजनक रही,लेकिन आयुष शेट्टी की जीत ने देश के अभियान को आगे बढ़ाने की उम्मीद कायम रखी है। शेट्टी ने जिस तरह पहले दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल की और फिर दूसरे दौर में सीधे गेमों में मुकाबला जीता,उससे उनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखाई दे रही है।

अब आयुष शेट्टी की नजर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर होगी। अंतिम 16 में उनके सामने चुनौती निश्चित रूप से पहले के मुकाबलों से कठिन होगी,लेकिन उनके मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बड़े मंच पर लगातार दो प्रभावशाली जीत हासिल करने के बाद शेट्टी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।

विश्व चैंपियनशिप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में युवा खिलाड़ियों के लिए दबाव के बीच प्रदर्शन करना आसान नहीं होता,लेकिन शेट्टी ने अब तक अपने शांत स्वभाव और आक्रामक खेल के बीच शानदार संतुलन दिखाया है। डुमिंडू अबेविक्रमा के खिलाफ मुकाबले में भी उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई और हर चरण में अपनी रणनीति पर कायम रहे।

अब भारत की उम्मीदें पूरी तरह आयुष शेट्टी पर टिकी हैं। लक्ष्य सेन के बाहर होने के बाद पुरुष एकल वर्ग में देश का अभियान आगे ले जाने की जिम्मेदारी इस युवा खिलाड़ी के कंधों पर आ गई है। शेट्टी के सामने अब चुनौती यह होगी कि वह अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए अंतिम 16 के मुकाबले में भी उसी आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करें। यदि वह अगले दौर में भी जीत हासिल करते हैं,तो विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक की उम्मीद और मजबूत हो जाएगी।