दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से मिली उमस से राहत,कई इलाकों में यातायात प्रभावित; मौसम विभाग का अलर्ट

नई दिल्ली,24 अगस्त (युआईटीवी)- दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और राजधानी के कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। सुबह और दिन के दौरान हुई बारिश से पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली। हालाँकि,तेज बारिश का असर राजधानी की रफ्तार पर भी दिखाई दिया। कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा होने और बारिश के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई। दक्षिण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में विशेष रूप से तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राजधानी के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन के दौरान कई इलाकों में और भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही आंधी-तूफान,बिजली कड़कने और तेज हवाएँ चलने की भी संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार,बारिश के दौरान हवा की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी दिल्ली,पूर्वी दिल्ली,शाहदरा,मध्य दिल्ली,उत्तर-पूर्वी दिल्ली,दक्षिण दिल्ली,नई दिल्ली,दक्षिण-पश्चिम दिल्ली,पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। इन इलाकों में तेज हवाएँ भी चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले स्थानों पर जाने से सावधान रहने की सलाह दी है।

राजधानी के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली,दक्षिण-पश्चिम दिल्ली,पश्चिमी दिल्ली,उत्तर-पश्चिम दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी और बिजली कड़कने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को भी सतर्क रहने की जरूरत है,क्योंकि भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

सोमवार को हुई बारिश का सबसे अधिक असर राजधानी की सड़कों पर देखने को मिला। बारिश के कारण कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार कम हुई और कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव बढ़ गया। दक्षिण दिल्ली में तेज बारिश के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी जमा होने की आशंका भी बढ़ गई है। दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या रही है और तेज बारिश होने पर कई सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो जाती है।

बारिश ने जहाँ लोगों को उमस से राहत दी,वहीं मौसम विभाग की चेतावनी ने चिंता भी बढ़ाई है। आंधी और बिजली गिरने की संभावना के चलते लोगों को खुले मैदान,पेड़ के नीचे और असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले रास्तों से सावधानीपूर्वक गुजरने की जरूरत है।

दिल्ली-एनसीआर के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश,बिहार,हरियाणा,राजस्थान,उत्तराखंड,हिमाचल प्रदेश,पंजाब,जम्मू-कश्मीर,झारखंड,मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,पश्चिम बंगाल,ओडिशा,आंध्र प्रदेश,तेलंगाना,कर्नाटक,तमिलनाडु, केरल और गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई है। पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम की स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील बताई गई है। दोनों राज्यों के कई जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। लगातार या अत्यधिक बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की जरूरत है,जबकि स्थानीय लोगों को भी मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश,राजस्थान,पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएँ भी हो सकती हैं। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बना रह सकता है। ऐसे में यात्रियों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

दूसरी ओर,बारिश के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता पूरी तरह साफ नहीं हो सकी। राजधानी में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रही। विभिन्न निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक के आँकड़ों में काफी अंतर देखने को मिला। मुंडका में एक्यूआई 122, सिरी फोर्ट में 108, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 91, पंजाबी बाग में 128, नरेला में 94, जहांगीरपुरी में 139, आरके पुरम में 114 और सोनिया विहार में 107 दर्ज किया गया।

द्वारका सेक्टर-8 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 174 दर्ज हुआ, जबकि चांदनी चौक में यह आंकड़ा 121 रहा। आनंद विहार में स्थिति अपेक्षाकृत अधिक खराब रही, जहाँ एक्यूआई 263 दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि बारिश के बावजूद राजधानी के सभी हिस्सों में वायु गुणवत्ता में समान सुधार नहीं हुआ है। कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर लोगों के लिए गर्मी और उमस से राहत लेकर आया है, लेकिन भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना के कारण सावधानी जरूरी है। मौसम विभाग ने जिस तरह कई इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है, उससे साफ है कि आने वाले घंटों में मौसम और सक्रिय हो सकता है। प्रशासन की ओर से जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

मौसम विभाग की सलाह के अनुसार लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बिजली कड़कने या तेज आंधी के समय खुले स्थानों पर खड़े होने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहना बेहतर होगा। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए फिलहाल बारिश राहत और चुनौती दोनों लेकर आई है,क्योंकि एक ओर उमस से राहत मिली है तो दूसरी ओर भारी बारिश के कारण यातायात,जलभराव और मौसम संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं।